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आवृतबीजी (Angiosperms) पौधों में प्रकाश संश्लेषण के कैल्विन चक्र (C3 चक्र) और C4 पौधों की आंतरिक शारीरिकी (Kranz anatomy) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. C3 पौधों में प्रकाश संश्लेषण के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड का प्रथम स्थायी उत्पाद 3-कार्बन यौगिक (3-Phosphoglyceric acid) होता है, और इसमें RuBisCO एंजाइम कार्बोक्सिलेशन के साथ-साथ ऑक्सीजनेशन (Photorespiration) की क्रिया भी उत्प्रेरित करता है।
- 2. C4 पौधों में 'क्रान्ज शारीरिकी' (Kranz anatomy) पाई जाती है, जहाँ पर्णमध्योतक (Mesophyll) कोशिकाओं में PEP carboxylase एंजाइम द्वारा $CO_2$ का स्थिरीकरण होता है, जिससे मैलिक एसिड या ऑक्जेलोएसेटिक एसिड बनता है जो बाद में पूch-आच्छद (Bundle sheath) कोशिकाओं में स्थानांतरित हो जाता है।
- 3. प्रकाश श्वसन (Photorespiration) एक ऊर्जा-व्यर्थ करने वाली प्रक्रिया है जो C3 पौधों में उच्च प्रकाश तीव्रता, कम $CO_2$ और उच्च $O_2$ सांद्रता के कारण होती है, जबकि C4 पौधों में इस प्रक्रिया का अभाव होता है क्योंकि उनमें RuBisCO उच्च $CO_2$ सांद्रता वाले क्षेत्र में रहता है।
- 4. पादप हार्मोन 'साइटोकाइनिन' (Cytokinin) और 'एब्सिसिक एसिड' (ABA) दोनों प्रकाश संश्लेषण को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं, जहाँ साइटोकाइनिन क्लोरोफिल के क्षس को रोकता है और हरित लवक के विकास को प्रेरित करता है, जबकि एब्सिसिक एसिड पर्णरंध्रों को खोलकर $CO_2$ के प्रवेश को अधिकतम करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। C3 पौधों में RuBisCO एंजाइम मुख्य रूप से कार्य करता है लेकिन यह ऑक्सीजनेज के रूप में भी कार्य कर सकता है जिससे प्रकाश श्वसन होता है। C4 पौधों में 'क्रान्ज शारीरिकी' पाई जाती है जहाँ PEPcase एंजाइम के माध्यम से $CO_2$ का संचयन होता है और C4 चक्र प्रकाश श्वसन को प्रभावी रूप से न्यूनतम करता है। कथन 4 असत्य है क्योंकि एब्सिसिक एसिड (ABA) सूखे या तनाव की स्थिति में पर्णरंध्रों को बंद करने (खोलने के बजाय) को प्रेरित करता है ताकि वाष्पोत्सर्जन को रोका जा सके। इस विषय पर विस्तृत जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
Related Questions
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हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था (Hardy-Weinberg Equilibrium) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वेनबर्ग सिद्धांत के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाले जनसमुदाय में जीन आवृत्तियाँ (Allele Frequencies) पीढ़ियों तक स्थिर और अचर बनी रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक अपवाह, जीन प्रवाह और गैर-यादृच्छिक संभोग जैसे विकासवादी कारक प्रभावी न हों।
2. यदि किसी द्विगुणिता (Diploid) जनसमुदाय में एक निश्चित जीन लोकी पर दो एलील 'A' और 'a' हैं, जिनकी आवृत्तियाँ क्रमशः $p$ और $q$ हैं, तो इस जनसमुदाय में विषमयुग्मजी (Heterozygous, Aa) जीनोटाइप की अपेक्षित आवृत्ति $2pq$ द्वारा दी जाती है।
3. प्राकृतिक चयन (Natural Selection) की प्रक्रिया हमेशा हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था को बनाए रखती है क्योंकि यह जनसमुदाय के सभी सदस्यों की उत्तरजीविता और प्रजनन क्षमता को समान रूप से बढ़ावा देती है।
4. आनुवंशिक अपवाह (Genetic Drift) एक ऐसा प्रक्रम है जो छोटे जनसमुदायों में यादृच्छिक कारणों से एलील आवृत्तियों में महत्वपूर्ण परिवर्तन उत्पन्न करता है, जिससे हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था भंग हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) और लेंसों के अपवर्तन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और वह अभिसारी (Converging) लेंस के बजाय अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है。
2. लेंस निर्माता का सूत्र (Lens Maker's Formula) इस बात पर निर्भर करता है कि लेंस के दोनों तरफ का माध्यम समान है या भिन्न, और यह लेंस की वक्रता त्रिज्या तथा अपवर्तनांक को आपस में जोड़ता है。
3. संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope) की आवर्धन क्षमता बढ़ाने के लिए अभिदृश्यक लेंस (Objective lens) और नेत्रिका (Eyepiece) दोनों की फोकस दूरी बहुत अधिक होनी चाहिए।
4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की घटना के लिए प्रकाश किरण का सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना आवश्यक है, तथा आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक होना चाहिए。
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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ससंजक बल, श्यानता गुणांक और आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुप्रयोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. साबुन के घोल में पानी मिलाने से उसका पृष्ठ तनाव कम हो जाता है, जिसके कारण वह मैلا-कुचैला कपड़ों के रेशों में गहराई तक प्रवेश कर जाता है और सफाई अधिक प्रभावी ढंग से होती है।
2. 'स्टोक्स का नियम' (Stokes' Law) किसी श्यान माध्यम में गिरने वाले छोटे गोलीय पिंड पर लगने वाले श्यान बल को निर्धारित करता है, जिसके अनुसार सीमांत वेग (Terminal velocity) गोले की त्रिज्या के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होता है।
3. जब कोई ठोस वस्तु किसी तरल में पूर्ण रूप से डुबोई जाती है, तो उस पर लगने वाला उत्प्लावक बल (Buoyant force) केवल वस्तु के आयतन और तरल के घनत्व पर निर्भर करता है, न कि उस गहराई पर जिस पर वस्तु तरल के भीतर स्थित है।
4. किसी जल से भरे बीकर में बर्फ का टुकड़ा तैर रहा है, और जब बर्फ पूरी तरह पिघल जाती है, तो बीकर में जल का स्तर थोड़ा बढ़ जाता है क्योंकि बर्फ का घनत्व द्रव जल की तुलना में कम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में वृहद पोषक तत्वों और उनके जैव-रासायनिक उपापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्लाइकोजेनोलिसिस (Glycogenolysis) वह प्रक्रिया है जिसमें यकृत और कंकाल पेशियों में संचित ग्लाइकोजन का ग्लूकोज-1-फास्फेट में अपघटन होता है, जिसे 'ग्लाइकोजन फास्फोराइलेज' एंजाइम उत्प्रेरित करता है।
2. ग्लूकोनियोजेनेसिस (Gluconeogenesis) के दौरान, गैर-कार्बोहाइड्रेट स्रोतों जैसे कि लैक्टेट, ग्लिसरोल और ग्लूकोजेनिक अमीनो अम्ल से ग्लूकोज का संश्लेषण होता है, जो मुख्य रूप से अग्न्याशय की बीटा कोशिकाओं में संपन्न होता है।
3. वसा अम्लों के बीटा-ऑक्सीडेशन (Beta-oxidation) की प्रक्रिया माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में होती है, जिससे एसिटाइल-CoA के अणु बनते हैं जो सीधे क्रेब्स चक्र में प्रवेश करके एटीपी का उत्पादन करते हैं।
4. प्रोटीन कुपोषण के कारण होने वाले गंभीर विकार 'क्वाशियोकोर' (Kwashiorkor) में केवल कैलोरी की भारी कमी होती है, जबकि 'मॅरास्मस' (Marasmus) प्रोटीन और कुल कैलोरी दोनों की भीषण कमी के कारण उत्पन्न होता है और इसमें एडिमा (Edema) प्रमुख लक्षण के रूप में देखा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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ध्वनि तरंगों के संचरण और भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी माध्यम में ध्वनि की चाल माध्यम की प्रत्यास्थता (Elasticity) के वर्गमूल के अनुक्रमानुपाती और माध्यम के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है, यही कारण है कि हाइड्रोजन गैस में ध्वनि की चाल ऑक्सीजन गैस की तुलना में अधिक होती है।
2. 'अनुनाद' (Resonance) की परिघटना तब घटित होती है जब किसी वस्तु पर आरोपित बाहरी आवर्ती बल की आवृत्ति उस वस्तु की स्वाभाविक आवृत्ति (Natural frequency) के बराबर हो जाती है, जिससे आयाम में अत्यधिक वृद्धि होती है।
3. जब ध्वनि तरंगें एक माध्यम से दूसरे माध्यम में अपवर्तित होती हैं, तो उनकी चाल और तरंगदैर्ध्य दोनों बदल जाते हैं, परंतु उनकी आवृत्ति (Frequency) अपरिवर्तित रहती है।
4. श्रव्यता की परास से अधिक आवृत्ति वाली 'पराश्रव्य तरंगें' (Ultrasound) हवा की तुलना में निर्वात में अत्यंत तीव्र गति से संचरण करती हैं क्योंकि निर्वात में कणों का कोई प्रतिरोध नहीं होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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