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General Science
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कौन सी गैस ओजोन परत को सर्वाधिक नुकसान पहुँचाती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
CFC अणु ओजोन को तेजी से नष्ट करते हैं।
Related Questions
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धातुओं, अधातुओं और उनके प्रमुख यौगिकों के रासायनिक गुणों, संक्षारण तथा मिश्रधातुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ऐनोडाइजिंग' (Anodizing) एक विद्युत-रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें एल्युमिनियम धातु पर उसकी प्राकृतिक ऑक्साइड परत को अधिक मोटा और संक्षारण-रोधी बनाया जाता है, जिसके दौरान एल्युमिनियम को एनोड (धनात्मक सिरा) बनाया जाता है और तनु सल्फ्यूरिक अम्ल का उपयोग विद्युत अपघट्य के रूप में किया जाता है।
2. 'पीतल' (Brass) तांबे और टिन की एक मिश्रधातु है, जबकि 'कांस्य' (Bronze) तांबे और जस्ते की मिश्रधातु है, और सोल्डर (Solder) टिन तथा सीसा की एक ऐसी मिश्रधातु है जिसका गलनांक बहुत कम होता है, जिसके कारण इसका उपयोग विद्युत तारों की वेल्डिंग या जोड़ने में किया जाता है।
3. जल की स्थायी कठोरता (Permanent hardness) को दूर करने के लिए 'आयन-विनिमय संमिश्र' (Ion-exchange resins) या 'वॉशिंग सोडा' (Sodium carbonate) का उपयोग किया जाता है, जो जल में घुले कैल्शम और मैग्नीशियम के क्लोराइड तथा सल्फेट लवणों को अघुलनशील कार्बोनेट के रूप में अवक्षेपित कर देते हैं।
4. 'अमलगम' (Amalgam) किसी धातु का पारा (Mercury) के साथ बना मिश्रण होता है, और लोहा एक ऐसी धातु है जो पारे के साथ आसानी से अमलगम बना लेती है, यही कारण है कि लोहे के बर्तनों या टैंकों में पारे का भंडारण किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव रोगों और उनके संचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'ट्रेपोनेमा पैलिडम' (Treponema pallidum) एक सर्पिलाकार जीवाणु (Spirochete) है जो सूजाक (Gonorrhea) नामक यौन संचारित रोग का मुख्य कारक है, और इस संक्रमण के उपचार के लिए पेनिसिलिन का उपयोग किया जाता है।
2. जापानी एन्सेफलाइटिस (Japanese Encephalitis) एक वायरल जनित मस्तिष्क का संक्रमण है, जो मुख्य रूप से 'कुलेक्स' (Culex) प्रजाति की संक्रमित मादा मच्छरों के काटने से फैलता है और इसके विषाणु का प्राकृतिक संवहक (Reservoir) सुअर और जल पक्षी होते हैं।
3. ट्रिकोफाइटन (Trichophyton) और माइक्रोज़ोस्पोरम जैसे कवक (Fungi) दाद (Ringworm) रोग के लिए उत्तरदायी होते हैं, जो मुख्य रूप से त्वचा, नखों और सिर की त्वचा (Scalp) को संक्रमित करते हैं और इनके विकास के लिए गर्म एवं आर्द्र वातावरण अनुकूल होता है।
4. फाइलेरियासिस (Elephantiasis) या हाथीपाँव का संक्रमण वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी नामक गोलकृमि (Nematode) के कारण होता है, जिसका संचरण 'मानसनिया' या 'क्यूलेक्स' मच्छरों द्वारा किया जाता है, और यह कृमि लसीका वाहिनियों (Lymphatic vessels) में स्थायी सूजन उत्पन्न करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आनुवंशिकी और आणविक जीवविज्ञान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेडेल्ियन आनुवंशिकी के 'स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम' (Law of Independent Assortment) का अपवाद 'सहलग्नता' (Linkage) है, जहाँ एक ही गुणसूत्र पर स्थित जीन एक साथ वंशागत होने की प्रवृत्ति रखते हैं और स्वतंत्र रूप से अपव्यूहित नहीं होते हैं।
2. डीएनए (DNA) प्रतिकृति (Replication) के दौरान, 'ओकाज़ाकी खंड' (Okazaki fragments) केवल अग्रगामी स्ट्रैंड (Leading strand) पर संश्लेषित होते हैं, जिन्हें बाद में डीएनए लाइगेज एंजाइम द्वारा जोड़ा जाता है।
3. आनुवंशिक कूट (Genetic Code) की विशेषता यह है कि यह 'असंदिग्ध' (Unambiguous) और 'विशिष्ट' होता है, अर्थात एक विशेष प्रकूट (Codon) हमेशा एक ही विशिष्ट अमीनो अम्ल को कूटबद्ध करता है।
4. प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में अनुलेखन (Transcription) और अनुवाद (Translation) की प्रक्रियाएँ एक साथ (Simultaneously) होती हैं, क्योंकि उनमें केंद्रक झिल्ली का अभाव होता है और आनुवंशिक पदार्थ कोशिकाद्रव्य में सीधे स्थित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, किसी परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय-दर के सीधे समानुपाती होता है।
2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का एक परिणाम है, जो यह बताता है कि प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. जब किसी लंबी परिनालिका (Solenoid) में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के मान को दोगुना कर दिया जाता है, तो उसके भीतर उत्पन्न होने वाले चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता भी दोगुनी हो जाती है, और इसके भीतर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ समानांतर सीधी रेखाओं के रूप में होती हैं।
4. स्वप्रेरण गुणांक (Self-inductance) का SI मात्रक 'वेबर प्रति ऐम्पियर' या 'हेनरी' है, और यह किसी कुंडली की भौतिक ज्यामिति या आकार पर निर्भर नहीं करता है बल्कि केवल उसमें बहने वाली धारा पर निर्भर करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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लोहे में जंग लगना किस प्रकार की अभिक्रिया है?
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