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General Science
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आवर्त सारणी के तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) और उनके प्रवृत्तियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या (Atomic Radius) सामान्यतः घटती है, क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective Nuclear Charge) में वृद्धि होती है, जो बाहरी इलेक्ट्रॉनों को नाभिक की ओर अधिक तीव्रता से आकर्षित करती है।
  2. 2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron Gain Enthalpy) का ऋणात्मक मान हैलोजन समूह में नीचे की ओर जाने पर (परमाणु आकार बढ़ने के साथ) लगातार बढ़ता है, और फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी समूह में सबसे अधिक ऋणात्मक होती है।
  3. 3. 'इलेक्ट्रॉनों को आकर्षित करने की क्षमता' को मापने के लिए पॉलिंग पैमाने (Pauling Scale) पर फ्लोरीन की विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) समस्त तत्वों में सबसे अधिक होती है, जिसका मान 4.0 निर्धारित किया गया है।
  4. 4. सोडियम से मैग्नीशियम की ओर जाने पर प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionization Enthalpy) का मान बढ़ जाता है, जिसका मुख्य कारण मैग्नीशियम में पूर्णतः भरे हुए 3s कक्षक (Fully filled 3s orbital) का होना है जो अतिरिक्त स्थायित्व प्रदान करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर नाभिकीय आवेश बढ़ता है जिससे परमाणु त्रिज्या घटती है। कथन 2 गलत है; हालांकि सामान्यतः ऊपर से नीचे जाने पर इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी कम ऋणात्मक होती है, किंतु फ्लोरीन ($F$) का छोटा आकार होने के कारण आने वाले इलेक्ट्रॉन पर प्रतिकर्षण बल अधिक लगता है, जिससे इसकी इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी क्लोरीन ($Cl$) की तुलना में कम ऋणात्मक होती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं। कथन 3 सही है, पॉलिंग पैमाने पर फ्लोरीन की विद्युत ऋणात्मकता 4.0 होती है जो अधिकतम है। कथन 4 सही है, मैग्नीशियम ($3s^2$) का विन्यास अधिक स्थायी होने के कारण इसकी आयनन ऊर्जा सोडियम से अधिक होती है।
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