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General Science
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मानव शरीर में जैविक अणुओं और पोषण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. विटामिन B$_1$ (थायमिन) का सक्रिय सह-एंजाइम रूप 'थायमिन पाइरोफॉस्फेट' (TPP) है, जो कार्बोहाइड्रेट उपापचय के दौरान पाइरुविक एसिड के ऑक्सीडेटिव डिकार्बोक्सिलेशन में मुख्य भूमिका निभाता है।
  2. 2. ग्लाइकोजन (Glycogen) एक शाखित पॉलिसैराइड है जिसे 'जंतु स्टार्च' भी कहा जाता है, जिसका भंडारण मुख्य रूप से यकृत और कंकाल पेशियों में होता है, और इसमें ग्लूकोज इकाइयाँ आपस में $\alpha-1,4$ ग्लाइकोसाइडिक बंधों तथा शाखा बिंदुओं पर $\alpha-1,6$ ग्लाइकोसाइडिक बंधों द्वारा जुड़ी होती हैं।
  3. 3. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential Amino Acids) वे होते हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर के भीतर पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पाता है, इसलिए उन्हें आहार के माध्यम से लेना अनिवार्य होता है, जैसे कि वैलीन, ल्यूसिन और आइसोल्यूसिन।
  4. 4. विटामिन D एक जल-विलेय विटामिन है जो शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के होमियोस्टेसिस को विनियमित करने के लिए steroid हार्मोन की तरह कार्य करता है, और इसकी कमी से वयस्कों में 'ऑस्टियोमैलेशिया' रोग हो जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 सही हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि विटामिन D एक वसा-विलेय (Fat-soluble) विटामिन है, न कि जल-विलेय। वसा-विलेय विटामिनों में A, D, E और K शामिल हैं, जबकि विटामिन B-कॉप्लेक्स और विटामिन C जल-विलेय होते हैं। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, विटामिन D हमारे शरीर में सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में कोलेस्ट्रॉल से संश्लेषित होता है और यह कैल्शियम तथा फॉस्फोरस के अवशोषण को नियंत्रित करता है।
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