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General Science
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यांत्रिकी में ऊर्जा संरक्षण और संवेग संरक्षण के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. किसी बंद निकाय (Closed system) पर यदि कोई बाह्य बल आघूर्ण (External torque) कार्य नहीं कर रहा हो, तो निकाय का कुल कोणीय संवेग संरक्षित रहता है, भले ही निकाय के भीतर आंतरिक बलों के कारण उसके जड़त्व आघूर्ण में परिवर्तन हो रहा हो।
  2. 2. पूर्णतः प्रत्यास्थ टक्कर (Perfectly elastic collision) में न केवल कुल रैखिक संवेग बल्कि कुल गतिज ऊर्जा भी संरक्षित रहती है, और इस प्रकार की टक्कर में वस्तुओं के बीच प्रत्यावस्थान गुणांक (Coefficient of restitution) का मान शून्य होता है।
  3. 3. जब कोई रॉकेट अंतरिक्ष में गति करता है, तो उसका द्रव्यमान लगातार कम होता जाता है और वह संवेग संरक्षण के सिद्धांत के आधार पर कार्य करता है, जिसमें उत्सर्जित गैसों का संवेग रॉकेट के संवेग परिवर्तन के बराबर और विपरीत होता है।
  4. 4. अप्रत्यास्थ टक्कर (Inelastic collision) के दौरान गतिज ऊर्जा का कुछ भाग ऊष्मा, ध्वनि या विकृति ऊर्जा के रूप में क्षय हो जाता है, जिसके कारण टक्कर के बाद की कुल गतिज ऊर्जा टक्कर से पहले की कुल गतिज ऊर्जा से कम होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि बाह्य बल आघूर्ण की अनुपस्थिति में कोणीय संवेग संरक्षण का नियम लागू होता है (L = Iω नियत रहता है)। कथन 2 गलत है क्योंकि पूर्णतः प्रत्यास्थ टक्कर में प्रत्यावस्थान गुणांक (e) का मान ठीक 1 होता है, जबकि शून्य मान पूर्णतः अप्रत्यास्थ टक्कर के लिए होता है। कथन 3 सही है, रॉकेट नोदन (Rocket propulsion) रैखिक संवेग संरक्षण के नियम पर आधारित है। कथन 4 सही है, अप्रत्यास्थ टक्कर में गतिज ऊर्जा का ह्रास होता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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यांत्रिकी (Mechanics) और ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जब कोई वस्तु एक ऊर्ध्वाधर वृत्त में ऊर्ध्वाधर तल पर गति करती है (जैसे एक धागे से बंधा हुआ पत्थर), तो वृत्त के निम्नतम बिंदु पर डोरी में तनाव अधिकतम होता है, और यह तनाव उच्चतम बिंदु के तनाव से ठीक $6mg$ अधिक होता है। 2. संरक्षी बल (Conservative force) द्वारा किसी बंद पथ में किया गया कुल कार्य सदैव शून्य होता है, और ऐसे बलों के अंतर्गत कण की कुल यांत्रिक ऊर्जा (गतिज ऊर्जा + स्थितिज ऊर्जा) हमेशा संरक्षित रहती है। 3. प्रत्यास्थ संघट्ट (Elastic collision) में संवेग के साथ-साथ गतिज ऊर्जा भी संरक्षित रहती है, लेकिन यदि दो वस्तुओं का संघट्ट अपूर्ण रूप से प्रत्यास्थ (Inelastic) हो, तो संवेग संरक्षित रहता है जबकि गतिज ऊर्जा का कुछ भाग ऊष्मा या ध्वनि के रूप में नष्ट हो जाता है। 4. अपकेन्द्र बल (Centrifugal force) एक वास्तविक बल है जो जड़त्वीय निर्देश फ्रेम (Inertial frame of reference) में गति करने वाली वस्तुओं पर वृत्त के केंद्र की ओर कार्य करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए 'हॉल-हెరoult प्रक्रम' (Hall-Héroult process) में शुद्ध एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूऑर्स्पर ($CaF_2$) के मिश्रण में घोला जाता है, जहाँ क्रायोलाइट मुख्य रूप से एलुमिना के गलनांक को कम करने और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ाने का कार्य करता है। 2. 'सफेद फॉस्फोरस' (White Phosphorus) अत्यधिक प्रतिक्रियाशील और विषैला होता है, जो अंधेरे में दीप्ति (Phosphorescence) उत्पन्न करता है, और इसे हवा में स्वतः जलने से रोकने के लिए पानी के नीचे रखा जाता है, जबकि लाल फॉस्फोरस बहुलकित संरचना के कारण सामान्य ताप पर जल में अघुलनशील और कम सक्रिय होता है। 3. संक्रमण धातुओं के यौगिकों द्वारा रंग प्रदर्शित करने का मुख्य कारण उनके 'd-d संक्रमण' (d-d transition) या 'चार्ज ट्रांसफर स्पेक्ट्रा' (Charge transfer spectra) का होना है, जिसमें अपूर्ण रूप से भरे d-क कक्षकों के बीच इलेक्ट्रॉनों का उत्तेजन दृश्य प्रकाश क्षेत्र के अवوسोषक से होता है। 4. सोडियम कार्बोनेट (वाशिंग सोडा) का उत्पादन 'सॉलवे प्रक्रम' (Solvay process) द्वारा किया जाता है, जिसमें मध्यवर्ती उत्पाद के रूप में सोडियम बाइकार्बोनेट प्राप्त होता है, और इस प्रक्रम की एक प्रमुख विशेषता यह है कि अमोनिया को पुनर्प्राप्त (Recovered) करने के लिए इसमें अमोनियम क्लोराइड की अभिक्रिया बुझे हुए चूने ($Ca(OH)_2$) के साथ कराई जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन, पेट्रोलियम उत्पादों और उनके दहन व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एल्केनों का सामान्य सूत्र $C_nH_{2n+2}$ होता है और ये मुख्य रूप से संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं, जो पराबैंगनी प्रकाश की उपस्थिति में मुक्त मूलक प्रतिस्थापन (Free radical substitution) अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं। 2. जब एथीन ($C_2H_4$) जैसे असंतृप्त हाइड्रोकार्बन को बेयर अभिकर्मक (ठंडा, क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट विलयन) के साथ अभिकृत किया जाता है, तो विलयन का गुलाबी-बैंगनी रंग गायब हो जाता है, जो उनके असंतृप्त स्वभाव की पुष्टि करता है। 3. पेट्रोल की 'विस्फोटक रोधी' (Anti-knock) क्षमता का माप ऑक्टेन संख्या द्वारा किया जाता है, जिसमें उच्च ऑक्टेन संख्या के संदर्भ मानक के रूप में 'n-हेप्टेन' का ऑक्टेन मान 100 और 'आइसो-ऑक्टेन' का मान शून्य निर्धारित किया गया है। 4. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, और इसकी रिसाव का पता लगाने के लिए इसमें तीक्ष्ण गंध वाला एथिल मर्कैप्टेन ($C_2H_5SH$) मिलाया जाता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'सोमाटोसटैस्टिन' (Somatostatin) हॉर्मोन अग्र पीयूष ग्रंथि से वृद्धि हॉर्मोन (Growth Hormone) के स्रावण को रोकता है। 2. अधिवृक्क वल्कुट (Adrenal Cortex) द्वारा स्रावित 'एल्डोस्टेरोन' (Aldosterone) एक मिनरलोकोर्टिकोइड है, जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनर्अवशोषण को बढ़ावा देता है तथा पोटेशियम और फॉस्फेट आयनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करता है। 3. अग्न्याशय की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) की अल्फा कोशिकाएँ 'ग्लूकाagon' हॉर्मोन का स्रावण करती हैं, जो एक हाइपरग्लाइसेमिक (Hyperglycemic) हॉर्मोन है अर्थात यह रक्त में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाता है। 4. पैराथाइराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथाइराइड हॉर्मोन' (PTH) अस्थि-अवशोषण (Bone resorption) को प्रेरित करके रक्त में कैल्शियम आयनों के स्तर को कम करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? कार्य का मात्रक?
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