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General Science
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डीएनए फिंगरप्रिंटिंग और आनुवंशिक विविधता के संदर्भ में, 'VNTR' (वेरिएबल नंबर ऑफ टैंडम रिपीट्स) की कार्यप्रणाली और अनुप्रयोगों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. VNTR जीनोम के उन क्षेत्रों से संबंधित होते हैं जहाँ छोटे न्यूक्लियोटाइड अनुक्रम क्रमिक रूप से कई बार दोहराए जाते हैं, और इन दोहरावों की संख्या प्रत्येक व्यक्ति में अत्यधिक बहुरूपी (polymorphic) होती है, सिवाय एकसमान जुड़वां (identical twins) के।
  2. 2. डीएनए फिंगरप्रिंटिंग तकनीक में, रिस्ट्रिक्शन एंडोन्यूक्लีएज एंजाइमों द्वारा डीएनए को काटने के बाद प्राप्त खंडों को इलेक्ट्रोफोरेसिस द्वारा अलग किया जाता है, और VNTR जांच (probes) का उपयोग करके 'सदर्न ब्लॉटिंग' तकनीक के माध्यम से आनुवंशिक बहुरूपता की पहचान की जाती है।
  3. 3. VNTR अनुक्रम केवल कोडिंग डीएनए (एक्साइट्स) के भीतर ही पाए जाते हैं और प्रोटीन संश्लेषण में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेते हैं, जिसके कारण इनमें होने वाले उत्परिवर्तन जीवों के फेनोटाइप को तुरंत प्रभावित करते हैं।
  4. 4. VNTR आधारित डीएनए प्रोफाइलिंग का उपयोग फोरेंसिक विज्ञान में अपराधियों की पहचान करने, पितृत्व विवादों को सुलझाने और विभिन्न जातियों के बीच आनुवंशिक विविधता तथा विकासवादी संबंधों का अध्ययन करने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 4 सही हैं। VNTR (वेरिएबल नंबर ऑफ टैंडम रिपीट्स) मानव जीनोम के 'सेटेलाइट डीएनए' का हिस्सा होते हैं जो अधिकांशतः नॉन-कोडिंग (गैर-कोडिंग) क्षेत्रों में पाए जाते हैं, न कि कोडिंग डीएनए के भीतर (इसलिए कथन 3 गलत है)। ये पुनरावृत्ति अनुक्रम व्यक्ति-दर-व्यक्ति भिन्न होते हैं जो विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार डीएनए फिंगरप्रिंटिंग का आधार बनाते हैं।
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