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General Science
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और पेट्रोकेमिकल प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. एल्काइन्स (Alkynes) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनका सामान्य सूत्र $C_n H_{2n-2}$ होता है, और इनमें कार्बन-कार्बन परमाणुओं के मध्य कम से कम एक त्रिक बंध पाया जाता है, जो संकरण (sp hybridization) के कारण इन्हें एल्कीन्स और एल्केन्स की तुलना में अधिक अम्लीय प्रकृति प्रदान करता है।
- 2. 'सीटेन संख्या' (Cetane Number) डीजल ईंधन की प्रज्वलन गुणवत्ता का माप है, जिसमें उच्च सीटेन संख्या वाले ईंधन (जैसे एन-हेक्ساडेकेन, मान 100) नॉकिंग का अधिक प्रतिरोध करते हैं और कम विलंब अवधि (Ignition delay) प्रदर्शित करते हैं।
- 3. आंशिक आसवन (Fractional Distillation) प्रक्रिया के दौरान पेट्रोलियम के विभिन्न घटकों को उनके क्वथनांकों के अंतर के आधार पर अलग किया जाता है, जिसमें सबसे कम क्वथनांक वाले घटक (जैसे पेट्रोल और नेप्था) टॉवर के सबसे ऊपरी हिस्से में संघनित होकर प्राप्त होते हैं।
- 4. उत्प्रेरकी क्रैकिंग (Catalytic Cracking) प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य भारी उच्च क्वथनांक वाले गैस ऑयल अंशों को कम आणविक भार वाले उच्च गुणवत्ता वाले गैसोलीन में तोड़ना है, और इस प्रक्रिया में उपयोग किए जाने वाले उत्प्रेरक मुख्य रूप से सिलिका-एलुमिना जिओलाइट्स होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। एल्काइन्स में एसपी ($sp$) संकरण के कारण कार्बन परमाणु की विद्युतऋणाता बढ़ जाती है, जिससे जुड़े हाइड्रोजन परमाणु अम्लीय प्रकृति दर्शाते हैं। डीजल की गुणवत्ता सीटेन संख्या से तथा पेट्रोल की गुणवत्ता ऑक्टेन संख्या से मापी जाती है। पेट्रोलियम परिशोधन में आंशिक आसवन और उत्प्रेरकी क्रैकिंग (Catalytic cracking) की प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हैं। विस्तृत जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रक्त समूह 'AB' वाले व्यक्तियों की लाल रक्त कणिकाओं (RBC) की सतह पर A और B दोनों प्रतिजन (Antigens) होते हैं, लेकिन उनके प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों प्रकार के एंटीबॉडी का पूर्ण अभाव होता है, जिसके कारण उन्हें 'सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता' (Universal Recipient) कहा जाता है।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' (Bombay Blood Group) सबसे दुर्लभ रक्त समूहों में से एक है, जिसमें व्यक्ति के लाल रक्त कणिकाओं पर 'H प्रतिजन' की अनुपस्थिति होती है, क्योंकि इनमें FUT1 जीन का उत्परिवर्तन होता है, और ऐसा व्यक्ति केवल बॉम्बे फेनोटाइप वाले व्यक्ति से ही रक्त प्राप्त कर सकता है।
3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस (Erythroblastosis fetalis) एक ऐसी स्थिति है जो Rh-धनात्मक पिता और Rh-ऋणात्मक माता के प्रथम गर्भधारण के दौरान ही गंभीर रूप से उत्पन्न हो जाती है, जिससे नवजात शिशु में गंभीर पीलिया और एनीमिया हो जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी का जुड़वां ग्रह कौन है?
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और उनके यौगिकों के रासायनिक तथा भौतिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्काइन्स (Alkynes) त्रि-आबंध युक्त असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं, और अम्लीय प्रकृति प्रदर्शित करते हुए ये सोडियम धातु के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करते हैं, जिसका कारण $sp$ संकरित कार्बन से जुड़े हाइड्रोजन की उच्च अम्लता है।
2. जब एथिलीन ($C_2H_4$) की अभिक्रिया क्षारकिय पोटैशियम परमैंगनेट ($KMnO_4$) के ठंडे और तनु विलयन (बेयर अभिकर्मक) के साथ कराई जाती है, तो यह अभिक्रिया एक चक्रीय मैंगनेट एस्टर मध्यवर्ती के माध्यम से आगे बढ़ती है, जिससे ग्लाइकोल का निर्माण होता है और $KMnO_4$ का गुलाबी रंग गायब हो जाता है।
3. बेंजीन जैसे एरोमैटिक यौगिकों में इलेक्ट्रॉन्सनेही aromatic प्रतिस्थापन (Electrophilic Aromatic Substitution) अभिक्रियाओं के दौरान, नाइट्रोनियम आयन ($NO_2^+$) का जुड़ना एक दर-निर्धारक पद होता है, जो बेंजीन वलय के $\pi$-इलेक्ट्रॉन अभ्र पर आक्रमण करके एक मध्यवर्ती 'सिग्मा संकुल' (Arenium ion) का निर्माण करता है।
4. मार्कोवनिकोव नियम के विपरीत, पेरोक्साइड की उपस्थिति में प्रोपीन की हाइड्रोजन ब्रोमाइड ($HBr$) के साथ संकलन अभिक्रिया 'खराश प्रभाव' या पेरोक्साइड प्रभाव के अंतर्गत होती है, जिसमें मुक्त मूलक क्रियाविधि के कारण ब्रोमीन परमाणु उस कार्बन पर जुड़ता है जिसके पास कम हाइड्रोजन परमाणु होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg Equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संगमित होने वाली आबादी में एलील आवृत्तियां (Allele frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते कि उस आबादी पर चयन, उत्परिवर्तन, प्रवासन और आनुवंशिक अपवाह जैसे विकासवादी बल कार्य न कर रहे हों।
2. 'हार्डी-वीनबर्ग समीकरण' $p^2 + 2pq + q^2 = 1$ में, पद '$2pq$' समरूपी (Homozygous) प्रभावी जीनोटाइप की आवृत्ति को दर्शाता है।
3. प्राकृतिक चयन (Natural Selection) का 'स्थाईकारी चयन' (Stabilizing Selection) प्रारूप चरम फेनोटाइप्स के विरुद्ध कार्य करता है और औसत या मध्यवर्ती फेनोटाइप्स पक्ष में होता है, जिससे आबादी की विविधता कम हो जाती है।
4. आनुवंशिक अपवाह (Genetic Drift) मुख्य रूप से बड़ी आबादियों में अधिक प्रभावी होता है और यह प्राकृतिक चयन के बिल्कुल विपरीत दिशा में कार्य करता हुआ यादृच्छिक रूप से एलील आवृत्तियों को बदल देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पारसेक' (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो कि उस दूरी के बराबर होती है जिस पर एक खगोलीय इकाई (AU) की चाप पृथ्वी की कक्षा की औसत त्रिज्या के केंद्र पर एक आर्कसेकंड का कोण बनाती है।
2. किसी भौतिक राशि के विमीय सूत्र में यदि द्रव्यमान, लंबाई और समय की विमाएँ क्रमशः $A, B$ और $C$ हैं, तो उस राशि की पद्धति बदलने पर उसका संख्यात्मक मान (Numerical value) बदल जाता है, किंतु उसका विमीय सूत्र और एसआई मात्रक अपरिवर्तित रहते हैं।
3. 'प्रकाश वर्ष' (Light-year) समय की एक इकाई है जिसका उपयोग अंतरिक्ष में अत्यधिक तीव्र गतियों और अंतरालीय समय अंतरालों को मापने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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