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General Science
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मानव रोगों, उनके रोगजनकों और संचरण तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'टिटनेस' (Tetanus) क्लोस्ट्रिडियम टेटानी (Clostridium tetani) नामक जीवाणु के कारण होता है, जो एक बीजाणु-उत्पादक (Spore-forming) और आबध्य अवायवीय (Obligate anaerobic) जीवाणु है, तथा इसका विषैला एक्सोटॉक्सिन 'टेटनोस्पैस्मिन' केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।
  2. 2. 'काली खांसी' (Pertussis) या हूइंग कफ बोरडेटेला परट्यूसिस (Bordetella pertussis) नामक ग्राम-ऋणात्मक जीवाणु के कारण होता है, जो श्वसन नली के उपकला ऊतक को संक्रमित करता है और पक्षाभ (Cilia) की गति को नष्ट कर देता है।
  3. 3. 'लैप्रॉसी' (कुष्ठ रोग) माइकोबैक्टीरियम लेप्रे (Mycobacterium leprae) के कारण होता है, जो एक अंतःकोशिकी परजीवी है और यह मुख्य रूप से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, जबकि परिधीय तंत्रिकाएँ इससे अप्रभावित रहती हैं।
  4. 4. 'अमीबायसिस' (अमीबी पेचिश) एंटाअमीबा हिस्टोलिटिका (Entamoeba histolytica) नामक एक परजीवी प्रोटोजोआ के कारण होता है, जिसका संक्रमण संदूषित जल और भोजन के सेवन से होता है और यह मुख्य रूप से बड़ी आंत को संक्रमित करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि टिटनेस क्लोस्ट्रिडियम टेटानी जीवाणु के कारण होता है जिसका एक्सोटॉक्सिन 'टेटनोस्पैस्मिन' केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। कथन 2 सही है क्योंकि काली खांसी बोरडेटेला परट्यूसिस जीवाणु से होती है जो श्वसन मार्ग के पक्षाभ (Cilia) को नष्ट करती है। कथन 3 गलत है क्योंकि कुष्ठ रोग (लेप्रॉसी) मुख्य रूप से ठंडी त्वचा और **परिधीय तंत्रिकाओं (Peripheral nerves)** तथा श्लेष्म झिल्ली को प्रभावित करता है, न कि केवल केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को। कथन 4 सही है क्योंकि अमीबायसिस एंटाअमीबा हिस्टोलिटिका प्रोटोजोआ द्वारा होता है जो संदूषित जल व भोजन से फैलता है और बड़ी आंत को संक्रमित करता है। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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