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General Science
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एलपीजी (LPG) और सीएनजी (CNG) जैसे ईंधन तथा उनके रासायनिक घटकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, जिसे उच्च दबाव में आसानी से द्रवीकृत किया जाता है, और सुरक्षा की दृष्टि से इसमें गंध के लिए 'एथिल मर्कैप्टन' ($C_2H_5SH$) मिलाया जाता है।
- 2. संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG) में मुख्य घटक मीथेन होता है, जो वायु की तुलना में हल्का होता है और इसके दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड तथा सल्फर डाइऑक्साइड का उत्सर्जन न्यूनतम होता है, जिससे यह पर्यावरण अनुकूल ईंधन माना जाता है।
- 3. 'सीटेन संख्या' (Cetane Number) डीजल ईंधन की दहन गुणवत्ता और उसके 'अपस्फोटन-रोधी' (Anti-knocking) गुणों का माप होती है, जिसमें उच्च सीटेन संख्या वाला ईंधन इंजन में तेजी से और सुचारू रूप से प्रज्वलित होता है।
- 4. पेट्रोलियम शोधन के दौरान भंजक आसवन (Cracking) प्रक्रिया का उपयोग उच्च आणविक द्रव्यमान वाले भारी हाइड्रोकार्बन को कम आणविक द्रव्यमान वाले उपयोगी गैसोलीन में तोड़ने के लिए किया जाता है, जिसमें उच्च तापमान और उत्प्रेरक का उपयोग होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है और रिसाव का पता लगाने के लिए इसमें एथिल मर्कैप्टन मिलाया जाता है। सीएनजी (CNG) का मुख्य घटक मीथेन है जो पर्यावरण के अनुकूल है। डीजल की गुणवत्ता सीटेन संख्या द्वारा मापी जाती है और भारी हाइड्रोकार्बन को तोड़ने के लिए भंजक आसवन (Cracking) प्रक्रिया का प्रयोग होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के द्वितीय नियम के अनुसार, किसी परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय दर के अनुक्रमानुपाती होता है।
2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का पालन करता है, जिसके अनुसार प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. जब किसी लंबी परिनालिका (Solenoid) के भीतर उच्च चुम्बकीय प्रवृत्ति (Magnetic Susceptibility) वाली नरम लोहे की कोर को रखा जाता है, तो परिनालिका के भीतर का चुंबकीय क्षेत्र कमजोर हो जाता है क्योंकि नरम लोहा बाह्य चुंबकीय क्षेत्र को प्रतिकर्षित करता है।
4. स्वप्रेरकत्व (Self-Inductance) किसी कुंडली का वह गुण है जिसके कारण वह कुंडली से गुजरने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करती है, और इसका एसआई मात्रक हेनरी (Henry) होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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चिपको आंदोलन का नेतृत्व किसने किया?
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यूकेरियोटिक कोशिकाओं में कोशिका विभाजन (Cell Division) और कोशिका चक्र (Cell Cycle) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोशिका चक्र की 'एस-अवस्था' (S-phase) के दौरान डीएनए का प्रतिकृतियन (Replication) होता है, जिसके परिणामस्वरूप यदि कोशिका में जी-1 अवस्था ($ ext{G}_1 ext{ phase}$) में डीएनए की मात्रा '2C' थी, तो एस-अवस्था के पश्चात यह मात्रा बढ़कर '4C' हो जाती है, किंतु गुणसूत्रों की संख्या (Ploidy level) अपरिवर्तित रहती है।
2. सूत्री विभाजन (Mitosis) की 'मेटाफेज' (Metaphase) अवस्था में गुणसूत्र अपने अधिकतम संकुचित रूप में दिखाई देते हैं, और इस दौरान स्पिंडल फाइबर (तर्कु तंतु) गुणसूत्र के सेंट्रोमियर पर स्थित 'काइनेटोकोर' (Kinetochore) प्रोटीन संरचना से जुड़ जाते हैं।
3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की पैचिटीन (Pachyneteen/Pachytene) उप-अवस्था में समजात गुणसूत्रों के गैर-भ्रातृ गुणसूत्रिका (Non-sister chromatids) के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय होता है, जिसे 'क्रॉसिंग ओवर' कहा जाता है और यह 'रिकॉम्बिनेज' एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होता है।
4. अर्धसूत्री विभाजन के दौरान समजात गुणसूत्रों का पृथक्करण और युग्मकों (Gametes) में गुणसूत्रों की संख्या का आधा होना हमेशा 'एनाफेज-II' (Anaphase-II) के दौरान होता है, जबकि एनाफेज-I में केवल सिस्टर क्रोमैटिड्स अलग होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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