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General Science
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पृथ्वी के चुम्बकत्व और चुंबकीय तत्वों (Magnetic Elements) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. किसी स्थान पर पृथ्वी के कुल चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता का क्षैतिज घटक ($B_H$) और उसका ऊर्ध्वाधर घटक ($B_V$) परस्पर लंबवत होते हैं, तथा यदि नमन कोण (Angle of Dip) $\theta$ हो, तो $B_H = B \cos\theta$ और $B_V = B \sin\theta$ द्वारा व्यक्त किया जाता है।
  2. 2. चुंबकीय विषुवत रेखा (Magnetic Equator) पर नमन कोण का मान $90^\circ$ होता है, जिसके कारण वहाँ पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक शून्य हो जाता है और केवल ऊर्ध्वाधर घटक ही शेष रहता है।
  3. 3. चुंबकीय उत्तर ध्रुव और भौगोलिक उत्तर ध्रुव एक ही बिंदु पर संपाती (Coincident) होते हैं, इसलिए एक कंपास सुई हमेशा भौगोलिक उत्तर-दक्षिण दिशा को सटीक रूप से दर्शाती है बिना किसी चुंबकीय विचलन (Declination) के।
  4. 4. पृथ्वी का क्रोड (Core) पिघली हुई अवस्था में लोहे और निकेल जैसे चुंबकीय पदार्थों के संवहन धाराओं (Convection Currents) के कारण 'डाइनमो प्रभाव' उत्पन्न करता है, जो पृथ्वी के मुख्य चुंबकीय क्षेत्र के लिए उत्तरदायी है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि पृथ्वी के कुल चुंबकीय क्षेत्र $B$ को उसके क्षैतिज घटक ($B_H = B \cos\theta$) और ऊर्ध्वाधर घटक ($B_V = B \sin\theta$) में वियोजित किया जा सकता है। कथन 2 गलत है क्योंकि चुंबकीय विषुवत रेखा पर नमन कोण का मान $0^\circ$ होता है (न कि $90^\circ$), जिससे वहाँ $B_H$ अधिकतम और $B_V$ शून्य होता है; ध्रुवों पर नमन कोण $90^\circ$ होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि चुंबकीय उत्तर ध्रुव और भौगोलिक उत्तर ध्रुव अलग-अलग हैं, और उनके बीच के कोण को चुंबकीय दिक्पात (Magnetic Declination) कहते हैं। कथन 4 सही है क्योंकि पृथ्वी के भीतर पिघले हुए बाह्य क्रोड में तरल लोहे की गति से उत्पन्न संवहन धाराएँ भू-चुम्बकीय क्षेत्र का निर्माण करती हैं जिसे विकिपीडिया संदर्भ भू-चुम्बकत्व (Geomagnetism) के अंतर्गत समझाया गया है।
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