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General Science
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मानव शरीर के विभिन्न शारीरिक तंत्रों, विशेषकर पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. आमाशय की पैराइटल (ऑक्सीनटिक) कोशिकाओं द्वारा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ-साथ 'कैसल का इंट्रिंसिक फैक्टर' ($Castle's\ Intrinsic\ Factor$) का स्रावण किया जाता है, जो छोटी आंत के इलियम भाग में विटामिन $B_{12}$ के अवशोषण के लिए अनिवार्य होता है।
- 2. मानव श्वसन तंत्र में, 'कैरोटिड बॉडी' और 'ओर्टिक बॉडी' में स्थित कीमोरेसेप्टर (रसायनग्राही) रक्त में $CO_2$ और $H^+$ सांद्रता में वृद्धि के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं, और ये श्वसन केंद्र को उद्दीप्त कर वेंटिलेशन की दर को बढ़ाते हैं।
- 3. परिसंचरण तंत्र के अंतर्गत, 'सिनोट्रियल नोड' (SAN) को हृदय का प्राकृतिक पेसमेकर कहा जाता है, जो स्वतः उद्दीपन उत्पन्न करने में असमर्थ होता है और इसे कार्य करने के लिए सदैव वेगस तंत्रिका (Vagus nerve) के लगातार विद्युत संकेतों की आवश्यकता होती है।
- 4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में, प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc) के मार्ग में संवेदी न्यूरॉन द्वारा आवेग को सीधे प्रमस्तिष्क (Cerebrum) तक पहुँचाया जाता है, और प्रमस्तिष्क ही तत्काल अनैच्छिक प्रतिक्रिया का एकमात्र निर्णय लेता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि आमाशय की ऑक्सीनटिक या पैराइटल कोशिकाएँ HCl के साथ-साथ कैसल इंट्रिंसिक फैक्टर स्रावित करती हैं, जो इलियम में विटामिन $B_{12}$ के अवशोषण के लिए आवश्यक है। कथन 2 सही है क्योंकि महाधमनी चाप (Aortic arch) और कैरोटिड धमनी में स्थित कीमोरेसेप्टर रक्त में $CO_2$ और $H^+$ आयनों के बढ़ने पर श्वसन लय केंद्र को सक्रिय करते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि SAN (Sinoatrial node) 'ऑटोरिथमिक' (स्वतः उत्तेजक) होता है, उसे किसी बाह्य तंत्रिका संकेत की आवश्यकता नहीं होती है। कथन 4 गलत है क्योंकि प्रतिवर्ती क्रियाओं (Reflex Actions) का नियंत्रण मुख्य रूप से मेरुदंड (Spinal Cord) द्वारा होता है, न कि प्रमस्तिष्क द्वारा, जिससे तीव्र प्रतिक्रिया सुनिश्चित होती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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प्रकाशिकी और लेंस के अपवर्तन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे पारदर्शी माध्यम में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की प्रकृति बदल जाती है और वह अभिसारी (Converging) लेंस के बजाय अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है।
2. लेंस निर्माता का सूत्र (Lens Maker's Formula) केवल तभी मान्य होता है जब लेंस के दोनों ओर के माध्यम का अपवर्तनांक समान हो तथा लेंस पतला हो।
3. पानी में डुबोए जाने पर किसी उत्तल लेंस की फोकस दूरी बढ़ जाती है, जिसके कारण उसकी शक्ति (Power) में वृद्धि हो जाती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र और उससे स्रावित होने वाले हॉर्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा उत्पादित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पीयूष ग्रंथि को उद्दीपित करता है ताकि वह ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) का स्रावण कर सके।
2. अधिवृक्क वल्कल (Adrenal Cortex) द्वारा स्रावित 'एल्डोस्टेरोन' एक मिनरलोकोर्टिकोइड है, जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनravososhana (पुनअवशोषण) को बढ़ाता है तथा पोटेशियम और फॉस्फेट आयनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करता है।
3. थायराइड ग्रंथि की फोलिक्युलर कोशिकाएँ 'कैल्सीटोनिन' हॉर्मोन का स्रावण करती हैं, जो रक्त में कैल्शियम आयनों के स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है, जबकि पैराथाइराइड हॉर्मोन (PTH) रक्त में कैल्शियम के स्तर को कम करता है।
4. पीनियल ग्रंथि द्वारा स्रावण किया जाने वाला 'मेलटोनिन' हॉर्मोन शरीर की दैनिक (डिफ्यूज़्ड/सर्कैडियन) लय को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और निद्रा-जागने के चक्र के साथ-साथ शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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ध्वनि तीव्रता?
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पादप जगत के वर्गीकरण और पादप कार्यिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रकाश संश्लेषण की 'प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया' (Light Reaction) हरित लवक के ग्रेना (थाइलाकोइड) में संपन्न होती है, जहाँ जल के प्रकाशीय अपघटन से ऑक्सीजन, प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन मुक्त होते हैं, जबकि केल्विन चक्र (C3 चक्र) स्ट्रोमा में होता है।
2. 'जिब्रेलिन' एक ऐसा पादप हॉर्मोन है जो आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में पर्वसंधि (Internode) की लंबाई को बढ़ाकर तने के दीर्घीकरण को प्रेरित करता है तथा बीजों की प्रसुप्ति (Dormancy) को तोड़कर अंकुरण में सहायता करता है।
3. जिम्नोस्पर्म (अनावृतबीजी) पौधों में बीज आवरण से ढके होते हैं और इनमें संवहन ऊतक (ज़ाइलम और फ्लोएम) अनुपस्थित होते हैं, जो इन्हें ब्रायोफाइट्स से अलग करते हैं।
4. 'एब्सिसिक अम्ल' (ABA) को 'तनाव हॉर्मोन' कहा जाता है, जो प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों जैसे जल की कमी के दौरान पर्णरंध्रों (Stomata) को बंद करने और बीज की प्रसुप्ति को बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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इंसुलिन का स्राव कहाँ से होता है?
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