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विलयन और उत्प्रेरण (Solutions and Catalysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. राउल्ट का नियम (Raoult's Law) यह बताता है कि किसी वाष्पशील विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन के वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल प्रभाज के बराबर होता है, जो कि एक अणुसंख्यक गुणधर्म (Colligative property) है।
- 2. समांग उत्प्रेरण (Homogeneous Catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारक दोनों समान भौतिक अवस्था (जैसे सभी गैस या सभी द्रव) में होते हैं, जबकि विषमांग उत्प्रेरण में उत्प्रेरक ठोस अवस्था में होता है और अभिकारक गैस या द्रव अवस्था में होते हैं।
- 3. वान 'ट हॉफ गुणांक ($i$) का मान उन विलेय पदार्थों के लिए एक से अधिक होता है जो जलीय विलयन में वियोजित (Dissociation) हो जाते हैं (जैसे NaCl), जबकि संघनित (Association) होने वाले यौगिकों के लिए इसका मान एक से कम होता है।
- 4. एंजाइम उत्प्रेरण (Enzyme Catalysis) अत्यधिक विशिष्ट प्रकृति के होते हैं और उच्च तापमान पर उनकी उत्प्रेरकीय सक्रियता बढ़ जाती है क्योंकि ऊष्मा मिलने से एंजाइम की त्रि-विमीय संरचना अधिक स्थिर हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि एंजाइम अत्यधिक संवेदनशील और विशिष्ट होते हैं; एक निश्चित इष्टतम (Optimum) तापमान के बाद उच्च तापमान पर एंजाइम की प्रोटीन संरचना विकृत (Denature) हो जाती है, जिससे उनकी उत्प्रेरकीय सक्रियता समाप्त हो जाती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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तंत्रिका तंत्र की इकाई?
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र और हॉर्मोन्स के नियमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एड्रिनल ग्रंथि का वल्कुट (Adrenal cortex) 'एल्डोस्टेरोन' (Aldosterone) मिनरलोकॉर्टिकोइड का स्राव करता है, जो मुख्य रूप से वृक्क नलिकाओं पर कार्य करके सोडियम आयनों और जल के पुनरअवशोषण को बढ़ाता है तथा पोटेशियम एवं हाइड्रोजन आयनों के उत्सर्जन को प्रेरित करता है।
2. पैराथाइरॉइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'पैराथर्मोन' (PTH) एक हाइपरकैल्सेमिक हॉर्मोन है, जो रक्त में कैल्सियम के स्तर को बढ़ाने के लिए अस्थियों के पुनरावशोषण (Bone resorption) को उत्तेजित करता है और वृक्कों द्वारा कैल्सियम के पुनरअवशोषण को कम करता है।
3. थायराइड ग्रंथि की फॉलिक्युलर कोशिकाएं 'थायरोक्सिन' ($T_4$) और 'ट्रायोआयोडोथायरोनिन' ($T_3$) का संश्लेषण करती हैं, जिनके निर्माण के लिए टायरोसिन अमीनो अम्ल और आयोडीन की अनिवार्य आवश्यकता होती है।
4. पीयूष ग्रंथि का पश्च भाग (Neurohypophysis) स्वयं किसी हॉर्मोन का संश्लेषण नहीं करता है, बल्कि यह हाइपोथैलेमस द्वारा उत्पादित 'वैसोप्रेसिन' (ADH) और 'ऑक्सीटोसिन' को संचयित कर रक्त में विमोचित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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मानव पोषण और जैव अणुओं (विटामिन, कार्बोहाइड्रेट एवं प्रोटीन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विघटनीय विटामिन है जो यकृत में कई वर्षों तक संचित रह सकता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय की parietal कोशिकाओं द्वारा 'इंट्रिंसिक फैक्टर' (Intrinsic Factor) का स्रावण आवश्यक होता है।
2. ग्लाइकोजन एक शाखित बहुलक (Branched polymer) है जो ग्लूकोज की इकाइयों से मिलकर बनता है, जिसमें मुख्य श्रृंखला $\alpha-1,4$ ग्लाइकोसिडिक बंध और शाखा बिंदु $\alpha-1,6$ ग्लाइकोसिडिक बंध द्वारा जुड़े होते हैं।
3. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential Amino Acids) वे होते हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर के भीतर पर्याप्त मात्रा में नहीं हो सकता, इसलिए उन्हें आहार के माध्यम से प्राप्त करना अनिवार्य होता है, जिसका एक प्रमुख उदाहरण 'वैलीन' और 'लाइसिन' हैं।
4. सेलूलोज पादप कोशिका भित्ति का मुख्य घटक है, जो $\beta-1,4$ ग्लाइकोसिडिक बंधों से युक्त एक रैखिक पॉलीसैकराइड है, और मानव पाचन तंत्र में इसे पचाने के लिए 'सेल्युलेज' एंजाइम प्रचुर मात्रा में स्रावित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं के निष्कर्षण (Metallurgical Processes), संक्षारण (Corrosion) और उनके रासायनिक यौगिकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कॉपर पाइराइट्स ($CuFeS_2$) के प्रगालन (Smelting) के दौरान बनने वाला 'मैट' (Matte) मुख्य रूप से क्यूप्रस सल्फाइड ($Cu_2S$) और फेरस सल्फाइड ($FeS$) का मिश्रण होता है, जिसमें से आयरन की अशुद्धियों को हटाने के लिए सिलिका ($SiO_2$) को गलनक (Flux) के रूप में मिलाया जाता है।
2. 'थर्माइट वेल्डिंग' (Thermite Welding) में फेरिक ऑक्साइड ($Fe_2O_3$) का अपचयन एल्युमिनियम चूर्ण द्वारा किया जाता है, जो एक अत्यधिक ऊष्माक्षेपी (Exothermic) अभिक्रिया है और इसमें पिघला हुआ लोहा रेल की पटरियों की दरारों को भरने के काम आता है।
3. लोहे पर जंग लगने की रासायनिक परिघटना एक विद्युत-रासायनिक प्रक्रिया है, जिसमें एनोड पर लोहे का ऑक्सीकरण होकर $Fe^{2+}$ आयन बनते हैं, जबकि कैथोड पर ऑक्सीजन का अपचयन होता है और इसके निवारण के लिए 'गेल्वेनीकरण' प्रक्रिया के तहत लोहे के ऊपर जस्ते (Zinc) की परत चढ़ाई जाती है।
4. सान्द्र नाइट्रिक अम्ल ($HNO_3$) एल्युमिनियम धातु के साथ अभिक्रिया करके उसकी सतह पर एल्युमिनियम ऑक्साइड की एक निष्क्रिय (Passive) परत का निर्माण करता है, जिसके कारण एल्युमिनियम के बर्तन में नाइट्रिक अम्ल का भंडारण नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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