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General Science
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यांत्रिकी में ऊर्जा संरक्षण और संवेग संरक्षण के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी बंद निकाय (Closed system) पर यदि कोई बाह्य बल आघूर्ण (External torque) कार्य नहीं कर रहा हो, तो निकाय का कुल कोणीय संवेग संरक्षित रहता है, भले ही निकाय के भीतर आंतरिक बलों के कारण उसके जड़त्व आघूर्ण में परिवर्तन हो रहा हो।
- 2. पूर्णतः प्रत्यास्थ टक्कर (Perfectly elastic collision) में न केवल कुल रैखिक संवेग बल्कि कुल गतिज ऊर्जा भी संरक्षित रहती है, और इस प्रकार की टक्कर में वस्तुओं के बीच प्रत्यावस्थान गुणांक (Coefficient of restitution) का मान शून्य होता है।
- 3. जब कोई रॉकेट अंतरिक्ष में गति करता है, तो उसका द्रव्यमान लगातार कम होता जाता है और वह संवेग संरक्षण के सिद्धांत के आधार पर कार्य करता है, जिसमें उत्सर्जित गैसों का संवेग रॉकेट के संवेग परिवर्तन के बराबर और विपरीत होता है।
- 4. अप्रत्यास्थ टक्कर (Inelastic collision) के दौरान गतिज ऊर्जा का कुछ भाग ऊष्मा, ध्वनि या विकृति ऊर्जा के रूप में क्षय हो जाता है, जिसके कारण टक्कर के बाद की कुल गतिज ऊर्जा टक्कर से पहले की कुल गतिज ऊर्जा से कम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि बाह्य बल आघूर्ण की अनुपस्थिति में कोणीय संवेग संरक्षण का नियम लागू होता है (L = Iω नियत रहता है)। कथन 2 गलत है क्योंकि पूर्णतः प्रत्यास्थ टक्कर में प्रत्यावस्थान गुणांक (e) का मान ठीक 1 होता है, जबकि शून्य मान पूर्णतः अप्रत्यास्थ टक्कर के लिए होता है। कथन 3 सही है, रॉकेट नोदन (Rocket propulsion) रैखिक संवेग संरक्षण के नियम पर आधारित है। कथन 4 सही है, अप्रत्यास्थ टक्कर में गतिज ऊर्जा का ह्रास होता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हार्मोनल नियंत्रण प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'सोमाटोस्टाटिन' (Somatostatin) हार्मोन अग्र पिट्सुरी ग्रंथि से ग्रोथ हार्मोन (Growth Hormone) के स्रावण को रोकता है, जबकि यह अग्नाशय की लैंगरहैंस द्वीपिकाओं की डेल्टा कोशिकाओं से इंसुलिन और ग्लूकागोन के स्रावण को भी नियंत्रित करता है।
2. एड्रिनल ग्रंथि का वल्कुट (Adrenal Cortex) भाग रेनिन-एंजियोटेंसिन-एल्डोस्टेरोन तंत्र के अंतर्गत 'एल्डोस्टेरोन' हार्मोन का स्रावण करता है, जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनःअवशोषण को बढ़ाता है तथा पोटेशियम और हाइड्रोजन आयनों के उत्सर्जन को प्रेरित करता है।
3. पैराथायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) एक हाइपरकैल्सेमिक हार्मोन है, जो रक्त में कैल्सियम के स्तर को बढ़ाने के लिए अस्थि के अवशोषण (Bone resorption) को प्रेरित करता है और वृक्क द्वारा कैल्सियम के पुन:अवशोषण को कम करता है।
4. पश्च पिट्सुरी (Neurohypophysis) ग्रंथि स्वयं किसी हार्मोन का संश्लेषण नहीं करती है, बल्कि यह हाइपोथैलेमस के न्यूरोसेक्रेटरी कोशिकाओं द्वारा उत्पादित 'ऑक्सीटोसिन' और 'वैसोप्रेसिन' (ADH) हार्मोन का भंडारण और मोचन करती है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. छोटी आंत की श्लेष्मला (Mucosa) में स्थित 'क्रिप्ट्स ऑफ़ लीबरकुन' (Crypts of Lieberkühn) द्वारा स्रावित आंतों का रस (Succus entericus) में उपस्थित 'एंटेरोकाइनेज' (Enterokinase) एंजाइम अग्नाशयी रस के निष्क्रिय 'ट्रिप्सिनोजेन' को सक्रिय 'ट्रिप्सिन' में परिवर्तित करता है, जो आगे अन्य प्रोटीएज को सक्रिय करता है।
2. विश्राम की स्थिति में सामान्य मनुष्य द्वारा अंतःश्वसित और उच्च्वसित वायु की मात्रा 'ज्वारीय आयतन' (Tidal Volume) कहलाती है, जिसका मान स्वस्थ वयस्क में प्रति श्वास लगभग 500 मिलीलीटर होता है, और एक मिनट में कुल वेंटिलेशन लगभग 6000 से 8000 मिलीलीटर प्रति मिनट तक हो सकता है।
3. मानव हृदय के संकुचन के दौरान उत्पन्न होने वाले विद्युत विभवांतर को ग्राफ़ीय रूप से प्रदर्शित करने वाले 'इलेक्ट్రోकार्डियोग्राम' (ECG) में QRS कॉम्प्लेक्स आलिंदों के ध्रुवण (Atrial depolarization) को दर्शाता है, जबकि T-वेव निलय के पुनध्रुवण (Ventricular repolarization) की समाप्ति को निरूपित करती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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आवर्त सारणी के संदर्भ में, 'आयनन एन्थैल्पी' (Ionization Enthalpy) और 'विद्युतऋणात्मकता' (Electronegativity) के आवर्ती रुझानों (Periodic Trends) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी एक ही आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर सामान्यतः परमाणु त्रिज्या घटती है और प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ने के कारण आयनन एन्थैल्पी के मान में क्रमिक वृद्धि होती है, हालांकि नाइट्रोजन और ऑक्सीजन के बीच नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी अधिक होती है क्योंकि नाइट्रोजन में अर्ध-पूरित (Half-filled) $p$-कक्षक का अतिरिक्त स्थायित्व होता है।
2. पाउलिंग पैमाने (Pauling Scale) के अनुसार आवर्त सारणी में किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर विद्युतऋणात्मकता बढ़ती है, जबकि किसी वर्ग में ऊपर से नीचे आने पर घटती है, और संपूर्ण आवर्त सारणी में सबसे अधिक विद्युतऋणात्मक तत्व 'फ्लोरीन' है।
3. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) और विद्युतऋणात्मकता दोनों एक ही भौतिक राशि को दर्शाती हैं, क्योंकि दोनों का मापन विलगित गैसीय परमाणु की स्थिति में ही किया जाता है और इनकी इकाइयाँ भी पूर्णतः समान होती हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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यांत्रिक तरंगें (Mechanical Waves) संचरण के लिए किसका उपयोग करती हैं?
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गाय?
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