त्वरित लिंक्स
General Science
25 views
यूकेरियोटिक कोशिका के कोशिकांगों (Organelles) और उनके कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. माइटोकॉन्ड्रिया के आंतरिक झिल्ली पर पाए जाने वाले 'ऑक्सिसोम' (F0-F1 कण) ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण के दौरान एटीपी (ATP) के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं, और माइटोकॉन्ड्रियल मैट्रिक्स में क्रेब्स चक्र से जुड़े एंजाइम प्रचुर मात्रा में उपस्थित होते हैं।
- 2. गॉल्जीकाय (Golgi apparatus) का 'सिस्टर्नी' (Cisternae) नेटवर्क ध्रुवीय रूप से व्यवस्थित होता है, जिसमें 'सिस' (Cis) सिरा निर्माणकारी (Forming) या अभिमुखी सिरा होता है जो अंतःद्रव्य जालिका (ER) की ओर होता है, जबकि 'ट्रांस' (Trans) सिरा परिपक्व (Maturing) सिरा होता है।
- 3. लाइसोसोम में उपस्थित 'हाइड्रोलिटिक एंजाइम' (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज, कार्बोहाइड्रेज) अम्लीय pH (लगभग 4.5 से 5.0) पर सबसे अधिक सक्रिय होते हैं, और इस अनुकूलित pH को बनाए रखने के लिए लाइसोसोम झिल्ली पर सक्रिय प्रोटॉन पंप ($H^+$ ATPase) कार्य करते हैं।
- 4. परऑक्सिसोम (Peroxisomes) एकहरे झिल्ली से घिरे कोशिकांग हैं जो पादपों और जंतुओं दोनों में पाए जाते हैं, और इनमें उपस्थित 'कैटालेज' एंजाइम हाइड्रोजन पेरोक्साइड ($H_2O_2$) को जल और ऑक्सीजन में विघटित करके कोशिकाओं को विषैले प्रभावों से बचाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन यूकेरियोटिक कोशिका के कोशिकांगों और उनकी कार्यप्रणाली के संबंध में पूर्णतः सत्य हैं। 1. माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में क्रेब्स चक्र (TCA चक्र) के सभी एंजाइम (सक्सीनेट डिहाइड्रोजनेज को छोड़कर) पाए जाते हैं तथा आंतरिक झिल्ली पर ऑक्सिसोम (F0-F1 कण) एटीपी संश्लेषण करते हैं। 2. गॉल्जीकाय दो ध्रुवों 'सिस' (प्रवेश/निर्माण) और 'ट्रांस' (परिपक्व/निष्कासन) में बंटा होता है, जो प्रोटीन और लिपिड के ग्लाइकोसिलेशन में मुख्य भूमिका निभाता है। 3. लाइसोसोम के एंजाइम अम्लीय माध्यम में कार्य करते हैं और झिल्ली पर स्थित प्रोटॉन पंप साइटोप्लासोल से $H^+$ आयनों को अंदर लाते हैं। 4. परऑक्सिसोम ऑक्सीडेटिव प्रतिक्रियाओं और हाइड्रोजन पेरोक्साइड के अपचयन के लिए उत्तरदायी होते हैं। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
Related Questions
→
प्रकाशिकी (Optics) में गोलीय दर्पणों और अपवर्तन के परिप्रेक्ष्य में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तल दर्पण की फोकस दूरी (Focal length) धनात्मक होती है, जबकि अवतल दर्पण की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है, और किसी भी वास्तविक वस्तु के लिए उत्तल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव आभासी, सीधा तथा वस्तु के आकार से छोटा होता है।
2. जब प्रकाश किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण से अधिक हो जाता है, तब अपवर्तन कोण 90 डिग्री से अधिक हो जाता है और किरण वापस उसी माध्यम में लौट आती है जिसे प्रकाश का विकिपीडिया संदर्भ कहते हैं।
3. लेंस निर्माता सूत्र (Lens Maker's Formula) के अनुसार, लेंस की फोकस दूरी लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक और दोनों पृष्ठों की वक्रता त्रिज्याओं पर निर्भर करती है, तथा यदि किसी उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाए जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ से अधिक हो, तो उसकी फोकस दूरी ऋणात्मक हो जाती है और लेंस की अभिसारी प्रकृति अपसारी में बदल जाती है।
4. एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope) की आवर्धन क्षमता को बढ़ाने के लिए अभिदृश्यक (Objective) लेंस और नेत्रिका (Eyepiece) दोनों की फोकस दूरी बहुत अधिक होनी चाहिए ताकि अंतिम प्रतिबिंब अनंत पर स्पष्ट बन सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
इग्लू?
→
धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भर्जन' (Roasting) की प्रक्रिया में अयस्क को वायु की अत्यधिक मात्रा में उसके गलनांक से कम तापमान पर तीव्रता से गर्म किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य सल्फाइड अयस्कों को उनके संगत ऑक्साइडों में परिवर्तित करना और वाष्पशील अशुद्धियों को दूर करना है।
2. ऐलुमिनियम के निष्कर्षण के लिए हॉल-हरोल्ट प्रक्रम (Hall-Heroult Process) का उपयोग किया जाता है, जिसमें एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूएस्पर ($CaF_2$) के मिश्रण में घोलकर उसका विद्युत अपघटन किया जाता है, जहाँ क्रायोलाइट विलायक के रूप में कार्य करते हुए मिश्रण के गलनांक को कम करता है और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ाता है।
3. 'सफेद सीसा' (White Lead) लेड कार्बोनेट और लेड हाइड्रॉक्साइड का एक मिश्रण होता है, जिसका उपयोग पारंपरिक रूप से पेंट पिगमेंट के रूप में किया जाता है, किंतु हाइड्रोजन सल्फाइड गैस के संपर्क में आने पर यह काला पड़ जाता है।
4. जब तांबे (Copper) के निष्कर्षण के दौरान 'मैट' (Matte) को बेसीमर परिवर्तक (Bessemer converter) में गर्म किया जाता है, तो प्राप्त होने वाला फफोलेदार तांबा (Blister Copper) लगभग 99% शुद्ध होता है और इसमें सल्फर डाइऑक्साइड गैस के बुलबुले फंस जाने के कारण फफोले जैसी संरचना बन जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भौतिक राशियों, उनके मापन और विमीय विश्लेषण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण स्थिरांक ($G$) का विमीय सूत्र $[M^{-1}L^3T^{-2}]$ होता है, और SI पद्धति में इसका मात्रक $\text{N m}^2 \text{kg}^{-2}$ है।
2. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) की विमाएँ $[ML^{-1}T^{-1}]$ होती हैं, जो कि प्रतिबल (Stress) और वेग प्रवणता (Velocity Gradient) के अनुपात को व्यक्त करती हैं।
3. प्लांक स्थिरांक ($h$) और जड़त्वाघूर्ण (Moment of Inertia) का विमीय सूत्र पूर्णतः समान होता है, क्योंकि दोनों ऊर्जा के संचयन से संबंधित हैं।
4. पृष्ठ तनाव (Surface Tension) और बल आघूर्ण (Torque) दोनों का SI मात्रक और विमीय सूत्र समान होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भौतिक राशियों के मापन और विमीय विश्लेषण (Dimensional Analysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्लांक स्थिरांक ($h$) और कोणीय संवेग (Angular Momentum) की विmaier (Dimensions) आपस में पूर्णतः समान होती हैं, तथा दोनों का विमीय सूत्र $[ML^2T^{-1}]$ होता है।
2. 'प्रत्यास्थता गुणांक' (Modulus of Elasticity) और 'दाब' (Pressure) दोनों की विमाएँ समान होती हैं, क्योंकि दोनों को प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले बल के रूप में परिभाषित किया जाता है।
3. सार्वत्रिक गैस स्थिरांक ($R$) की विमा और 'ऊष्मीय धारिता' (Heat Capacity) की विमा समान होती है, क्योंकि दोनों ऊर्जा और तापमान के अनुपात को निरूपित करती हैं।
4. पृष्ठ तनाव (Surface Tension) और बल नियतांक (Spring Constant) दोनों का विमीय सूत्र $[MT^{-2}]$ होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.