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भारतीय संविधान में 'मौलिक अधिकार' (Fundamental Rights) किस देश के संविधान से लिए गए हैं?
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Detailed Explanation
भारतीय संविधान में 'मौलिक अधिकार' (Fundamental Rights) 'अमेरिका' (USA) के संविधान से लिए गए हैं। ये अधिकार नागरिकों को राज्य की मनमानी से बचाने और उनके बुनियादी विकास के लिए प्रदान किए गए हैं।
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लखनऊ समझौता किस वर्ष हुआ था?
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पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के ऊर्जा प्रवाह और जैव-रासायनिक चक्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह हमेशा एकदशकीय (Unidirectional) होता है, और लिंडमैन के 'दस प्रतिशत नियम' (10% Law) के अनुसार, एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर केवल 10 प्रतिशत ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है, जबकि शेष 90 प्रतिशत ऊर्जा श्वसन, ताप और उपापचय क्रियाओं के दौरान ह्रासित हो जाती है।
2. 'पारिस्थितिक पिरामिड' (Ecological Pyramid) में संख्या का पिरामिड और ऊर्जा का पिरामिड हमेशा सीधा (Upright) बनता है, किंतु एक बड़े वृक्ष के पारिस्थितिकी तंत्र में पक्षियों के लिए 'संख्या का पिरामिड' उल्टा (Inverted) हो सकता है, और महासागरीय जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में 'बायोमास का पिरामिड' भी सदैव उल्टा होता है।
3. वायुमंडल में नाइट्रोजन गैस की प्रचुरता के बावजूद पौधे इसे सीधे वायुमंडल से ग्रहण नहीं कर पाते हैं, अतः राइजोबियम और एजोटोबैक्टर जैसे सूक्ष्मजीव इसे नाइट्रेट्स या अमोनिया में बदलकर 'नाइट्रोजन स्थिरीकरण' (Nitrogen Fixation) का कार्य करते हैं, जो जैव-रासायनिक चक्र का एक प्रमुख हिस्सा है।
4. पारिस्थितिक अनुक्रमण (Ecological Succession) की प्रक्रिया में किसी नग्न चट्टान पर उगने वाले सबसे पहले पौधे 'लाइकेन' (Lichens) होते हैं, जिन्हें 'पायनियर कम्युनिटी' (Pioneer Community) कहा जाता है, जो चट्टानों को विघटित करके मृदा निर्माण की प्रक्रिया को शुरू करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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कार्बनिक रसायन और यौगिकों के नामकरण तथा उनकी संरचनात्मक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) में कार्बन-कार्बन परमाणु आपस में केवल एकल बंध (Single Bond) द्वारा जुड़े होते हैं, जिनका सामान्य सूत्र $C_n{H}_{2n+2}$ होता है, और ये प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ (Substitution Reactions) प्रदर्शित करते हैं।
2. बेंजीन ($C_6H_6$) एक चक्रीय असंतृप्त कार्बनिक यौगिक है जिसमें तीन एकांतर (Alternate) द्विबंध पाए जाते हैं, और यह ऐरोमैटिक यौगिकों का मूल प्रतिनिधि है जो आसानी से योगात्मक अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करता है जबकि प्रतिस्थापन अभिक्रियाओं के प्रति उदासीन रहता है।
3. कार्यात्मक समूह (Functional Group) किसी कार्बनिक यौगिक के अणु में उपस्थित वह विशिष्ट परमाणु या परमाणुओं का समूह होता है जो उस यौगिक के रासायनिक गुणों का निर्धारण करता है, जैसे कि ऐल्कोहॉल के लिए '-OH' और कार्बोक्सिलिक अम्ल के लिए '-COOH'।
4. समावयवता (Isomerism) उन यौगिकों में पाई जाती है जिनके आणविक सूत्र समान होते हैं लेकिन उनकी संरचनात्मक व्यवस्था या त्रिचीय विन्यास भिन्न होते हैं, जैसे ब्यूटेन ($C_4H_{10}$) के दो संरचनात्मक समावयवी—सामान्य-ब्यूटेन और आइसो-ब्यूटेन होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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‘इंडियन अनरेस्ट’ (Indian Unrest) का लेखक कौन था?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (केंद्र शासित प्रदेशों) की प्रशासनिक एवं न्यायिक व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार किसी राज्य के जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और प्रमोशन राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करने के बाद ही की जाती है, जबकि अन्य न्यायिक सेवा के सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है।
2. संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है या किसी उच्च न्यायालय की अधिकारिता को किसी संघ राज्य क्षेत्र तक बढ़ा सकती है अथवा वहाँ से घटा सकती है, जैसा कि दिल्ली उच्च न्यायालय की स्थापना वर्ष 1966 में की गई थी।
3. अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) उच्चतम न्यायालय के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत प्रदत्त रिट अधिकारिता की तुलना में अधिक व्यापक है, क्योंकि उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के साथ-साथ किसी अन्य विधिक अधिकार (Legal Right) के प्रवर्तन के लिए भी रिट जारी कर सकते हैं।
4. किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को उसके पद से हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान ही होती है, और जब किसी उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को भारत के मुख्य न्यायमूर्ति के अनुरोध पर अस्थायी रूप से पुनः नियुक्त किया जाता है, तो उसे उस पद पर कार्य करने के दौरान राज्य सरकार द्वारा निर्धारित भत्ते और वेतन प्राप्त होते हैं।
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