BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
1 views

धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक एवं भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'एक्वा रेजिया' (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ($HCl$) और सांद्र नाइट्रिक अम्ल ($HNO_3$) का 3:1 के आयतन अनुपात में ताजा तैयार किया गया मिश्रण है, जो स्वर्ण (Gold) और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट धातुओं को भी घोल सकता है।
  2. 2. 'थर्मिट प्रक्रम' (Thermite Process) में ऐलुमिनियम चूर्ण का उपयोग अपचायक के रूप में किया जाता है, जिसका उपयोग रेलवे की टूटी हुई पटरियों या मशीन के बड़े हिस्सों को जोड़ने के लिए आयरन (III) ऑक्साइड के साथ अपचयन अभिक्रिया में किया जाता है, और यह एक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) अभिक्रिया है।
  3. 3. जिंक ब्लेंड ($ZnS$) और कॉपर पाइराइट्स ($CuFeS_2$) जैसी सल्फाइड अयस्कों को ऑक्साइड में परिवर्तित करने के लिए 'भर्जन' (Roasting) प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है, जिसमें अयस्क को वायु की अत्यधिक मात्रा की अनुपस्थिति में उच्च ताप पर गर्म किया जाता है।
  4. 4. सफेद फॉस्फोरस, लाल फॉस्फोरस से अधिक प्रतिक्रियाशील और विषैला होता है, जो हवा में स्वतः जल उठता है और अंधेरे में दीप्ति (Phosphorescence) उत्पन्न करता है, जबकि ग्रेफाइट एकमात्र ऐसा अधातु है जो विद्युत का सुचालक होने के साथ-साथ कार्बन का क्रिस्टलीय अपरूप है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: एक्वा रेजिया (राजजल) सांद्र $HCl$ और सांद्र $HNO_3$ का 3:1 अनुपात का मिश्रण है जो सोने और प्लेटिनम को घोल सकता है।कथन 2 सही है: थर्मिट अभिक्रिया में ऐलुमिनियम पाउडर और फेरिक ऑक्साइड का उपयोग होता है, जो अत्यधिक ऊष्माक्षेपी होती है और रेलवे पटरियों की वेल्डिंग में प्रयुक्त होती है।कथन 3 गलत है: सल्फाइड अयस्कों को ऑक्साइड में बदलने के लिए 'भर्जन' (Roasting) किया जाता है, जिसमें अयस्क को वायु की **अधिकता** (Excess of air) में गर्म किया जाता है, न कि वायु की अनुपस्थिति में (वायु की अनुपस्थिति में गर्म करने को 'निस्थापन' या Calcination कहते हैं)।कथन 4 सही है: सफेद फॉस्फोरस अत्यधिक अभिक्रियाशील, विषैला और दीप्तिमान होता है, तथा ग्रेफाइट कार्बन का एक सुचालक क्रिस्टलीय अपरूप है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

मानव रोगों और उनके रोगजनकों, संचरण तंत्र तथा नैदानिक लक्षणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'मलेरिया' (Malaria) प्लाज्मोडियम प्रजाति के प्रोटोजोआ के कारण होता है, जिसका संचरण मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है, और इसके गंभीर रूप (प्लाज्मोडियम फैल्ciparum) में रोगी को 'ब्लैकवाटर फीवर' हो सकता है जिसमें हीमोग्लोबिनयूरिया (मूत्र के साथ हीमोग्लोबिन का आना) की स्थिति उत्पन्न होती है। 2. 'डिफ्थीरिया' (Diphtheria) कॉर्नेबैक्टीरियम डिफ्थिरियाई (Corynebacterium diphtheriae) नामक ग्राम-पॉजिटिव जीवाणु के कारण होता है, जो श्वसन नली में एक स्रावी धूसर रंग की 'झिल्ली' (Pseudomembrane) का निर्माण करता है और इसके एक्सोटॉक्सिन से हृदय तथा तंत्रिका तंत्र को गंभीर क्षति पहुँचती है। 3. 'ट्रैकोमा' (Trachoma) क्लैमाइडिया ट्रैकोमैटिस (Chlamydia trachomatis) नामक अंतःकोशिकी जीवाणु के कारण होने वाला नेत्र संक्रमण है, जो कार्निया और कंजंक्टिवा को प्रभावित करता है और लंबे समय तक संक्रमण रहने से पलकें अंदर की ओर मुड़ जाती हैं (ट्रिकियासिस)। 4. 'लेप्रॉसी' (कुष्ठ रोग) माइकोबैक्टीरियम लेप्रे के कारण होता है, जो मुख्य रूप से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क के न्यूरॉन्स को गंभीर रूप से क्षति पहुँचाता है, जबकि इसकी परिधीय तंत्रिकाओं और त्वचा पर कोई संवेदनशीलता प्रभावित नहीं होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव शरीर में अंतःस्रावी ग्रंथियों (Endocrine Glands) और उनके द्वारा स्रावित हार्मोन्स तथा उनकी रासायनिक प्रकृति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हार्मोन' (GnRH) एक पेप्टाइड हार्मोन है जो अग्र पीयूष ग्रंथि को उद्दीपित कर ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हार्मोन (FSH) के स्रावण को प्रेरित करता है। 2. थायराइड ग्रंथि से स्रावित होने वाले थायॉक्सिन ($T_4$) और ट्राईआयोडोथायरोनिन ($T_3$) अमीनो अम्ल टायरोसिन के व्युत्पन्न हैं, जो आयोडीन युक्त होते हैं और शरीर की आधारीय चयापचय दर (BMR) को नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। 3. अधिवृक्क वल्कुट (Adrenal Cortex) से स्रावित होने वाला 'एल्डोस्टेरोन' एक स्टेरॉयड हार्मोन है, जो वृक्क नलिकाओं में सोडियम और जल के पुनअवशोषण को बढ़ावा देता है तथा पोटेशियम और हाइड्रोजन आयनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करता है। 4. पश्च पीयूष ग्रंथि (Neurohypophysis) स्वयं 'ऑक्सीटोसिन' और 'वैसोप्रेसिन' (ADH) हार्मोन्स का संश्लेषण करती है, और तंत्रिकीय संकेतों के प्रभाव में इन्हें सीधे रक्तधारा में मुक्त करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सबसे लंबी हड्डी? प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया कहाँ होती है? मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हॉर्मोनों के नियंत्रण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पीयूष ग्रंथि के पश्च भाग (Neurohypophysis) से स्रावित 'वैसोप्रेसिन' या 'एंटीडायूरेटिक हॉर्मोन' (ADH) वृक्क नलिकाओं में जल के पुनरअवशोषण को बढ़ाता है, और इस हॉर्मोन की भारी कमी के कारण 'डाइयूरेसिस' (मूत्र की मात्रा में वृद्धि) के साथ-साथ 'डाइबिटीज इंसिपिडस' (Diabetes insipidus) नामक विकार उत्पन्न होता है। 2. थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित हॉर्मोन 'थायराक्सिन' ($T_4$) और 'ट्राइआयोडोथायरोनिन' ($T_3$) शरीर की आधारीय चयापचय दर (BMR) को नियंत्रित करते हैं, और इनके संश्लेषण के लिए भोजन में आयोडीन की पर्याप्त मात्रा होना अनिवार्य है, जिसकी कमी से 'गॉइटर' (घेंघा) रोग हो जाता है। 3. अधिवृक्क ग्रंथि के वल्कुट (Adrenal Cortex) से स्रावित 'एल्डोस्टेरोन' एक मिनरलोकॉर्टिकॉइड है, जो रक्त प्लाज्मा में सोडियम आयनों के स्तर को कम करता है और पोटेशियम आयनों के पुनरअवशोषण को अत्यधिक प्रेरित करता है, जिससे रक्तचाप में भारी गिरावट आती है। 4. पैराथाइरॉइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) एक हाइपरकैल्सेमिक हॉर्मोन है जो रक्त में कैल्शियम आयनों के स्तर को बढ़ाने के लिए हड्डियों के resorption (अवशोषण) को प्रेरित करता है तथा आंतों और वृक्कों द्वारा कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.