BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
26 views

मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों, उनके संचरण के माध्यम, रोगजनकों तथा उनके निदान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'टिटनेस' (Tetanus) एक जीवाणु जनित संक्रामक रोग है जो क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी (Clostridium tetani) के बीजाणुओं द्वारा होता है, और इसके विषैले एक्सोटॉक्सिन (टिटेनोस्पासमिन) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करके कंकाल पेशियों में दीर्घकालिक अनैच्छिक संकुचन (Spasms) उत्पन्न करते हैं।
  2. 2. 'एड्स' (AIDS) का कारक ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) एक रेट्रोवाइरस है जिसमें आनुवंशिक पदार्थ के रूप में एकल-रज्जुक डीएनए (Single-stranded DNA) पाया जाता है, जो मुख्य रूप से शरीर की $CD4^+$ सहायक टी-कोशिकाओं को संक्रमित करता है।
  3. 3. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy) जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, माइकोबैक्टीरियम लेप्री के कारण होता है, जो एक अंतःकोशिकीय जीवाणु है और मुख्य रूप से परिधीय तंत्रिकाओं, त्वचा तथा ऊपरी श्वसन पथ के ऊतकों को प्रभावित करता है।
  4. 4. 'कालाजार' (Kala-azar) या विसरल लीशमैनियासिस एक प्रोटोजोआ जनित रोग है, जिसका संचरण 'सैंडफ्लाई' (बालू मक्खी - Phlebotomus) द्वारा होता है, और यह परजीवी मुख्य रूप से मानव शरीर की यकृत, प्लीहा और अस्थि मज्जा की रेटिकुलोएन्डोथेलियल कोशिकाओं में गुणन करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि टिटनेस क्लॉस्ट्रिडियम टिटेनी जीवाणु के कारण होता है और इसका एक्सोटॉक्सिन 'टिटेनोस्पासमिन' तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर गंभीर पेशीय ऐंठन पैदा करता है। कथन 2 गलत है क्योंकि एचआईवी (HIV) एक रेट्रोवाइरस है जिसमें आनुवंशिक पदार्थ के रूप में एकल-रज्जुक आरएनए (Single-stranded RNA) पाया जाता है, न कि डीएनए। कथन 3 सही है क्योंकि कुष्ठ रोग (हैनसेन रोग) माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु से होता है जो परिधीय तंत्रिकाओं और त्वचा को प्रभावित करता है। कथन 4 सही है क्योंकि कालाजार लीशमैनिया डोनोवानी नामक प्रोटोजोआ द्वारा होता है जिसका संचरण बालू मक्खी (Sandfly) द्वारा होता है और यह यकृत, प्लीहा तथा अस्थि मज्जा को प्रभावित करता है। मानव रोगों के विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
Share:

Related Questions

→ यांत्रिकी (Mechanics) में गति के नियमों, जड़त्व और संरक्षित राशियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी वस्तु का जड़त्व (Inertia) उसके द्रव्यमान का प्रत्यक्ष माप है; अर्थात जिस वस्तु का द्रव्यमान जितना अधिक होता है, उसके विराम या गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करने की प्रवृत्ति उतनी ही अधिक होती है। 2. न्यूटन के गति के तृतीय नियम के अनुसार, क्रिया और प्रतिक्रिया बल हमेशा दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं, जिसके कारण वे एक-दूसरे को निरस्त (Cancel) कर देते हैं और परिणामस्वरूप निकाय का कुल त्वरण शून्य हो जाता है। 3. जब कोई व्यक्ति किसी गतिशील लिफ्ट में ऊपर की ओर त्वरित गति से यात्रा करता है, तो लिफ्ट के फर्श द्वारा उस व्यक्ति पर आरोपित अभिलंब प्रतिक्रिया बल (Normal reaction force) उसके वास्तविक भार से अधिक प्रतीत होता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → प्रकाश का वेग? → मानव शरीर में 'ग्लाइकोलाइसिस' (Glycolysis) की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह प्रक्रिया कोशिका के माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में संपन्न होती है और इसके लिए ऑक्सीजन की उपस्थिति अनिवार्य होती है। 2. इस मार्ग (Pathway) के अंत में ग्लूकोज के एक अणु से पाइरुविक एसिड (Pyruvic acid) के दो अणुओं का निर्माण होता है, जिसमें शुद्ध रूप से 2 ATP और 2 NADH के अणु प्राप्त होते हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → RNA में थाइमिन की जगह? → कृत्रिम उपग्रहों की कक्षीय गति और भारहीनता की परिघटना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी उपग्रह की कक्षीय चाल ($v_o$) केवल पृथ्वी के द्रव्यमान और उसकी कक्षा की त्रिज्या पर निर्भर करती है, तथा यह उपग्रह के अपने द्रव्यमान से पूर्णतः स्वतंत्र होती है। 2. यदि कोई उपग्रह पृथ्वी की सतह के अत्यंत निकट चक्कर लगा रहा है, तो उसका परिक्रमण काल लगभग 84.6 मिनट होता है, और उसकी कक्षीय चाल लगभग $7.9\text{ km/s}$ होती है। 3. जब कोई उपग्रह दीर्घवृत्ताकार कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा करता है, तो केप्लर के द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) के अनुसार, उपग्रह की चाल पृथ्वी के सबसे पास (उपसौर या उपभू) होने पर अधिकतम और सबसे दूर (अपसौर या अपभू) होने पर न्यूनतम होती है। 4. उपग्रह के भीतर बैठे अंतरिक्ष यात्री को 'भारहीनता' का अनुभव इसलिए होता है क्योंकि उपग्रह पर पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल कार्य नहीं कर रहा होता है, जिसके कारण अंतरिक्ष यात्री और उपग्रह दोनों शून्य गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.