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General Science
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और उनके यौगिकों के रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. एल्काइन्स (Alkynes) त्रि-आबंध युक्त असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं, और अम्लीय प्रकृति प्रदर्शित करते हुए ये सोडियम धातु के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करते हैं, जिसका कारण $sp$ संकरित कार्बन से जुड़े हाइड्रोजन की उच्च अम्लता है।
- 2. जब एथिलीन ($C_2H_4$) की अभिक्रिया क्षारकिय पोटैशियम परमैंगनेट ($KMnO_4$) के ठंडे और तनु विलयन (बेयर अभिकर्मक) के साथ कराई जाती है, तो यह अभिक्रिया एक चक्रीय मैंगनेट एस्टर मध्यवर्ती के माध्यम से आगे बढ़ती है, जिससे ग्लाइकोल का निर्माण होता है और $KMnO_4$ का गुलाबी रंग गायब हो जाता है।
- 3. बेंजीन जैसे एरोमैटिक यौगिकों में इलेक्ट्रॉन्सनेही aromatic प्रतिस्थापन (Electrophilic Aromatic Substitution) अभिक्रियाओं के दौरान, नाइट्रोनियम आयन ($NO_2^+$) का जुड़ना एक दर-निर्धारक पद होता है, जो बेंजीन वलय के $\pi$-इलेक्ट्रॉन अभ्र पर आक्रमण करके एक मध्यवर्ती 'सिग्मा संकुल' (Arenium ion) का निर्माण करता है।
- 4. मार्कोवनिकोव नियम के विपरीत, पेरोक्साइड की उपस्थिति में प्रोपीन की हाइड्रोजन ब्रोमाइड ($HBr$) के साथ संकलन अभिक्रिया 'खराश प्रभाव' या पेरोक्साइड प्रभाव के अंतर्गत होती है, जिसमें मुक्त मूलक क्रियाविधि के कारण ब्रोमीन परमाणु उस कार्बन पर जुड़ता है जिसके पास कम हाइड्रोजन परमाणु होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न में दिए गए कथनों का विश्लेषण इस प्रकार है:
1. **कथन 1 सही है:** एल्काइन्स (जैसे एथाइन) में त्रि-आबंध वाले कार्बन परमाणु $sp$ संकरित होते हैं। $sp$ संकरण में 's' लक्षण (50%) अधिक होने के कारण कार्बन की विद्युत ऋणात्मकता बढ़ जाती है, जिससे इससे जुड़ा हाइड्रोजन परमाणु अम्लीय प्रकृति का हो जाता है और यह सोडियम जैसी सक्रिय धातुओं के साथ अभिक्रिया कर सोडियम एसिटिलाइड और हाइड्रोजन गैस बनाता है।
2. **कथन 2 सही है:** एथिलीन की बेयर अभिकर्मक (तनु और ठंडा क्षारीय $KMnO_4$) के साथ अभिक्रिया एक प्रसिद्ध परीक्षण है जिसमें द्वि-आबंध का ऑक्सीकरण होकर एथिलीन ग्लाइकोल बनता है और इस विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रंग परिवर्तन होता है।
3. **कथन 3 सही है:** एरोमैटिक यौगिकों में इलेक्ट्रॉन्सनेही प्रतिस्थापन का पहला पद इलेक्ट्रोफाइल द्वारा पाई-इलेक्ट्रॉनों पर आक्रमण कर अरेनियम आयन (सिग्मा संकुल) बनाना है, जो कि दर-निर्धारक पद होता है।
4. **कथन 4 गलत है:** पेरोक्साइड प्रभाव (खराश प्रभाव) के तहत $HBr$ का संकलन होने पर ब्रोमीन परमाणु उस कार्बन पर जुड़ता है जिसके पास **अधिक** हाइड्रोजन परमाणु होते हैं (न कि कम)। अतः चौथा कथन गलत है।
अतः सही उत्तर विकल्प (a) है।
Related Questions
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ध्वनि वेग?
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ऊष्मा और ऊष्मागतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth law of thermodynamics) 'ताप की अवधारणा' को परिभाषित करता है, जिसके अनुसार यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य (Thermal equilibrium) में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
2. समदाबी प्रक्रम (Isobaric process) में निकाय को दी गई संपूर्ण ऊष्मा का उपयोग केवल आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन करने में होता है, क्योंकि इस प्रक्रम में किया गया कार्य सदैव शून्य होता है।
3. 'स्टीफन-बोल्ट्ज़मैन नियम' (Stefan-Boltzmann law) के अनुसार, किसी आदर्श कृष्णिका (Blackbody) द्वारा प्रति एकांक क्षेत्रफल से उत्सर्जित कुल विकिरण ऊर्जा उसके निरपेक्ष तापमान की चतुर्थ घात ($T^4$) के सीधे आनुपातिक होती है।
4. रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का आदान-प्रदान शून्य होता है, जिसके कारण इस प्रक्रम में गैस के संपीडन पर उसकी आंतरिक ऊर्जा और तापमान दोनों में वृद्धि होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) और लेंस-दर्पण के सूत्र से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तल दर्पण (Convex mirror) द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव आभासी, सीधा और वस्तु से छोटा होता है, चाहे वस्तु मुख्य अक्ष पर कहीं भी रखी जाए, और इसके लिए आवर्धन (Magnification) का मान हमेशा धनात्मक लेकिन 1 से कम होता है।
2. जब प्रकाश किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य दोनों अपरिवर्तित रहते हैं, जबकि माध्यम के अपवर्तनांक में अंतर होने के कारण उसकी चाल और आयाम घट जाते हैं।
3. लेंस की क्षमता (Power of lens) उसकी फोकस दूरी के व्युत्क्रमानुपाती होती है, और यदि किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाए जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक हो, तो लेंस की फोकस दूरी बढ़ जाती है और उसकी प्रकृति अभिसारी से बदलकर अपसारी हो जाती है।
4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की घटना के लिए प्रकाश किरण का सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना अनिवार्य है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक होना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भौतिक राशियों और उनके विमाओं (Dimensions) तथा मापन प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'गुप्त ऊष्मा' (Latent Heat) और 'गुरुत्वीय विभव' (Gravitational Potential) दोनों की विमीय सूत्र ($[L^2 T^{-2}]$) समान होती है, क्योंकि दोनों ही ऊर्जा या कार्य को प्रति इकाई राशि (द्रव्यमान) के रूप में व्यक्त करते हैं।
2. 'पारसेक' (Parsec) और 'प्रकाश वर्ष' (Light-year) दोनों खगोलीय दूरियों को मापने की बड़ी इकाइयाँ हैं, जिनमें से पारसेक दूरी का सबसे बड़ा व्यावहारिक मात्रक है और यह लगभग $3.26$ प्रकाश वर्ष के बराबर होता है।
3. 'प्लांक नियतांक' (Planck's Constant) और 'कोणीय संवेग' (Angular Momentum) की विमाएं भिन्न होती हैं, क्योंकि प्लांक नियतांक ऊर्जा और आवृत्ति का अनुपात है जबकि कोणीय संवेग रैखिक संवेग और त्रिज्या का गुणनफल है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के अनुक्रमानुपाती होता है।
2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का एक प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसके अनुसार प्रेरित धारा की दिशा सदैव उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. जब किसी लंबी परिनालिका (Solenoid) के भीतर उच्च चुंबकीय पारगम्यता वाला नरम लोहे का क्रोड रखा जाता है, तो परिनालिका के भीतर का चुंबकीय क्षेत्र कमजोर हो जाता है क्योंकि नरम लोहा बाह्य चुंबकीय क्षेत्र को प्रतिकर्षित करता है।
4. भँवर धाराएँ (Eddy Currents) किसी चालक में तब उत्पन्न होती हैं जब उसे परिवर्तित चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, और इनका उपयोग विद्युत ब्रेक, प्रेरण भट्टी (Induction Furnace) और स्पीडोमीटर में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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