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General Science
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र और हॉर्मोनल विनियमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'गोनाडोट्रो핀-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पीयूष ग्रंथि को उद्दीप्त कर ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) के संश्लेषण और स्रावण को प्रेरित करता है।
- 2. पश्च पीयूष ग्रंथि (Neurohypophysis) स्वयं किसी भी हॉर्मोन का संश्लेषण नहीं करती है, बल्कि यह हाइपोथैलेमस के न्यूरोसेक्रेटरी कोशिकाओं द्वारा उत्पादित ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन (ADH) हॉर्मोन्स का संचयन और विमोचन करती है।
- 3. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) का कॉर्टेक्स भाग एंड्रोजन, ग्लूकोकोर्टिकोइड्स और मिनਰलोकॉर्टिकोइड्स का स्रावण करता है, जबकि इसका मेडुला भाग 'लड़ो या भागो' प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने वाले कैटेकोलामाइन्स (एपिनीफ्राइन और नॉरएपिनीफ्राइन) का उत्पादन करता है।
- 4. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाएँ मिश्रित ग्रंथि के रूप में कार्य करती हैं, जिसमें अल्फा कोशिकाएँ 'इंसुलिन' का स्रावण करती हैं जो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को कम करता है, जबकि बीटा कोशिकाएँ 'ग्लुकागोन' का स्रावण करती हैं जो ग्लाइकोजेनोलिसिस को बढ़ावा देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मानव अंतःस्रावी तंत्र में विभिन्न ग्रंथियाँ और उनके हॉर्मोन शरीर की होमियोस्टैसिस बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। हाइपोथैलेमस से निकलने वाले रिलीजिंग हॉर्मोन्स अग्र पीयूष ग्रंथि को नियंत्रित करते हैं, और पश्च पीयूष ग्रंथि केवल हाइपोथैलेमस द्वारा निर्मित ऑक्सीटोसिन व वैसोप्रेसिन का भंडारण एवं स्रावण करती है। अधिवृक्क कॉर्टेक्स और मेडुला के हॉर्मोन भी सही वर्णित हैं। किंतु, कथन 4 असत्य है क्योंकि अग्न्याशय की **अल्फा कोशिकाएँ** 'ग्लुकागोन' (रक्त शर्करा बढ़ाने वाला) का स्रावण करती हैं, जबकि **बीटा कोशिकाएँ** 'इंसुलिन' (रक्त शर्करा घटाने वाला) का स्रावण करती हैं, यहाँ इनके नाम परस्पर विपरीत दिए गए हैं। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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तंत्र?
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प्रकाशिकी (Optics) और लेंसों के अपवर्तन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और वह अभिसारी (Converging) लेंस के बजाय अपसारी (Diverging) लेंस की तरह व्यवहार करने लगता है。
2. लेंस निर्माता का सूत्र (Lens Maker's Formula) इस बात पर निर्भर करता है कि लेंस के दोनों तरफ का माध्यम समान है या भिन्न, और यह लेंस की वक्रता त्रिज्या तथा अपवर्तनांक को आपस में जोड़ता है。
3. संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope) की आवर्धन क्षमता बढ़ाने के लिए अभिदृश्यक लेंस (Objective lens) और नेत्रिका (Eyepiece) दोनों की फोकस दूरी बहुत अधिक होनी चाहिए।
4. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की घटना के लिए प्रकाश किरण का सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना आवश्यक है, तथा आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक होना चाहिए。
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आवर्त सारणी के तत्वों के आवर्ती गुणों और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या घटती है और प्रभावी नाभिकीय आवेश ($Z_{eff}$) में वृद्धि होती है, जिसके कारण प्रथम आयनन एन्थैल्पी का मान सामान्यतः बढ़ता है, हालांकि नाइट्रोजन ($N$) की प्रथम आयनन एन्थैल्पी अपने ठीक बाद आने वाले ऑक्सीजन ($O$) तत्व से अधिक होती है, जिसका मुख्य कारण नाइट्रोजन के अर्ध-पूरित (Half-filled) $2p$ कक्षकों का अतिरिक्त स्थायित्व है।
2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और किसी भी उदासीन गैसीय परमाणु द्वारा एक अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर हमेशा ऊर्जा का उत्सर्जन ही होता है, चाहे परमाणु का आकार या इलेक्ट्रॉनिक विन्यास कुछ भी हो।
3. हैлोजेन समूह में फ्लोरीन ($F$) की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान अपने ही समूह के अगले तत्व क्लोरीन ($Cl$) की तुलना में अधिक होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार बहुत छोटा होता है, जिसके कारण अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षक (Interelectronic repulsion) बल का मान बढ़ जाता है।
4. लैंथानाइड संकुचन (Lanthanoid contraction) के कारण $5d$ श्रेणी के संक्रमण तत्वों (जैसे Hafnium, $Hf$) की परमाणु और आयनिक त्रिज्याएँ अपने ठीक ऊपर स्थित $4d$ श्रेणी के तत्वों (जैसे Zirconium, $Zr$) के लगभग बराबर हो जाती हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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हवा में नाइट्रोजन प्रतिशत?
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मानव शरीर में 'गैस्ट्रिक एसिड' (HCI) के स्राव और उसके नियमन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय की भित्ति में पाई जाने वाली 'ऑक्सिन्टिक्स' या 'पैरिटल कोशिकाएं' (Oxyntic or Parietal cells) हाइड्रोक्लोरिक एसिड और 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) दोनों का स्राव करती हैं, जो विटामिन बी-12 के अवशोषण के लिए आवश्यक होता है।
2. आमाशय की म्यूकोसा (Gastric mucosa) अत्यधिक अम्लीय वातावरण के कारण पाचित हो जाती है, जिसे नियंत्रित करने के लिए पेप्टिक कोशिकाएं लगातार बाइकार्बोनेट आयनों का अत्यधिक स्राव करती हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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