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General Science
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मानव शरीर में वृहद पोषक तत्वों और जल-तथा-वसा में घुलनशील विटामिनों के जैव रासायनिक कार्यों तथा उनके चयापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'विटामिन B2' (राइबोफ्लेविन) के सक्रिय सह-एंजाइम रूप 'FMN' (फ्लैविन मोनोन्यूक्लियोटाइड) और 'FAD' (फ्लैविन एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड) हैं, जो क्रेब्स चक्र और इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला (ETC) के दौरान रेडॉक्स अभिक्रियाओं में हाइड्रोजन वाहक के रूप में कार्य करते हैं, और इसकी कमी से चीलोसिस (Cheilosis) व ग्लोसिटिस (Glossitis) होता है।
  2. 2. 'विटामिन B6' (पिरिडॉक्सिन) का सक्रिय सह-एंजाइम रूप 'पिरिडॉक्सल फॉस्फेट' (PLP) अमीनो अम्लों के ट्रांसमिनेशन, डीकार्बोक्सिलेशन और ग्लाइकोजेनोलिसिस प्रक्रिया से जुड़े फॉस्फोराइलेज एंजाइम के लिए अनिवार्य होता है।
  3. 3. 'विटामिन K' (फिलोक्विנון / नेप्थोक्विנון) यकृत में प्रोथ्रोम्बिन और अन्य रक्त स्कंदन कारकों (कारक VII, IX, X) के गामा-कार्बोक्सिलेशन के लिए एक आवश्यक सह-कारक है, जो रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया को सुगम बनाता है।
  4. 4. वसा में घुलनशील 'विटामिन D' केवल बाहरी आहार से प्राप्त होता है और मानव त्वचा में इसकी संश्लेषण प्रक्रिया पूरी तरह से असंभव है, क्योंकि पराबैंगनी किरणों (UV rays) का इसके निर्माण में कोई प्रत्यक्ष योगदान नहीं होता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सही हैं। विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन) के सक्रिय सह-एंजाइम FMN और FAD ऊर्जा चयापचय और इलेक्ट्रॉन परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विटामिन B6 का सक्रिय रूप PLP अमीनो अम्ल चयापचय और ग्लाइकोजेनोलिसिस के लिए आवश्यक है। विटामिन K यकृत में रक्त स्कंदन कारकों के गामा-कार्बोक्सिलेशन को प्रेरित करता है। वहीं, कथन 4 असत्य है क्योंकि विटामिन D का संश्लेषण मानव त्वचा में सूर्य के प्रकाश (UV किरणें) की उपस्थिति में कोलेस्ट्रॉल के व्युत्पन्न 7-डाइहाइड्रोकोलेस्ट्रॉल से होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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