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General Science
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ऊष्मा और तापमापी (Heat and Thermometry) के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सेल्सियस और फारेनहाइट तापपैमाने केवल एक विशिष्ट तापमान ($-40^\circ$) पर आपस में बिल्कुल समान संख्यात्मक मान प्रदर्शित करते हैं, क्योंकि दोनों पैमानों के बीच का संबंध $C/5 = (F - 32)/9$ द्वारा व्यक्त किया जाता है।
- 2. जब किसी द्रव से भरे हुए कांच के तापमापी (Liquid-in-glass thermometer) का उपयोग किया जाता है, तो तापमापी की रीडिंग पूर्णतः इस बात पर निर्भर करती है कि केवल कांच का प्रसार हो रहा है या केवल द्रव का, क्योंकि कांच और द्रव के आयतन प्रसार गुणांक का अंतर तापमापी के संवेदनशीलता को प्रभावित नहीं करता है।
- 3. जल का घनत्व $4^\circ\text{C}$ पर अधिकतम होता है, और जब $0^\circ\text{C}$ से जल को गर्म किया जाता है, तो यह $4^\circ\text{C}$ तक पहुँचने पर आयतन में विस्तार (प्रसार) प्रदर्शित करने के बजाय संकुचित होता है, जिसे जल का व्यतिक्रम प्रसार (Anomalous expansion) कहा जाता है।
- 4. एक आदर्श गैस तापमापी (Ideal gas thermometer) किसी भी वास्तविक गैस के गुणों से स्वतंत्र होता है और यह स्थिर आयतन पर गैस के दाब में परिवर्तन के रैखिक संबंध के आधार पर अत्यधिक व्यापक तापमान परास को मापने के लिए उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि सेल्सियस और फारेनहाइट पैमानों के बीच संबंध $\frac{C}{5} = \frac{F - 32}{9}$ होता है; जब $C = F = x$ रखा जाता है, तो हल करने पर मान $-40$ प्राप्त होता है। कथन 2 गलत है क्योंकि द्रव तापमापी की कार्यप्रणाली कांच और द्रव दोनों के तापीय प्रसार (Volumetric thermal expansion) के अंतर पर निर्भर करती है। यदि कांच और द्रव दोनों का प्रसार गुणांक समान हो जाए, तो तापमापी में द्रव का स्तर नहीं चढ़ेगा। कथन 3 सही है, इसे जल का व्यतिक्रम प्रसार कहा जाता है जहाँ $0^\circ\text{C}$ से $4^\circ\text{C}$ के बीच जल सिकुड़ता है और उसका घनत्व अधिकतम होता है। कथन 4 सही है, क्योंकि आदर्श गैस तापमापी गैस के दाब और ताप के रैखिक आनुपातिकता पर कार्य करता है और यह अत्यंत उच्च तथा निम्न तापमान मापने के लिए अत्यधिक विश्वसनीय माना जाता है।
Related Questions
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तरंग का वेग?
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आवर्त सारणी के तत्वों के गुणों और उनकी आवर्तीय प्रवृत्तियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) में निरंतर कमी आती है, किंतु अक्रिय गैसों (Noble Gases) की वान डेर वाल्स त्रिज्या (van der Waals radius) उनके ठीक पहले के हैलोजन तत्वों की सहसंयोजक त्रिज्या की तुलना में अचानक बड़ी हो जाती है।
2. ऑक्सीजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान नाइट्रोजन की तुलना में कम होता है, जिसका मुख्य कारण नाइट्रोजन के $2p^3$ कक्षक का अर्ध-पूरित (Half-filled) होना और इसके द्वारा प्राप्त अतिरिक्त स्थायित्व है।
3. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और आवर्त सारणी में फ्लोरीन (F) की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी क्लोरीन (Cl) से अधिक ऋणात्मक होती है क्योंकि फ्लोरीन का परमाणु आकार बहुत छोटा होता है।
4. तत्वों के धात्विक गुण (Metallic character) किसी वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर बढ़ते हैं, जबकि अधात्विक गुण घटते हैं, क्योंकि आयनन एन्थैल्पी घटने के कारण बाहरी इलेक्ट्रॉनों का त्याग करना सुगम हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं में पाए जाने वाले विभिन्न कोशिकांगों (Cell organelles) और उनके विशिष्ट कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सूत्रकणिका (Mitochondria) के आंतरिक झिल्ली पर 'ऑक्सीसोम' (F0-F1 कण) उपस्थित होते हैं, जो कोशिकीय श्वसन के दौरान एटीपी (ATP) संश्लेषण के मुख्य स्थल हैं, और चूँकि इस अंगक में स्वयं का वृत्ताकार डीएनए तथा 70S राइबोसोम होते हैं, इसे 'अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग' (Semi-autonomous organelle) कहा जाता है।
2. लिसोसॉम (Lysosome) एक ऐसा एकल-झिल्लीबद्ध कोशिकांग है जिसमें अम्लीय pH (लगभग 4-5) पर सक्रिय रहने वाले हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (जैसे लाइपेज, प्रोटीएज और कार्बोहाइड्रैसेज) प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो क्षतिग्रस्त कोशिकाओं या अवांछित macromolecules का पाचन करते हैं।
3. परॉक्सिसॉम (Peroxisome) एक झिल्ली-बद्ध कोशिकांग है जो मुख्य रूप से प्रकाश-श्वसन (Photorespiration) और हाइड्रोजन पेरोक्साइड के विषैले चयापचय में भाग लेता है, और यह जंतु कोशिकाओं में राइबोसोम के साथ मिलकर लिपिड का संश्लेषण भी करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हॉर्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा उत्पादित 'ऑक्सीटोसिन' हॉर्मोन तंत्रिका-पश्च पीयूष ग्रंथि (Neurohypophysis) द्वारा संचयित और रक्त में विमोचित किया जाता है, जो प्रसव के दौरान गर्भाशय की चिकनी पेशियों के तीव्र संकुचन और स्तनपान के समय दुग्ध निष्कासन (Milk ejection reflex) को प्रेरित करता है।
2. अधिवृक्क वल्कुट (Adrenal Cortex) के जोना ग्लोमेरुलोसा क्षेत्र से स्रावित होने वाला 'कॉर्टिसोल' (Cortisol) एक ग्लूकोकॉर्टिकॉइड है, जो ग्लाइकोजेनोलिसिस, ग्लूकोनियोजेनेसिस और प्रोटीन-वसा के अपघटन को प्रेरित करके रक्त में शर्करा के स्तर को बढ़ाता है तथा प्रतिरक्षा प्रणाली का दमन करता है।
3. अग्नाशय की लैंगरहैंस की द्वीपिका (Islets of Langerhans) की डेल्टा कोशिकाएं 'सोमैटोस्टैटिन' (Somatostatin) हॉर्मोन का स्राव करती हैं, जो अल्फा और बीटा कोशिकाओं से क्रमशः ग्लूकागॉन और इंसुलिन के स्राव को स्थानीय रूप से संदमित (Inhibit) करता है।
4. पीयूष ग्रंथि का अग्र भाग (Adenohypophysis) 'प्रोलैक्टिन' (Prolactin) का स्राव करता है, जो स्तन ग्रंथियों के विकास और दुग्ध उत्पादन को सीधे नियंत्रित करता है, तथा हाइपोथैलेमस से स्रावित होने वाला 'डोपामीन' (PIH) इस हॉर्मोन के स्राव को उत्तेजित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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गुरुत्वाकर्षण और उपग्रहों की गति (Gravitation) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केपलर के ग्रहों की गति के द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) के अनुसार, किसी ग्रह को सूर्य से मिलाने वाली रेखा समान समय अंतरालों में समान क्षेत्रफल तय करती है, जो मुख्य रूप से कोणीय संवेग संरक्षण (Conservation of angular momentum) के नियम का ही एक प्रत्यक्ष परिणाम है।
2. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) की पृथ्वी की सतह से ऊँचाई लगभग 36,000 किलोमीटर होती है, और यह विषुवत वृत्त के तल में पश्चिम से पूर्व की ओर पृथ्वी की परिक्रमा करता है, जिसका परिक्रमण काल ठीक 24 घंटे होता है।
3. पृथ्वी तल से ऊपर जाने पर गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मान घटता है, जबकि पृथ्वी के भीतर गहराई में जाने पर भी $g$ का मान लगातार घटता जाता है और पृथ्वी के ठीक केंद्र पर इसका मान शून्य हो जाता है।
4. किसी उपग्रह के अंदर कृत्रिम गुरुत्वाकर्षण उत्पन्न करने या भारहीनता की स्थिति से निपटने के लिए, उपग्रह को एक निश्चित कोणीय वेग से अपनी अक्ष के परितः घूर्णन (Rotation) कराना आवश्यक होता है, जिससे उत्पन्न अपकेन्द्रीय बल अंतरिक्ष यात्री को फर्श पर दबाव बनाने में सहायता करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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