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General Science
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परमाणु संरचना और उप-परमाणु कणों (Sub-atomic particles) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. चैडविक द्वारा खोजा गया न्यूट्रॉन एक आवेशहीन और उदासीन कण है, जिसका द्रव्यमान प्रोटॉन के द्रव्यमान से थोड़ा अधिक होता है, और यह हाइड्रोजन को छोड़कर सभी तत्वों के नाभिक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होता है।
- 2. पाउली के अपवर्जन सिद्धांत के अनुसार, किसी परमाणु में किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं का मान कभी भी सर्वसम (Identical) नहीं हो सकता है, अर्थात एक कक्षक में अधिकतम दो ही इलेक्ट्रॉन विपरीत चक्रण (Opposite spin) के साथ रह सकते हैं।
- 3. हुंड का अधिकतम बहुकता नियम (Hund's rule of maximum multiplicity) यह स्पष्ट करता है कि किसी उपकोश (Subshell) के कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन (Pairing) तब तक प्रारंभ नहीं होता है जब तक कि उस उपकोश के प्रत्येक कक्षक में एक-एक इलेक्ट्रॉन सममित रूप से न भर जाए और उनके चक्रण एक ही दिशा में न हों।
- 4. क्वाarks (क्वार्क्स) मूलभूत कण हैं जो प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का निर्माण करते हैं, और 'अप क्वार्क' ($u$) पर $+rac{2}{3}e$ तथा 'डाउन क्वार्क' ($d$) पर $-rac{1}{3}e$ का आंशिक आवेश होता है, जिससे प्रोटॉन का कुल आवेश $+1e$ बनता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन परमाणु संरचना और उप-परमाणु कणों के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। 1932 में जेम्स चैडविक ने न्यूट्रॉन की खोज की थी जो प्रोटॉन के साथ नाभिक का निर्माण करता है और हाइड्रोजन-1 (प्रोटियम) को छोड़कर सभी के नाभिक में होता है। पाउली अपवर्जन सिद्धांत और हुंड का नियम बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं में इलेक्ट्रॉनिक विन्यास को निर्धारित करने के मूलभूत सिद्धांत हैं। इसके अलावा, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन मौलिक रूप से क्वार्क्स (Quarks) से बने होते हैं; प्रोटॉन दो 'अप' और एक 'डाउन' क्वार्क ($uud$) से मिलकर बनता है, जिससे इसका कुल आवेश $+1e$ होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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यूकेरियोटिक कोशिका के अंतःझिल्ली तंत्र (Endomembrane System) और कोशिकांगों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulm - ER) का खुरदरा भाग (RER) राइबोसोम की उपस्थिति के कारण प्रोटीन संश्लेषण और उनके वसा में रूपांतरण के लिए उत्तरदायी है, जबकि चिकनी अंतर्द्रव्यी जालिका (SER) लिपिड, स्टेरॉयड हॉर्मोन और विषहरण (Detoxification) के प्रमुख स्थलों के रूप में कार्य करती है।
2. गॉल्जीकाय (Golgi Apparatus) का 'सिस' (Cis) या निर्माण चेहरा (Forming face) हमेशा प्लाज्मा झिल्ली की ओर होता है, जहाँ से रूपांतरित प्रोटीन और प्रोटीन्स के ग्लाइकोसिलेशन के पश्चात स्रावी पुटिकाएं (Secretory vesicles) परिपक्व होकर बाहर निकलती हैं।
3. लयनकाय (Lysosomes) में विभिन्न प्रकार के हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज, कार्बोहाइड्रेज) प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो अम्लीय pH (लगभग 5.0) पर सर्वाधिक सक्रिय होते हैं, और इस इष्टतम pH को बनाए रखने के लिए लाइसोसोम की झिल्ली पर प्रोटॉन पंप (ATPases) सक्रिय रूप से कार्य करते हैं।
4. माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर बनने वाले 'ऑक्सिसोम' (F0-F1 कण) ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलेशन के दौरान ATP के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं, और माइटोकॉन्ड्रिया का अपना खुद का द्विरज्जुकीय (Double-stranded) वृत्ताकार डीएनए और 70S प्रकार के राइबोसोम होते हैं, जो इसे 'अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग' (Semi-autonomous organelle) बनाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हॉर्मोनों के नियंत्रण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पीयूष ग्रंथि (Anterior pituitary) को उत्तेजित करता है ताकि वह ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) का स्रावण कर सके, जो जनन अंगों के विकास को नियंत्रित करते हैं।
2. एड्रिनल ग्रंथि का वल्कुट (Adrenal cortex) भाग 'कॉर्टिसोल' (Cortisol) हॉर्मोन का उत्पादन करता है, जो ग्लूकोनियोजेनेसिस, प्रोटीऑलिसिस और लाइपोलिसिस को प्रेरित करके रक्त में शर्करा के स्तर को बढ़ाता है तथा प्रतिरक्षी प्रतिक्रिया (Immune response) का दमन करता है।
3. थायराइड ग्रंथि की फोलिक्यूलर कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'कैल्सीटोनिन' (Calcitonin) हॉर्मोन रक्त में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है, क्योंकि यह हड्डियों के अवशोषण (Bone resorption) को उत्तेजित करता है और वृक्कों द्वारा कैल्शियम के पुनअवशोषण को रोकता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मोल अवधारणा?
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आवर्त सारणी के तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी परमाणु की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर इसका मान लगातार अधिक ऋणात्मक होता जाता है, जबकि उत्कृष्ट गैसों (Noble gases) के लिए यह अधिकतम धनात्मक होता है क्योंकि उनके बाह्यतम कोश पूरी तरह भरे होते हैं।
2. 'पॉलिंग पैमाने' के अनुसार विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) एक परमाणु की सहसंयोजक बंध में साझा किए गए इलेक्ट्रॉन युग्म को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता की माप है, और आवर्त सारणी में वर्ग में नीचे जाने पर विद्युत ऋणात्मकता का मान घटता है।
3. किसी उदासीन गैसीय परमाणु से एक इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालकर उसे धनायन में बदलने के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा को आयनन एन्थैल्पी (Ionization Enthalpy) कहते हैं, और आवर्त सारणी के किसी आवर्त में क्षार धातुओं से उत्कृष्ट गैसों की ओर जाने पर इसका मान सामान्यतः बढ़ता है, हालांकि कुछ अपवाद भी देखे जाते हैं।
4. आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन होते हैं, जिसे सबसे पहले मोजले द्वारा प्रतिपादित किया गया था, और यह सारणी बोर के परमाणु मॉडल के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (s, p, d, f ब्लॉकों) पर आधारित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक का विद्युत प्रतिरोध (Electrical Resistance) उसकी लंबाई के सीधे समानुपाती और उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है, तथा प्रतिरोधकता (Resistivity) का मान चालक के पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करता है, न कि उसकी लंबाई या मोटाई पर।
2. जब विभिन्न प्रतिरोधकों को समानांतर क्रम (Parallel combination) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध सबसे छोटे व्यक्तिगत प्रतिरोध से भी कम होता है, और प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों पर विभवांतर भिन्न-भिन्न होता है।
3. किर्चॉफ का प्रथम नियम (संधि नियम / Kirchhoff's Current Law) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली सभी धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
4. आंतरिक प्रतिरोध ($r$) वाले किसी सेल से जब कोई बाह्य प्रतिरोध ($R$) जोड़ा जाता है, तो सेल के सिरों का टर्मिनल विभवांतर हमेशा उसके विद्युत वाहक बल (emf) से अधिक होता है क्योंकि आंतरिक प्रतिरोध के कारण विभव पतन जुड़ जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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