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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) के सिद्धांतों और अनुप्रयोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. फैराडे के प्रथम नियम के अनुसार, जब भी किसी बंद कुंडली से संबंधित चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होता है, तो उस कुंडली में एक प्रेरित विद्युत वाहक बल (emf) उत्पन्न होता है, जो तब तक बना रहता है जब तक फ्लक्स परिवर्तन की यह प्रक्रिया जारी रहती है।
- 2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का एक प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसके अनुसार प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
- 3. जब किसी चालक छड़ को एकसमान चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत एक नियत वेग से गति कराया जाता है, तो छड़ के सिरों के बीच उत्पन्न प्रेरित विद्युत वाहक बल छड़ की लंबाई, चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता और उसके वेग के गुणनफल के सीधे आनुपातिक होता है।
- 4. भँवर धाराएँ (Eddy Currents), जिन्हें 'फूको धाराएँ' भी कहा जाता है, केवल अनुप्रस्थ चुंबकीय क्षेत्र में रखी कुंडलियों में उत्पन्न होती हैं और इनका उपयोग किसी भी स्थिति में ऊर्जा को नियंत्रित करने या अवमंदित (Damping) करने के लिए नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
विद्युत चुंबकीय प्रेरण के अंतर्गत फैराडे के नियम और लेंज का नियम अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। कथन 1, 2 और 3 पूरी तरह सही हैं क्योंकि फैराडे का नियम चुंबकीय फ्लक्स परिवर्तन और प्रेरित ईएमएफ को परिभाषित करता है, लेंज का नियम ऊर्जा संरक्षण का पालन करता है, और गतिशीलता के कारण उत्पन्न प्रेरित ईएमएफ $e = Blv$ होता है। कथन 4 गलत है क्योंकि भँवर धाराएँ (Eddy Currents) ठोस चालकों में उत्पन्न होती हैं और इनका उपयोग विद्युत चुम्बकीय ब्रेक और अवमंदन (Damping) में व्यापक रूप से किया जाता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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विलयन के अणुसंख्यक गुणों (Colligative properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) की क्रियाविधि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन के वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह राउल्ट के नियम द्वारा निर्धारित होता है।
2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान यदि किसी वैद्युत अपघट्य के जलीय विलयन में संगुणन (Association) होता है, तो 1 से कम होता है, जबकि पूर्ण वियोजन की स्थिति में यह उत्पन्न होने वाले कुल आयनों की संख्या के बराबर होता है।
3. समांगी और विषमांगी उत्प्रेरण में, उत्प्रेरक रासायनिक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation energy) को बढ़ा देता है, जिससे अभिकारकों के अणुओं को ऊर्जा अवरोध पार करने में आसानी होती है और अभिक्रिया की दर तीव्र हो जाती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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तरंग गति और ध्वनि तरंगों के भौतिक गुणों तथा अनुनाद के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी गैस में ध्वनि तरंगों का संचरण एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रम होता है, जिसके कारण लाप्लास ने न्यूटन के समतापीय मॉडल में संशोधन करते हुए ध्वनि की चाल के सूत्र में $V = \sqrt{\gamma P / d}$ व्युत्पन्न किया, जहाँ $\gamma$ गैस की दो विशिष्ट ऊष्माओं का अनुपात ($C_p/C_v$) है।
2. अनुनाद (Resonance) की स्थिति में जब किसी वस्तु की प्राकृतिक आवृत्ति किसी बाहरी आवर्ती बल की आवृत्ति के बराबर हो जाती है, तो वस्तु द्वारा अवशोषित ऊर्जा अधिकतम होती है और उसका आयाम (Amplitude) अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे सेना के टुकड़ियों को पुल पार करते समय कदम तोड़कर (Break step) चलने का निर्देश दिया जाता है।
3. डॉप्लर प्रभाव (Doppler Effect) के अनुसार, जब ध्वनि स्रोत और श्रोता एक-दूसरे की ओर गति करते हैं, तो श्रोता द्वारा सुनी गई आभासी आवृत्ति में वृद्धि होती है, और यह प्रभाव केवल अनुदैर्ध्य ध्वनि तरंगों पर लागू होता है तथा निर्वात में गतिमान प्रकाश तरंगों पर इस सिद्धांत का कोई अस्तित्व नहीं होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) की अवधारणाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आयनिक बंध (Ionic bond) का निर्माण दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की पूर्ण स्थानांतरण प्रक्रिया द्वारा होता है, और जालक एंथैल्पी (Lattice enthalpy) का उच्च मान आयनिक यौगिक के स्थायित्व को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2. लुईस अम्ल वे रासायनिक स्पीशीज हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं, जबकि ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के अनुसार अम्ल वे पदार्थ हैं जो प्रोटॉन ($H^+$) दान करने की प्रवृत्ति रखते हैं।
3. जब किसी प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार से बने लवण (जैसे अमोनियम क्लोराइड - $NH_4Cl$) का जल अपघटन किया जाता है, तो प्राप्त जलीय विलयन की प्रकृति क्षारीय होती है और इसका pH मान 7 से अधिक होता है।
4. जल का स्व-आयनन (Self-ionization) एक ऊष्माशोषी प्रक्रम है, जिसके कारण तापमान में वृद्धि होने पर जल का आयनिक गुणनफल ($K_w$) बढ़ जाता है, किंतु शुद्ध जल का pH मान 7 से कम हो जाने के बावजूद वह उदासीन ही रहता है क्योंकि उसमें $[H^+]$ और $[OH^-]$ की सांद्रता समान होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कृत्रिम उपग्रहों की गति और गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा (Elliptical Orbit) में परिक्रमा कर रहे उपग्रह की कुल ऊर्जा (गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग) ऋणात्मक होती है, जो यह दर्शाती है कि उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बंधन में बंधा हुआ है।
2. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) की परिक्रमण अवधि ठीक 24 घंटे होती है और यह हमेशा विषुवत वृत्त (Equator) के ठीक ऊपर पश्चिम से पूर्व दिशा में पृथ्वी की घूर्णन गति के संरेख परिक्रमा करता है।
3. जब कोई उपग्रह अपनी कक्षा की ऊंचाई को बढ़ाने के लिए उसके वेग में परिवर्तन करता है, तो कक्षा की त्रिज्या बढ़ने के साथ-साथ उपग्रह की कक्षीय चाल (Orbital Speed) और कुल यांत्रिक ऊर्जा दोनों में वृद्धि होती है।
4. उपग्रह के अंदर स्थित अंतरिक्ष यात्री भारहीनता (Weightlessness) का अनुभव करता है क्योंकि उपग्रह और उसके भीतर की सभी वस्तुएँ पृथ्वी के केंद्र की ओर समान त्वरण से मुक्त पतन (Free Fall) की स्थिति में होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए 'हॉल-हెరoult प्रक्रम' (Hall-Héroult process) में शुद्ध एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूऑर्स्पर ($CaF_2$) के मिश्रण में घोला जाता है, जहाँ क्रायोलाइट मुख्य रूप से एलुमिना के गलनांक को कम करने और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ाने का कार्य करता है।
2. 'सफेद फॉस्फोरस' (White Phosphorus) अत्यधिक प्रतिक्रियाशील और विषैला होता है, जो अंधेरे में दीप्ति (Phosphorescence) उत्पन्न करता है, और इसे हवा में स्वतः जलने से रोकने के लिए पानी के नीचे रखा जाता है, जबकि लाल फॉस्फोरस बहुलकित संरचना के कारण सामान्य ताप पर जल में अघुलनशील और कम सक्रिय होता है।
3. संक्रमण धातुओं के यौगिकों द्वारा रंग प्रदर्शित करने का मुख्य कारण उनके 'd-d संक्रमण' (d-d transition) या 'चार्ज ट्रांसफर स्पेक्ट्रा' (Charge transfer spectra) का होना है, जिसमें अपूर्ण रूप से भरे d-क कक्षकों के बीच इलेक्ट्रॉनों का उत्तेजन दृश्य प्रकाश क्षेत्र के अवوسोषक से होता है।
4. सोडियम कार्बोनेट (वाशिंग सोडा) का उत्पादन 'सॉलवे प्रक्रम' (Solvay process) द्वारा किया जाता है, जिसमें मध्यवर्ती उत्पाद के रूप में सोडियम बाइकार्बोनेट प्राप्त होता है, और इस प्रक्रम की एक प्रमुख विशेषता यह है कि अमोनिया को पुनर्प्राप्त (Recovered) करने के लिए इसमें अमोनियम क्लोराइड की अभिक्रिया बुझे हुए चूने ($Ca(OH)_2$) के साथ कराई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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