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General Science
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मानव पोषण और जैव अणुओं (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन तथा विटामिन) के रासायनिक और कार्यगत संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ग्लाइकोजन एक शाखित पॉलिसैराइड है जो मुख्य रूप से जंतुओं और कवक में ऊर्जा संचय का कार्य करता है, तथा इसकी संरचना पादप स्टार्च के 'एमिलापैक्टिन' के समान होती है किंतु इसमें शाखाओं का घनत्व बहुत अधिक होता है (लगभग हर 8 से 10 ग्लूकोज इकाइयों के बाद)।
- 2. आवश्यक अमीनो अम्ल (Essential amino acids) वे अमीनो अम्ल हैं जिनका संश्लेषण मानव शरीर की कोशिकाओं में आनुवंशिक रूप से हो सकता है, जबकि अनावश्यक अमीनो अम्ल वे हैं जिन्हें शरीर में संश्लेषित नहीं किया जा सकता और उन्हें आहार से लेना अनिवार्य होता है।
- 3. विटामिन $B_{12}$ (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट धातु आयन उपस्थित होता है, और इसका भंडारण यकृत में कई वर्षों तक हो सकता है, जबकि अन्य अधिकांश जल-विलेय विटामिन शरीर में संचित नहीं होते और मूत्र के साथ उत्सर्जित हो जाते हैं।
- 4. सेलूलोज एक रैखिक पॉलिसैराइड है जो $eta$-डी-ग्लूकोज ($eta$-D-glucose) इकाइयों के C1-C4 ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ने से बनता है, और मानव पाचन तंत्र में इसे पचाने वाले एंजाइम की अनुपस्थिति के कारण यह ऊर्जा का स्रोत नहीं बन पाता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि ग्लाइकोजन एक अत्यधिक शाखित पॉलिसैराइड है जो जंतुओं में ऊर्जा का संचय करता है और इसकी संरचना स्टार्च के एमिलापैक्टिन से मिलती-जुलती है। कथन 2 गलत है क्योंकि आवश्यक अमीनो अम्ल वे हैं जिन्हें मानव शरीर संश्लेषित नहीं कर सकता और आहार से लेना जरूरी होता है, जबकि अनावश्यक अमीनो अम्ल शरीर में बन सकते हैं। कथन 3 सही है क्योंकि विटामिन $B_{12}$ एकमात्र जल-विलेय विटामिन है जिसमें कोबाल्ट होता है और यह यकृत में संचित हो सकता है। कथन 4 सही है क्योंकि सेलूलोज $eta$-D-glucose इकाइयों से बना एक रैखिक बहुलक है जिसे मानव पचा नहीं सकता। इस विषय की अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हाइपोथैलेमस-पिट्यूटरी अक्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस से स्रावित होने वाले 'रिलीजिंग हार्मोन्स' और 'इन्हिबिटरी हार्मोन्स' पोर्टल शिरा तंत्र के माध्यम से अग्र पीयूष ग्रंथि (Adenohypophysis) तक पहुँचकर उसके हार्मोन स्राव को नियंत्रित करते हैं।
2. ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन (ADH) हाइपोथैलेमस की तंत्रिका स्रावी कोशिकाओं (Neurosecretory cells) द्वारा संश्लेषित होते हैं और पश्च पीयूष ग्रंथि (Neurohypophysis) में संग्रहित होकर वहीं से रक्त में स्रावित होते हैं।
3. अधिवृक्क वल्कल (Adrenal cortex) का नियंत्रण मुख्य रूप से अग्र पीयूष ग्रंथि द्वारा स्रावित 'एड्रिनोकोर्टिकोट्रोफिक हार्मोन' (ACTH) के माध्यम से होता है, जो ग्लूकोकॉर्टिकोइड्स के उत्पादन को प्रेरित करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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नाभिकीय रिएक्टरों और कण त्वरकों (Particle Accelerators) में होने वाली भौतिक प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नाभिकीय रिएक्टर में मंदक (Moderator) के रूप में प्रयुक्त भारी जल ($D_2O$) या ग्रेफाइट का मुख्य कार्य विखंडन के दौरान उत्पन्न तीव्र न्यूट्रॉन की गति को धीमा करना होता है, ताकि वे यूरेनियम-235 के साथ प्रभावी ढंग से विखंडन अभिक्रिया जारी रख सकें।
2. 'सुपरक्रिटिकल' (Supercritical) अवस्था वह स्थिति होती है जहाँ न्यूट्रॉन गुणन गुणांक ($k$) का मान 1 से कम होता है, जिससे नाभिकीय श्रृंखला अभिक्रिया स्वतः बंद होने की स्थिति में आ जाती है।
3. नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) के लिए अत्यंत उच्च तापमान और दाब की आवश्यकता इसलिए होती है ताकि दो धनावेशित नाभिकों के बीच लगने वाले कूलॉम प्रतिकर्षण बल (Coulombic Repulsion) को पार किया जा सके।
4. साइक्लोट्रॉन (Cyclotron) एक ऐसा कण त्वरक है जिसमें आवेशित कणों को उच्च ऊर्जा तक त्वरित करने के लिए एक समान चुंबकीय क्षेत्र और उच्च आवृत्ति के प्रत्यावर्ती विद्युत क्षेत्र का एक साथ उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भूमध्य रेखा पर दिन-रात की अवधि कैसी होती है?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हार्मोनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये स्थल पर जीवित रह सकते हैं, किंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर अनिवार्य रूप से निर्भर होते हैं, और इनमें वास्तविक संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) अनुपस्थित होते हैं।
2. C4 पौधों में प्रकाश संश्लेषण की कैल्विन चक्र से पहले 'हॅच-स्लैक मार्ग' (Hatch-Slack pathway) पाया जाता है, जिसमें प्राथमिक $CO_2$ ग्राही मेसोफिल कोशिकाओं में फॉस्फोएनालपाइरुवेट (PEP) होता है, जो प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर को न्यूनतम करने में सहायक होता है।
3. 'एब्सिसिक एसिड' (ABA) एक तनाव हार्मोन (Stress hormone) है जो पौधों में जल की कमी या सूखे की स्थिति में पर्णरंध्रों (Stomata) को बंद करने को प्रेरित करता है, जबकि 'जिबरेलिन' तने की लंबाई में वृद्धि और आनुवंशिक बौनेपन को दूर करने का कार्य करता है।
4. ऑक्सिन (Auxin) का प्रमुख प्राकृतिक उदाहरण 'इंडोल-3-एसिटिक एसिड' (IAA) है, जो प्ररोह के अग्रभाग में संश्लेषित होकर पौधों में 'शीर्ष प्रमुखता' (Apical dominance) को प्रेरित करता है और पार्श्व कलिकाओं की वृद्धि को बढ़ावा देता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भौतिक राशियों की विमाओं (Dimensions) और उनके एसआई व्युत्पन्न मात्रकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ($G$) की विमा $[M^{-1}L^3T^{-2}]$ होती है, और इसका एसआई मात्रक $N \cdot m^2 \cdot kg^{-2}$ होता है।
2. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) की विमा $[ML^{-1}T^{-1}]$ होती है, और इसे पास्कल-सेकंड ($Pa \cdot s$) में व्यक्त किया जाता है।
3. पृष्ठ तनाव (Surface Tension) और प्लांक नियतांक (Planck's constant) दोनों की विमाएं पूर्ण रूप से समान होती हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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