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जीन विनिमय (Crossing Over) और आनुवंशिक विविधता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. जीन विनिमय की प्रक्रिया समजात गुणसूत्रों (Homologous chromosomes) के गैर-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच होती है, जो कि अर्द्धसूत्री विभाजन (Meiosis) की पैचिटीन (Pachytene) अवस्था के दौरान 'रिकॉम्बिनैज' (Recombinase) एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होती है।
- 2. क्रॉसिंग ओवर के परिणामस्वरूप आनुवंशिक पुनर्संयोजन (Genetic recombination) होता है, जो संतति में नए लक्षणों के प्रकट होने का मुख्य कारण है और यह जीवों की जातियों में विकास (Evolution) की प्रक्रिया को गति प्रदान करता है।
- 3. काय्स्माटा (Chiasmata) का निर्माण डिप्लोटीन (Diplotene) अवस्था में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जहाँ समजात गुणसूत्र एक-दूसरे से अलग होने लगते हैं किंतु विनिमय बिंदु पर जुड़े रहते हैं।
- 4. सहलग्नता (Linkage) और जीन विनिमय एक-दूसरे के सीधे आनुपातिक (Directly proportional) होते हैं, अर्थात् जितने अधिक निकट जीन स्थित होंगे, उनके बीच क्रॉसिंग ओवर की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन विनिमय (Crossing Over) अर्द्धसूत्री विभाजन (Meiosis) के पैचिटीन चरण में समजात गुणसूत्रों के गैर-सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच आनुवंशिक सामग्री का आदान-प्रदान है, जो रिकॉम्बिनैज एंजाइम द्वारा होता है। यह आनुवंशिक विविधता और विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार जैव विकास का एक प्रमुख आधार है। काय्स्माटा का निर्माण डिप्लोटीन अवस्था में दिखाई देता है। हालांकि, कथन 4 गलत है क्योंकि सहलग्नता और जीन विनिमय एक-दूसरे के व्युत्क्रमानुपाती होते हैं; जितने जीन पास होते हैं, सहलग्नता उतनी अधिक और क्रॉसिंग ओवर की संभावना उतनी ही कम होती है।
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके रोगकारकों (Pathogens) और उनके संचरण तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy), जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, एक दीर्घकालिक जीवाणु जनित संक्रमण है जो 'माइकोबैक्टीरियम लेप्री' (Mycobacterium leprae) के कारण होता है और यह मुख्य रूप से परिधीय तंत्रिकाओं तथा त्वचा को प्रभावित करता है।
2. 'रेबीज' (Rabies) एक विषाणु जनित तीव्र न्यूरोलॉजिकल रोग है जो लिस्सावायरस (Lyssavirus) के कारण होता है, और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को संक्रमित करने के बाद इस रोग की मृत्यु दर लगभग 100% तक होती है।
3. 'कालाजार' (Kala-azar) एक जीवाणु जनित संक्रामक रोग है जो 'लिसरनिया डोनोवानी' (Leishmania donovani) नामक बैक्टीरिया के कारण होता है, जिसका संचरण 'सैंडफ्लाई' (बालू मक्खी) के काटने से होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सोने की शुद्धता किसमें मापते हैं?
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ससंजक बल, श्यानता गुणांक और आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुप्रयोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. साबुन के घोल में पानी मिलाने से उसका पृष्ठ तनाव कम हो जाता है, जिसके कारण वह मैلا-कुचैला कपड़ों के रेशों में गहराई तक प्रवेश कर जाता है और सफाई अधिक प्रभावी ढंग से होती है।
2. 'स्टोक्स का नियम' (Stokes' Law) किसी श्यान माध्यम में गिरने वाले छोटे गोलीय पिंड पर लगने वाले श्यान बल को निर्धारित करता है, जिसके अनुसार सीमांत वेग (Terminal velocity) गोले की त्रिज्या के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होता है।
3. जब कोई ठोस वस्तु किसी तरल में पूर्ण रूप से डुबोई जाती है, तो उस पर लगने वाला उत्प्लावक बल (Buoyant force) केवल वस्तु के आयतन और तरल के घनत्व पर निर्भर करता है, न कि उस गहराई पर जिस पर वस्तु तरल के भीतर स्थित है।
4. किसी जल से भरे बीकर में बर्फ का टुकड़ा तैर रहा है, और जब बर्फ पूरी तरह पिघल जाती है, तो बीकर में जल का स्तर थोड़ा बढ़ जाता है क्योंकि बर्फ का घनत्व द्रव जल की तुलना में कम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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