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General Science
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जीवाश्मों के विकासवादी इतिहास और आनुवंशिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, किसी आदर्श आबादी में अलील (Allele) और जीनोटाइप आवृत्तियां पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते आबादी में उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक विचलन (Genetic drift) और जीन प्रवाह का अभाव हो।
- 2. 'अनुवंशिक अपवाह' (Genetic drift) छोटे आकार की आबादी में अधिक प्रभावशाली होता है, और इसमें 'संस्थापक प्रभाव' (Founder effect) तथा 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck effect) जैसी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं जो जीन पूल में विविधता को कम कर सकती हैं।
- 3. लामार्कवाद (Lamarckism) के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' के सिद्धांत को अगस्त वीजमैन (August Weismann) द्वारा अपने चूहे की पूंछ काटने वाले प्रयोग के माध्यम से पूरी तरह खारिज कर दिया गया था, जिसमें उन्होंने यह सिद्ध किया कि सोमेटिक कोशिकाओं (कायिक कोशिकाओं) में होने वाले परिवर्तन अगली पीढ़ी में स्थानांतरित नहीं होते हैं।
- 4. समजात अंग (Homologous organs) वे अंग होते हैं जिनकी मूल संरचना और भ्रूणय उत्पत्ति भिन्न होती है, लेकिन उनके कार्य समान होते हैं, जो कि अभिसारी विकास (Convergent evolution) का प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के विकल्पों का विश्लेषण इस प्रकार है: कथन 1 सही है क्योंकि हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था के अनुसार बड़े आकार की यादृच्छिक संगामी आबादी में अलील आवृत्तियां स्थिर रहती हैं जब तक कि कोई विकासात्मक बल कार्य न करे। कथन 2 सही है; आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift) छोटे समूहों में अधिक प्रभावी होता है जहाँ संस्थापक प्रभाव और बॉटलनेक प्रभाव से विविधता घटती है। कथन 3 सही है, वीजमैन के जर्मप्लाज्म सिद्धांत ने कायिक परिवर्तनों की वंशागति को असत्य सिद्ध किया। कथन 4 गलत है क्योंकि समजात अंग (Homologous organs) वे होते हैं जिनकी उत्पत्ति और मूल संरचना समान होती है लेकिन कार्य भिन्न होते हैं, और यह **विकिपीडिया संदर्भ** के अनुसार 'अपसारी विकास' (Divergent evolution) को दर्शाते हैं, जबकि अभिसारी विकास को 'समवृत्ति अंग' दर्शाते हैं। अतः सही संयोजन केवल 1, 2 और 3 है।
Related Questions
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मानव शरीर में होने वाले संक्रामक रोगों और उनके रोगजनकों (Pathogens) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'टिटनेस' (Tetanus) का रोगजनक 'क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी' (Clostridium tetani) एक जीवाणु है, जो एक एक्सोटॉक्सिन 'टेटनोस्पैस्मिन' का उत्पादन करता है, जिससे कंकाल की पेशियों में अनैच्छिक और दर्दनाक संकुचन (Spasms) होने लगते हैं।
2. 'रेबीज' (Rabies) एक विषाणु जनित रोग है जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और इसके संक्रमण के लिए 'नेग्री बॉडीज' (Negri bodies) की उपस्थिति मस्तिष्क की कोशिकाओं में एक महत्वपूर्ण नैदानिक विशेषता है।
3. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy) जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से त्वचा और परिधीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हार्मोनल नियंत्रण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'सोमाटोसटेटिन' (Somatostatin) हार्मोन अग्र पीयूष ग्रंथि (Anterior pituitary gland) से वृद्धि हार्मोन (Growth Hormone) के स्राव को रोकता है।
2. एड्रेनल ग्रंथि का मेडुला भाग 'एपिनफ्राइन' और 'नॉरएपिनफ्राइन' हार्मोन का स्राव करता है, जो आपातकालीन परिस्थितियों में 'फाइट-ऑर-फ्लाईट' (Fight-or-Flight) प्रतिक्रिया को नियंत्रित करते हैं।
3. थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित कैल्सीटोनिन (Calcitonin) हार्मोन रक्त में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाता है, जबकि पैराथायराइड हार्मोन (PTH) रक्त में कैल्शियम के स्तर को घटाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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द्रवों के यांत्रिक गुणों (Mechanical Properties of Fluids) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface tension) ताप बढ़ने पर घट जाता है, क्योंकि ताप बढ़ने से अणुओं की ऊष्मीय ऊर्जा बढ़ जाती है और उनके बीच का संसंजन बल (Cohesive force) कमजोर हो जाता है।
2. श्यानता (Viscosity) द्रवों और गैसों दोनों का गुण है, किंतु जहाँ ताप बढ़ने पर द्रवों की श्यानता घट जाती है, वहीं गैसों की श्यानता ताप बढ़ने पर बढ़ जाती है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में डुबोया जाता है, तो उस पर ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावक बल (Buoyant force) वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है और यह बल डूबे हुए भाग के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है।
4. केशिकत्व (Capillarity) की परिघटना के कारण जल किसी केशिका नली में ऊपर चढ़ता है क्योंकि जल के लिए संसंजन बल का मान आसंजन बल (Adhesive force) से अधिक होता है, जिसके विस्तृत विवरण के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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केपलर के ग्रहों की गति के नियमों और उपग्रहों की कक्षीय गति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केपलर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) इस तथ्य पर आधारित है कि केंद्रीय बलों (जैसे गुरुत्वाकर्षण बल) के अंतर्गत गति करते हुए किसी ग्रह का कोणीय संवेग संरक्षित रहता है, जिससे ग्रह सूर्य के निकट होने पर अधिक तीव्र गति से चलता है।
2. दीर्घवृत्ताकार कक्षा में चक्कर लगा रहे उपग्रह की कुल ऊर्जा (यांत्रिक ऊर्जा) ऋणात्मक होती है, जो यह दर्शाती है कि उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बंधा हुआ है और उसे अनंत तक भेजने के लिए बाह्य ऊर्जा की आवश्यकता होगी।
3. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) की पृथ्वी की सतह से ऊँचाई लगभग 36,000 किमी होती है, और यह उपग्रह पृथ्वी की घूर्णन दिशा के विपरीत पूर्व से पश्चिम की ओर अपनी कक्षा में परिक्रमण करता है।
4. किसी उपग्रह के अंदर स्थित अंतरिक्ष यात्री को भारहीनता (Weightlessness) का अनुभव इसलिए होता है क्योंकि उपग्रह और उसमें स्थित यात्री दोनों पृथ्वी के केंद्र की ओर समान त्वरण (गुरुत्वीय त्वरण) से मुक्त पतन की स्थिति में होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) में कार्बन परमाणु आपस में एकल बंध द्वारा जुड़े होते हैं और इनका सामान्य सूत्र $C_n{H_{2n+2}}$ होता है, जो प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं (Substitution reactions) में आसानी से भाग लेते हैं।
2. जब पेट्रोलियम का आंशिक आसवन (Fractional Distillation) किया जाता है, तो उच्च क्वथनांक वाले अंश सबसे पहले वाष्पित होकर ऊपर उठते हैं, जबकि निम्न क्वथनांक वाले भारी अंश (जैसे डामर या बिटुमिन) सबसे नीचे अवशेष के रूप में प्राप्त होते हैं।
3. ऐल्काइन्स (Alkynes) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें कम से कम एक त्रिक बंध (Triple bond) पाया जाता है, और इनका सामान्य सूत्र $C_n{H_{2n-2}}$ होता है, तथा ये योगात्मक (Addition) और अम्लीय प्रकृति प्रदर्शित करते हैं।
4. गैसोलीन की गुणवत्ता का निर्धारण 'ऑक्टेन संख्या' (Octane Number) द्वारा किया जाता है, जिसमें उच्च ऑक्टेन रेटिंग के लिए 'n-हेप्टेन' को सर्वोत्तम मानक माना जाता है जबकि 'आइसो-ऑक्टेन' को निकृष्ट ईंधन माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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