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General Science
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भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. पारsec (Parsec) - खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी इकाई, जो लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होती है।
- 2. पास्कल सेकंड (Pascal-second) - तरल पदार्थों की श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) की SI इकाई है।
- 3. प्रकाश वर्ष (Light-year) - समय मापने की एक इकाई है जिसका उपयोग ब्रह्मांडीय आयु की गणना के लिए किया जाता है।
- 4. बार (Bar) - वायुमंडलीय दाब को मापने की इकाई है, जो 10^5 पास्कल के समतुल्य होती है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न में दिए गए कथनों का विश्लेषण इस प्रकार है: कथन 1 सही है क्योंकि पारसेक (Parsec) खगोलीय पिंडों की अत्यधिक दूरी मापने की सबसे बड़ी इकाई है और 1 पारसेक लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होता है। कथन 2 सही है क्योंकि पास्कल-सेकंड (Pa·s) श्यानता गुणांक की एसआई (SI) इकाई है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'प्रकाश वर्ष' (Light-year) समय की नहीं बल्कि दूरी की इकाई है (यह एक वर्ष में प्रकाश द्वारा तय की गई दूरी है)। कथन 4 सही है क्योंकि बार (Bar) दाब का एक मात्रक है और 1 बार = 10^5 Pa होता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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मानव शरीर के विभिन्न शारीरिक तंत्रों—पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र—की सूक्ष्म क्रियात्मक एवं नियमन प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय की मुख्य या पैप्टिक कोशिकाएँ (Chief or Peptic cells) 'प्रोएन्जाइम पेप्सिनोजेन' का स्रावण करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित होकर प्रोटीन को प्रोटीएज और पेप्टोन में जल-अपघटित करता है।
2. फेफड़ों में गैसीय विनिमय के दौरान, जब रक्त सक्रिय ऊतकों से गुजरता है जहाँ उच्च $CO_2$ सांद्रता, उच्च तापमान और कम $pH$ होता है, तो हीमोग्लोबिन की ऑक्सीजन के प्रति बंधुता घट जाती है, जिससे ऑक्सीजन का विमोचन आसान हो जाता है, जिसे 'बोर प्रभाव' (Bohr effect) कहा जाता है।
3. मानव हृदय के संवहन तंत्र में 'सिनोएट्रियल नोड' (SA Node) प्राकृतिक पेसमेकर के रूप में कार्य करता है, जबकि 'एट्रियोवेंट्रिकुलर नोड' (AV Node) आवेगों में थोड़ा विलंब उत्पन्न करता है ताकि आलिंदों का संकुचन निलयों के संकुचन से पूर्णतः पहले हो सके।
4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में तंत्रिका तंतुओं पर माइलिन आच्छद (Myelin sheath) का निर्माण 'शवान कोशिकाओं' (Schwann cells) द्वारा किया जाता है, जो तंत्रिका आवेगों के संचरण की गति को धीमा कर देती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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चुंबक का ध्रुव?
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विद्युत परिपथों और किचहोफ के नियमों (Kirchhoff's Laws) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किचहोफ का प्रथम नियम (धारा नियम या KCL) आवेश संरक्षण के सिद्धांत (Conservation of Charge) पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली सभी धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
2. किचहोफ का द्वितीय नियम (वोल्टेज नियम या KVL) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जो यह बताता है कि किसी बंद पाश (Closed loop) में कुल विभव परिवर्तनों का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
3. व्हीटस्टोन ब्रिज (Wheatstone Bridge) का उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को मापने के लिए किया जाता है, और यह संतुलन की स्थिति में तब होता है जब धारामापी (Galvanometer) में कोई विक्षेप नहीं होता है, यानी $P/Q = R/S$।
4. किसी सेल का आंतरिक प्रतिरोध (Internal Resistance) उसके टर्मिनल विभवांतर को बढ़ाने का कार्य करता है जब सेल से कोई विद्युत धारा ली जा रही हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विटामिन B12 का रासायनिक नाम क्या है?
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द्रव की बूंदों के गोलीय आकार ग्रहण करने, केशनली में द्रव के ऊपर चढ़ने (केशिकात्व) तथा विसरित होने वाले संपीड़ित द्रवों के श्यानकीय व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की बूंद का पृष्ठ तनाव (Surface Tension) उसके पृष्ठ क्षेत्रफल को न्यूनतम करने का प्रयास करता है, जिससे स्वतंत्र रूप से गिरती हुई या लटकी हुई द्रव की बूंदें न्यूनतम पृष्ठीय क्षेत्रफल वाले गोलीय आकार को प्राप्त करती हैं।
2. केशनली में द्रव के ऊपर चढ़ने की ऊँचाई (h) केशनली की त्रिज्या (r) के सीधे समानुपाती होती है, अर्थात् जितनी पतلی केशनली होगी, द्रव उतनी ही कम ऊँचाई तक चढ़ेगा।
3. श्यानता (Viscosity) द्रवों का वह आंतरिक गुण है जिसके कारण द्रव की विभिन्न परतों के बीच सापेक्ष गति का विरोध होता है, और तापमान में वृद्धि होने पर द्रवों की श्यानता घट जाती है, जबकि गैसों की श्यानता बढ़ जाती है।
4. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में पूर्णतः या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर आभासी भार में कमी का अनुभव करती है, और उत्प्लावन बल का केंद्र विस्थापित द्रव के आयतन के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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