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मानव शरीर के तंत्रों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. दायां आलिंद (Right Atrium) शरीर के विभिन्न भागों से अशुद्ध रक्त महाशिराओं द्वारा प्राप्त करता है और त्रिवलनी कपाट (Tricuspid Valve) के माध्यम से इसे दाएं निलय में भेजता है, जहां से यह फुफ्फुसीय धमनी (Pulmonary Artery) द्वारा फेफड़ों में शुद्धिकरण के लिए जाता है।
- 2. फेफड़ों की कूपिकाओं (Alveoli) में गैसों का विनिमय केवल सक्रिय परिवहन (Active Transport) के माध्यम से होता है, जिसमें एटीपी (ATP) ऊर्जा का प्रत्यक्ष उपयोग होता है क्योंकि ऑक्सीजन का आंशिक दाब कम होता है।
- 3. अग्न्याशय द्वारा स्रावित 'ट्रिप्सिनोजेन' एक सक्रिय एंजाइम है जो सीधे प्रोटीन को अमीनो अम्लों में तोड़ देता है, और इसके सक्रियण के लिए किसी अन्य कारक की आवश्यकता नहीं होती है।
- 4. स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System) का अनुकंपी भाग (Sympathetic System) हृदय की धड़कन को कम करता है और आंतों की क्रमाकुंचन गति को बढ़ाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि मानव हृदय का दायां आलिंद शरीर से अशुद्ध रक्त प्राप्त करता है और त्रिवलनी कपाट के रास्ते दाएं निलय में भेजता है, जो आगे फुफ्फुसीय धमनी के माध्यम से फेफड़ों में जाता है। कूपिकाओं में गैसीय विनिमय सक्रिय परिवहन से नहीं बल्कि सरल विसरण (Simple Diffusion) द्वारा होता है, अतः कथन 2 गलत है। कथन 3 गलत है क्योंकि ट्रिप्सिनोजेन एक निष्क्रिय एंजाइम है जो छोटी आंत के एंटेरोकाइनेज द्वारा सक्रिय ट्रिप्सिन में बदलता है। कथन 4 गलत है क्योंकि अनुकंपी तंत्रिका तंत्र हृदय गति और रक्तचाप को बढ़ाता है, जबकि परानुकंपी (Parasympathetic) तंत्रिका तंत्र इसे धीमा करता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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द्रवों के यांत्रिक गुणों (Mechanical Properties of Fluids) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी केशिका नली (Capillary Tube) में द्रव के ऊपर चढ़ने या नीचे उतरने की ऊँचाई नली की त्रिज्या के व्युत्क्रमानुपाती होती है, और यह ज्यूरीन के नियम (Jurin's Law) द्वारा निर्धारित होती है।
2. श्यानता (Viscosity) के संदर्भ में, तापमान में वृद्धि होने पर द्रवों की श्यानता घट जाती है क्योंकि अणुओं के बीच लगने वाले अंतर-आणविक आकर्षण बल कमजोर हो जाते हैं, जबकि गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने के साथ घट जाती है क्योंकि अणुओं का विसरण कम हो जाता है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में पूर्ण या आंशिक रूप से डुबोया जाता है, तो उस पर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant Force) लगता है जिसका मान वस्तु द्वारा विस्थापित द्रव के भार के बराबर होता है, और यह बल विस्थापित द्रव के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है।
4. पृष्ठ तनाव (Surface Tension) के कारण द्रव की बूँदें न्यूनतम क्षेत्रफल घेरने का प्रयास करती हैं, और यदि जल में कोई अपमार्जक (Detergent) मिला दिया जाए, तो जल का पृष्ठ तनाव बढ़ जाता है जिससे मैल अधिक आसानी से बाहर निकल जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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ऊष्मागतिकी के प्रथम और द्वितीय नियमों तथा तापमापी प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) तापमान की अवधारणा को परिभाषित करता है और यह स्थापित करता है कि यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
2. स्थिर आयतन गैस तापमापी (Constant-volume gas thermometer) गैस के दाब और तापमान के रैखिक संबंध पर कार्य करती है, और इसमें प्रयुक्त गैस (जैसे ही हाइड्रोजन या हीلیم) आदर्श गैस व्यवहार के अत्यधिक निकट होती है।
3. ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम के अनुसार, किसी निकाय को दी जाने वाली ऊष्मा का पूर्ण उपयोग उसकी आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि करने में होता है, और यह नियम ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ ऊष्मा के प्रवाह की दिशा को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है।
4. रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का कोई आदान-प्रदान नहीं होता ($dQ = 0$), और ऐसे प्रक्रम में गैस का प्रसार होने पर उसकी आंतरिक ऊर्जा कम हो जाती है जिससे तापमान में गिरावट आती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रोगों और उनके संचरण या उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'प्लेग' (Plague) एक तीव्र जीवाणु जनित संक्रमण है जो 'येर्सिनिया पेस्टिस' (Yersinia pestis) के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से संक्रमित पिस्सुओं (Fleas) के काटने से या श्वसन बूंदों के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है।
2. 'रैबीज' (Rabies) एक विषाणु जनित संक्रामक रोग है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, और इसके उपचार के लिए 'पाश्चर' द्वारा विकसित एंटी-रैबीज टीके के साथ-साथ 'रैबीज इम्युनोग्लोबुलिन' (RIG) का उपयोग किया जाता है।
3. 'एड्स' (AIDS) के लिए उत्तरदायी HIV एक रेट्रोवायरस है जो शरीर की 'CD4+ T-सहायक कोशिकाओं' को नष्ट करता है, और इसके निदान के लिए 'वेस्टर्न ब्लोट' परीक्षण और 'एलिसा' (ELISA) परीक्षण किए जाते हैं।
4. 'मलेरिया' प्लासमोडियम प्रजाति के परजीवी के कारण होता है, जिसके संचरण के लिए मादा 'क्युलेक्स' मच्छर प्राथमिक संवाहक के रूप में कार्य करती है और इसके उपचार में क्लोरिनक्विइन प्रभावी औषधि है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और विभिन्न परिपथों (Circuits) के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक का प्रतिरोध उसके तापमान पर निर्भर करता है; धात्विक चालकों (Metallic conductors) का तापमान बढ़ाने पर उनका प्रतिरोध बढ़ता है, जबकि अर्धचालकों (Semiconductors) और विद्युत अपघट्यों (Electrolytes) का तापमान बढ़ने पर उनका प्रतिरोध घट जाता है।
2. जब प्रतिरोधकों के एक समूह को समानांतर क्रम (Parallel combination) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध समूह के सबसे छोटे व्यक्तिगत प्रतिरोध से भी कम होता है, और प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों पर विभवांतर का मान भिन्न-भिन्न होता है।
3. किरचॉफ का प्रथम नियम (संधि नियम या KCL) आवेश संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी भी संधि पर मिलने वाली सभी विद्युत धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
4. एक आदर्श वोल्टमीटर का आंतरिक प्रतिरोध अनंत माना जाता है, यही कारण है कि इसे परिपथ में हमेशा उस घटक के साथ समानांतर क्रम में जोड़ा जाता है जिसके सिरों का विभवांतर मापना होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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