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General Science
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. आरएच कारक (Rh Factor) की खोज कार्ल लैंडस्टीनर और विनर ने 'मैकाक' (Macaca rhesus) बंदर में की थी, और Rh-धनात्मक व्यक्ति के रक्त प्लाज्मा में प्राकृतिक रूप से Rh-प्रतिपिंड (Rh antibodies) मौजूद होते हैं।
- 2. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटेलिस (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक पिता और Rh-ऋणात्मक माता की प्रथम संतान गर्भ में होती है, जिससे भ्रूण के लाल रक्त कण नष्ट होने लगते हैं।
- 3. एबी (AB) रक्त समूह वाले व्यक्तियों की लाल रक्त कणिकाओं की सतह पर 'ए' और 'बी' दोनों प्रतिजन (Antigens) होते हैं, लेकिन उनके रक्त प्लाज्मा में 'एंटी-ए' और 'एंटी-बी' दोनों प्रकार के प्रतिपिंड (Antibodies) अनुपस्थित होते हैं।
- 4. रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया के दौरान, 'प्रोथ्रोम्बिन' का 'थ्रोम्बिन' में रूपांतरण 'थ्रॉम्बोकाइनेज' एंजाइम और कैल्शियम आयनों की उपस्थिति में होता है, जो फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन में बदलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि Rh-धनात्मक व्यक्ति के रक्त प्लाज्मा में प्राकृतिक रूप से Rh-प्रतिपिंड नहीं होते हैं; Rh-प्रतिपिंड केवल तभी उत्पन्न होते हैं जब एक Rh-ऋणात्मक व्यक्ति को Rh-धनात्मक रक्त का संपर्क कराया जाता है। कथन 2 गलत है क्योंकि एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटेलिस सामान्यतः Rh-ऋणात्मक माता और Rh-धनात्मक पिता की **द्वितीय** या बाद की संतानों के समय गंभीर समस्या बनती है, प्रथम संतान आमतौर पर सुरक्षित होती है। कथन 3 सही है क्योंकि AB रक्त समूह में दोनों एंटीजन (A और B) होते हैं और प्लाज्मा में कोई एंटीबॉडी नहीं होती, इसीलिए इसे सर्वग्राही (Universal recipient) कहा जाता है। कथन 4 पूरी तरह सही है, रक्त स्कंदन में प्रोथ्रोम्बिन को थ्रोम्बिन में बदलने के लिए थ्रॉम्बोप्लास्टिन/थ्रॉम्बोकाइनेज और Ca²⁺ आयन आवश्यक होते हैं, जो अंततः फाइब्रिन का जाल बनाते हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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आनुवंशिकी और जैव विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संप्रजनन करने वाली आबादी में एलील आवृत्तियाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर और नियत रहती हैं, बशर्ते कि उस पर उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, जीन प्रवाह और आनुवंशिक विचलन जैसी विकासवादी शक्तियाँ कार्य न कर रही हों।
2. 'अनुवंशिक अपवाह' (Genetic drift) बड़े पैमाने की आबादी की तुलना में छोटी आबादी में अधिक प्रभावशाली ढंग से काम करता है, जिसके कारण बिना किसी अनुकूलन के लाभ के भी यादृच्छिक रूप से एलील आवृत्तियों में तेजी से परिवर्तन हो सकता है।
3. लामार्कवाद के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) के सिद्धांत को वीिज़मैन के 'जननप्लाज्म की निरंतरता' (Continuity of germplasm) के प्रयोगों द्वारा पूरी तरह से सही सिद्ध कर दिया गया था, जिसमें उन्होंने चूहों की कई पीढ़ियों तक पूँछ काटने के बाद भी पाया कि अगली पीढ़ी में पूँछ गायब हो गई थी।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणों (Colligative properties) और उत्प्रेरण (Catalysis) की क्रियाविधि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर विलयन के वाष्प दाब में होने वाला आपेक्षिक अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह एक अणुसंख्यक गुण है जो विलेय कणों की संख्या पर निर्भर करता है, न कि उनकी प्रकृति पर।
2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान यदि किसी वैद्युत अपघट्य के जलीय विलयन में संगुणन (Association) होता है, तो 1 से कम होता है, जबकि पूर्ण वियोजन की स्थिति में यह उत्पन्न होने वाले कुल आयनों की संख्या के बराबर होता है।
3. एन्जाइम उत्प्रेरण (Enzyme catalysis) में प्रयुक्त होने वाले जैव-उत्प्रेरक अत्यधिक विशिष्ट होते हैं और वे रासायनिक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation energy) को बढ़ा देते हैं, जिससे अभिक्रिया की दर तीव्र हो जाती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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आकाश का रंग नीला किस कारण से दिखाई देता है?
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