BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
31 views

रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण के सैद्धांतिक पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. लुईस अम्ल (Lewis acid) वे रासायनिक स्पीशीज होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म को ग्रहण करने की क्षमता रखती हैं, और सभी धनावेशित आयन तथा वे यौगिक जिनमें केंद्रीय परमाणु का अष्टक अपूर्ण होता है (जैसे $BF_3$), इस श्रेणी में आते हैं।
  2. 2. ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के अनुसार, किसी प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार (Conjugate base) अत्यधिक दुर्बल होता है, तथा एक संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म में केवल एक प्रोटॉन ($H^+$) का अंतर होता है।
  3. 3. जब किसी दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार से बने लवण (जैसे सोडियम एसीटेट) का जल-अपघटन किया जाता है, तो प्राप्त जलीय विलयन की प्रकृति अम्लीय होती है और उसका pH मान 7 से कम होता है।
  4. 4. शुद्ध जल का स्व-आयनन (Self-ionization) एक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) प्रक्रिया है, जिसके कारण तापमान बढ़ाने पर जल का आयनिक गुणनफल ($K_w$) घट जाता है और शुद्ध जल का pH मान 7 से अधिक हो जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि लुईस अम्ल इलेक्ट्रॉन युग्मग्राही (electron-pair acceptor) होते हैं, जिनमें इलेक्ट्रॉन-न्यून यौगिक जैसे $BF_3$ और धनावेशित आयन शामिल हैं। कथन 2 सही है; ब्रॉन्स्टेड-लोरी सिद्धांत के अनुसार, एक प्रबल अम्ल का संयुग्मी क्षार अत्यंत दुर्बल होता है और दोनों में सिर्फ एक प्रोटॉन का अंतर होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार के लवण का जल-अपघटन होने पर विलयन क्षारीय ($pH > 7$) होता है, न कि अम्लीय। कथन 4 गलत है क्योंकि जल का स्व-आयनन एक **ऊष्माशोषी (Endothermic)** प्रक्रिया है, इसलिए तापमान बढ़ने पर $K_w$ बढ़ता है और pH मान 7 से कम हो जाता है, यद्यपि विलयन उदासीन ही रहता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ विद्युत धारा, प्रतिरोध और विभिन्न परिपथों के संयोजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब समान मान के तीन प्रतिरोधकों को पहले श्रेणी क्रम (Series combination) में और फिर उन्हीं प्रतिरोधकों को समांतर क्रम (Parallel combination) में जोड़ा जाता है, तो दोनों स्थितियों में कुल तुल्य प्रतिरोध का अनुपात 9:1 होता है। 2. किर्चॉफ का प्रथम नियम (Kirchhoff's Current Law) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली समस्त धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है। 3. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone bridge) का उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को अत्यंत उच्च सटीकता के साथ मापने के लिए किया जाता है, और यह संतुलन की स्थिति में तब होता है जब धारामापी (Galvanometer) से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → जीन नियमन और आनुवंशिक कूट (Genetic Code) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऑपेरॉन मॉडल (Operon Model), जिसे जैकब और मोनोड द्वारा प्रतिपादित किया गया था, के अनुसार 'लैक ऑपेरॉन' (Lac Operon) एक दमनकारी (Inducible) प्रणाली है, जिसमें लैक्टोज की अनुपस्थिति में रिप्रेशर प्रोटीन ऑपरेटर जीन से जुड़कर संरचनात्मक जीनों के अनुलेखन को रोक देता है। 2. आनुवंशिक कूट (Genetic Code) की त्रिक प्रकृति (Triplet nature) होती है और यह 'अस्पष्ट' (Ambiguous) होता है, जिसका अर्थ है कि एक विशिष्ट कोडॉन एक से अधिक विभिन्न अमीनो अम्लों को कोड कर सकता है। 3. यूकेरियोटिक जीवों में 'स्प्लिसिंग' (Splicing) प्रक्रिया के दौरान हेटेरोजीनस न्यूक्लियर आरएनए (hnRNA) से अकोडिंग क्षेत्रों (इंट्रॉन्स) को हटा दिया जाता है और कोडिंग क्षेत्रों (एक्सॉन्स) को एक साथ जोड़ा जाता है, जो अनुलेखन के पश्चात होने वाला संशोधन (Post-transcriptional modification) है। 4. आनुवंशिक कूट में 'AUG' कोडॉन दोहरा कार्य करता है, यह मेथियानिन अमीनो अम्ल को कोड करने के साथ-साथ प्रोटीन संश्लेषण के लिए 'प्रारंभक कोडॉन' (Initiator codon) के रूप में भी कार्य करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'पारसेक' (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो कि उस दूरी के बराबर होती है जिस पर एक खगोलीय इकाई (AU) की चाप पृथ्वी की कक्षा की औसत त्रिज्या के केंद्र पर एक आर्कसेकंड का कोण बनाती है। 2. किसी भौतिक राशि के विमीय सूत्र में यदि द्रव्यमान, लंबाई और समय की विमाएँ क्रमशः $A, B$ और $C$ हैं, तो उस राशि की पद्धति बदलने पर उसका संख्यात्मक मान (Numerical value) बदल जाता है, किंतु उसका विमीय सूत्र और एसआई मात्रक अपरिवर्तित रहते हैं। 3. 'प्रकाश वर्ष' (Light-year) समय की एक इकाई है जिसका उपयोग अंतरिक्ष में अत्यधिक तीव्र गतियों और अंतरालीय समय अंतरालों को मापने के लिए किया जाता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → तरंग की आवृत्ति (Frequency) का मात्रक क्या है? → ध्रुवण (Polarization)?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.