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General Science
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के अनुक्रमानुपाती होता है।
  2. 2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का पालन करता है, जिसके अनुसार प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
  3. 3. जब किसी लंबी परिनालिका (Solenoid) के भीतर उच्च चुम्बकीय प्रवृत्ति (Magnetic Susceptibility) वाली नरम लोहे की कोर को रखा जाता है, तो परिनालिका के भीतर का चुंबकीय क्षेत्र कमजोर हो जाता है क्योंकि नरम लोहा बाह्य चुंबकीय क्षेत्र को प्रतिकर्षित करता है।
  4. 4. स्वप्रेरकत्व (Self-Inductance) किसी कुंडली का वह गुण है जिसके कारण वह कुंडली से गुजरने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करती है, और इसका एसआई मात्रक हेनरी (Henry) होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

विद्युत चुंबकीय प्रेरण और चुम्बकत्व के संदर्भ में कथन 1, 2 और 4 सही हैं, जबकि कथन 3 असत्य है। फैराडे के नियमानुसार प्रेरित विद्युत वाहक बल चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है। लेंज का नियम ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है। नरम लोहे की कोर को परिनालिका में रखने पर चुम्बकीय क्षेत्र कमजोर नहीं बल्कि अत्यधिक प्रबल हो जाता है क्योंकि नरम लोहे की चुंबकीय पारगम्यता (Permeability) बहुत अधिक होती है और यह चुंबकीय बल रेखाओं को अपने में से आसानी से गुजरने देता है। स्वप्रेरकत्व का मात्रक हेनरी है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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