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General Science
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मानव रोगों, उनके संचरण और विशिष्ट संक्रामक एजेंटों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'प्लेग' (Plague) एक तीव्र जीवाणु जनित संक्रमण है जो 'येर्सिनिया पेस्टिस' (Yersinia pestis) नामक ग्राम-ऋणात्मक जीवाणु के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से चूहों पर पाए जाने वाले पिसू (Fleas) के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है।
- 2. 'रैबीज' (Rabies) एक विषाणु जनित घातक रोग है जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, और इसके विषाणु लार के माध्यम से संक्रमित जानवरों (जैसे कुत्ते, चमगादर) के काटने या खरोंचने से शरीर में प्रवेश करते हैं।
- 3. 'अमीबायसिस' (Amoebiasis) या अमीबी अतिसार एक प्रोटोजोआ जनित रोग है जो 'एंटामोइबा हिस्टोलिटिका' के कारण होता है, और इसका संचरण संदूषित जल या भोजन के माध्यम से होता है, जिसके लक्षणों में कब्ज, रक्तयुक्त मल और पेट में ऐंठन शामिल हैं।
- 4. 'फाइलेरियासिस' या हाथीपाँव का संक्रमण 'प्लास्मोडियम फाल्ciparum' नामक परजीवी के कारण होता है, जिसका संचरण 'एनाफिलिस' मच्छरों द्वारा होता है और यह मानव शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। प्लेग, येर्सिनिया पेस्टिस जीवाणु के कारण होता है; रैबीज एक लाइसावायरस (Lyssavirus) जनित तंत्रिका संबंधी रोग है; और अमीबायसिस एंटामोइबा हिस्टोलिटिका नामक प्रोटोजोआ द्वारा होता है। कथन 4 गलत है क्योंकि फाइलेरियासिस (हाथीपाँव) वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी जैसे गोलकृमि (Nematode) के कारण होता है, न कि प्लास्मोडियम फाल्ciparum (जो मलेरिया का कारक है) द्वारा। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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विद्युत परिपथों और किचहोफ के नियमों (Kirchhoff's Laws) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किचहोफ का प्रथम नियम (धारा नियम या KCL) आवेश संरक्षण के सिद्धांत (Conservation of Charge) पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली सभी धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
2. किचहोफ का द्वितीय नियम (वोल्टेज नियम या KVL) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जो यह बताता है कि किसी बंद पाश (Closed loop) में कुल विभव परिवर्तनों का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
3. व्हीटस्टोन ब्रिज (Wheatstone Bridge) का उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को मापने के लिए किया जाता है, और यह संतुलन की स्थिति में तब होता है जब धारामापी (Galvanometer) में कोई विक्षेप नहीं होता है, यानी $P/Q = R/S$।
4. किसी सेल का आंतरिक प्रतिरोध (Internal Resistance) उसके टर्मिनल विभवांतर को बढ़ाने का कार्य करता है जब सेल से कोई विद्युत धारा ली जा रही हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत ऊर्जा संरक्षण, कार्य और गति के नियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी बंद निकाय में सभी आंतरिक रूढ़िवादी (Conservative) बलों के अधीन गति करने पर कुल यांत्रिक ऊर्जा (गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग) सदैव संरक्षित रहती है, भले ही निकाय पर बाहरी असंवयी (Non-conservative) बल कार्य कर रहे हों।
2. जब कोई पिंड किसी खुरदरे क्षैतिज तल पर घर्षण बल के विरुद्ध गति करता है, तो घर्षण बल द्वारा किया गया कार्य ऋणात्मक होता है और यह कार्य यांत्रिक ऊर्जा को तापीय ऊर्जा में रूपांतरित कर देता है, जिससे कुल यांत्रिक ऊर्जा में ह्रास होता है।
3. 'कार्य-ऊर्जा प्रमेय' (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किसी पिंड पर सभी बलों द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के ठीक बराबर होता है, और यह प्रमेय केवल संरक्षी बलों के लिए ही मान्य है, असंवयी बलों के लिए नहीं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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कार्बनिक रसायन और हाइड्रोकार्बन के वैचारिक पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल (Single) सहसंयोजक बंध होते हैं, और ये मुख्य रूप से मुक्त मूलक प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं (Free radical substitution reactions) में भाग लेते हैं।
2. 'मार्कोवनीकॉव नियम' (Markovnikov's Rule) के अनुसार, किसी असममित एल्कीन पर सममित या असममित अभिकर्मक (जैसे HBr) के योग के दौरान, अभिकर्मक का ऋणात्मक भाग उस द्विआबंधी कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिक होती है।
3. 'एसेटिलीन' (Acetylene) या एथाइन एक ऐल्काइन है, जिसे जब लाल तप्त लोहे की नली में 873 K तापमान पर प्रवाहित किया जाता है, तो यह चक्रीय बहुलकीकरण (Cyclic polymerization) के माध्यम से बेंजीन का निर्माण करता है।
4. पेट्रोलियम शोधन के दौरान 'ऑकोटेन संख्या' (Octane Number) पेट्रोल की 'अपस्फोटन-रोधी' (Anti-knocking) क्षमता का माप होती है, जिसमें उच्च ऑक्टेन संख्या वाला ईंधन (जैसे आइसो-ऑक्टेन) निम्न ऑक्टेन संख्या वाले ईंधन (जैसे एन-हेप्टेन) की तुलना में इंजन में बेहतर प्रदर्शन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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परमाणु संरचना और क्वांटम यांत्रिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता का सिद्धांत यह बताता है कि किसी कण की स्थिति और उसके संवेग (या वेग) का एक साथ सटीक निर्धारण करना असंभव है, और इन दोनों अनिश्चितताओं का गुणनफल प्लांक स्थिरांक ($h$) के आधे या उसके आधे से अधिक ($h/4\pi$) के बराबर होता है।
2. आउफबाऊ नियम (Aufbau Principle) के अनुसार, परमाणु में कक्षकों को भरने का क्रम उनकी ऊर्जा के बढ़ते क्रम में होता है, जिसका निर्धारण $(n + l)$ नियम द्वारा किया जाता है, जहाँ समान $(n + l)$ मान होने पर उच्च मुख्य क्वांटम संख्या ($n$) वाले कक्षक को पहले भरा जाता है।
3. पाउली का अपवर्जन सिद्धांत (Pauli's Exclusion Principle) यह स्पष्ट करता है कि किसी परमाणु में किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं का मान सर्वसम (समान) नहीं हो सकता है, और एक कक्षक में विपरीत चक्रण (Spins) वाले अधिकतम दो ही इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं।
4. हुंड का अधिकतम बहुलकता नियम (Hund's Rule of Maximum Multiplicity) यह निर्देश देता है कि किसी उपकोश (Subshell) के कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन तब तक नहीं होता जब तक कि प्रत्येक उपलब्ध कक्षक में एक-एक इलेक्ट्रॉन समानांतर चक्रण के साथ प्रवेश न कर ले।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) के संदर्भ में, निम्नलिखित हार्मोन्स और उनके मुख्य कार्यों पर विचार कीजिए:
1. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) की बीटा कोशिकाओं से स्रावित 'इंसुलिन' यकृत और पेशीय कोशिकाओं में ग्लूकोज को ग्लाइकोजेन के रूप में संग्रहित करने की प्रक्रिया यानी 'ग्लाइकोजेनेसिस' को प्रेरित करता है।
2. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) का वल्कल भाग (Cortex) 'एल्डोस्टेरोन' का स्रावण करता है, जो वृक्क नलिकाओं से सोडियम आयनों और जल के पुनravsorption (पुनः अवशोषण) को बढ़ावा देता है तथा पोटेशियम आयनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करता है।
3. पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) के पश्च भाग (Neurohypophysis) से संश्लेषित और स्रावित होने वाला 'मेलाटोनिन' हार्मोन शरीर की सर्काडियन रिदम (24-घंटे की जैविक घड़ी) और निद्रा-जागृति चक्र को मुख्य रूप से नियंत्रित करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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