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General Science
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन, पेट्रोलियम उत्पादों और उनके दहन व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. एल्केनों का सामान्य सूत्र $C_nH_{2n+2}$ होता है और ये मुख्य रूप से संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं, जो पराबैंगनी प्रकाश की उपस्थिति में मुक्त मूलक प्रतिस्थापन (Free radical substitution) अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं।
  2. 2. जब एथीन ($C_2H_4$) जैसे असंतृप्त हाइड्रोकार्बन को बेयर अभिकर्मक (ठंडा, क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट विलयन) के साथ अभिकृत किया जाता है, तो विलयन का गुलाबी-बैंगनी रंग गायब हो जाता है, जो उनके असंतृप्त स्वभाव की पुष्टि करता है।
  3. 3. पेट्रोल की 'विस्फोटक रोधी' (Anti-knock) क्षमता का माप ऑक्टेन संख्या द्वारा किया जाता है, जिसमें उच्च ऑक्टेन संख्या के संदर्भ मानक के रूप में 'n-हेप्टेन' का ऑक्टेन मान 100 और 'आइसो-ऑक्टेन' का मान शून्य निर्धारित किया गया है।
  4. 4. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, और इसकी रिसाव का पता लगाने के लिए इसमें तीक्ष्ण गंध वाला एथिल मर्कैप्टेन ($C_2H_5SH$) मिलाया जाता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि एल्केन संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं ($C_nH_{2n+2}$) और ये सूर्य के प्रकाश या UV किरणों की उपस्थिति में मुक्त मूलक प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ देते हैं। कथन 2 सही है क्योंकि ठंडे, क्षारीय $KMnO_4$ (बेयर अभिकर्मक) के साथ असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (एल्कीन/एल्काइन) अभिक्रिया करके रंगहीन ग्लाइकोल बनाते हैं, जिससे गुलाबी-बैंगनी रंग उड़ जाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि ऑक्टेन संख्या के मानक में 'आइसो-ऑक्टेन' का ऑक्टेन मान 100 और 'n-हेप्टेन' का ऑक्टेन मान शून्य (0) माना जाता है, यहाँ कथन में मान को उलट दिया गया है। कथन 4 सही है क्योंकि एलपीजी (LPG) में प्रोपेन और ब्यूटेन होते हैं तथा सुरक्षा के लिए एथिल मर्कैप्टेन मिलाया जाता है, जैसा कि विकिपीडिया संदर्भ में वर्णित है। अतः विकल्प (a) सही है।
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