BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
1 views

आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाले जनसंख्या में एलील आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते जनसंख्या में उत्परिवर्तन, प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक विचलन (Genetic drift), जीन प्रवाह और गैर-यादृच्छिक संभोग का अभाव हो।
  2. 2. लैमार्कवाद का मूल सिद्धांत 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) और अंगों के उपयोग व अनुपयोग पर आधारित था, जिसे बाद में वीज्मैन के 'जननद्रव्य की निरंतरता के सिद्धांत' (Theory of Continuity of Germplasm) द्वारा खंडित किया गया था।
  3. 3. प्राकृतिक चयन के डार्विनवादी सिद्धांत में 'योग्यतम की उत्तरजीविता' (Survival of the fittest) का तात्पर्य सबसे आक्रामक या शारीरिक रूप से सबसे बलवान जीव से है, न कि पर्यावरण के प्रति सबसे अनुकूलित जीव से।
  4. 4. आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift) विशेष रूप से छोटी जनसंख्या में प्रभाव डालता है, जिसके कारण 'संस्थापक प्रभाव' (Founder effect) और 'बॉटलनेक प्रभाव' (Bottleneck effect) जैसी घटनाएँ उत्पन्न होती हैं जो नई जातियों के उद्भव में योगदान दे सकती हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 4 सही हैं क्योंकि हार्डी-वीनबर्ग सिद्धांत के अनुसार आदर्श जनसंख्या में एलील आवृत्तियाँ स्थिर रहती हैं बशर्ते विकासवादी कारक अनुपस्थित हों। वीज्मैन ने चूहों पर प्रयोग करके यह सिद्ध किया कि कायिक कोशिकाओं के परिवर्तन अगली पीढ़ी में स्थानांतरित नहीं होते, इसे विकिपीडिया संदर्भ के माध्यम से समझा जा सकता है। कथन 3 गलत है क्योंकि डार्विनवादी अर्थ में 'फिएस्ट' (Fittest) का अर्थ पर्यावरण के प्रति सर्वश्रेष्ठ अनुकूलन से है, न कि केवल शारीरिक बल से।
Share:

Related Questions

आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के रासायनिक गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी आवर्त में क्षारीय धातुओं (alkali metals) से हैलोजन की ओर बढ़ने पर, परमाणुओं की इलेक्ट्रॉन बंधुता (Electron Affinity) का मान सामान्यतः अधिक ऋणात्मक होता जाता है, क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश में वृद्धि के कारण बाह्यतम कोश में इलेक्ट्रॉन का जुड़ना अधिक ऊर्जाक्षेपी (exothermic) हो जाता है। 2. लैंथेनाइड संकुचन (Lanthanide contraction) के कारण, 4d और 5d श्रेणी की संक्रमण धातुओं (जैसे ज़िरकोनियम और हाफ्नियम) की परमाणु त्रिज्याएँ लगभग समान हो जाती हैं, जिससे उनके रासायनिक गुणों में अत्यधिक समानता देखने को मिलती है। 3. आधुनिक आवर्त सारणी में 'विकर्ण संबंध' (Diagonal relationship) मुख्य रूप से दूसरे और तीसरे आवर्त के तत्वों (जैसे लीथियम और मैग्नीशियम) के बीच प्रदर्शित होता है, जिसका कारण आयनिक त्रिज्या और आवेश-से-त्रिज्या अनुपात (Charge-to-size ratio) का लगभग समान होना है। 4. उत्कृष्ट गैसों (Noble gases) की प्रथम आयनन एन्थैल्पी (First Ionisation Enthalpy) का मान उनके आवर्त में न्यूनतम होता है, क्योंकि उनके अष्टक (Octet) पूर्ण होने के कारण वे आसानी से इलेक्ट्रॉन त्यागने के लिए प्रवृत्त होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? विद्युत परिपथों और किचहोफ के नियमों (Kirchhoff's Laws) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किचहोफ का प्रथम नियम (धारा नियम या KCL) आवेश संरक्षण के सिद्धांत (Conservation of Charge) पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली सभी धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है। 2. किचहोफ का द्वितीय नियम (वोल्टेज नियम या KVL) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जो यह बताता है कि किसी बंद पाश (Closed loop) में कुल विभव परिवर्तनों का बीजगणितीय योग शून्य होता है। 3. व्हीटस्टोन ब्रिज (Wheatstone Bridge) का उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को मापने के लिए किया जाता है, और यह संतुलन की स्थिति में तब होता है जब धारामापी (Galvanometer) में कोई विक्षेप नहीं होता है, यानी $P/Q = R/S$। 4. किसी सेल का आंतरिक प्रतिरोध (Internal Resistance) उसके टर्मिनल विभवांतर को बढ़ाने का कार्य करता है जब सेल से कोई विद्युत धारा ली जा रही हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? द्रवों के यांत्रिक गुणों (Mechanical Properties of Fluids) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface tension) ताप बढ़ने पर घट जाता है, क्योंकि ताप बढ़ने से अणुओं की ऊष्मीय ऊर्जा बढ़ जाती है और उनके बीच का संसंजन बल (Cohesive force) कमजोर हो जाता है। 2. श्यानता (Viscosity) द्रवों और गैसों दोनों का गुण है, किंतु जहाँ ताप बढ़ने पर द्रवों की श्यानता घट जाती है, वहीं गैसों की श्यानता ताप बढ़ने पर बढ़ जाती है। 3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में डुबोया जाता है, तो उस पर ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावक बल (Buoyant force) वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है और यह बल डूबे हुए भाग के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है। 4. केशिकत्व (Capillarity) की परिघटना के कारण जल किसी केशिका नली में ऊपर चढ़ता है क्योंकि जल के लिए संसंजन बल का मान आसंजन बल (Adhesive force) से अधिक होता है, जिसके विस्तृत विवरण के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) के विभिन्न अंगों और उनके द्वारा स्रावित हार्मोनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पीनियल ग्रंथि द्वारा स्रावित 'मेलाटोनिन' (Melatonin) हार्मोन शरीर की दैनिक लय (Circadian Rhythm) जैसे कि नींद-जागने के चक्र और शरीर के तापमान को नियमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 2. जठरांत्र पथ (Gastrointestinal Tract) चार प्रमुख पेप्टाइड हार्मोन स्रावित करता है जिनमें गैस्ट्रिन, सिक्रेटिन, कोलेसिस्टोकाइनिन (CCK) और गैस्ट्रिक इनहिबिटरी पेप्टाइड (GIP) शामिल हैं। 3. एट्रियल नेट्रियूरेटिक फैक्टर (ANF) का स्रावण हृदय के निलयों (Ventricles) की भित्ति द्वारा किया जाता है, जो रक्तचाप में वृद्धि होने पर रक्त वाहिकाओं को संकीर्ण (Vasoconstriction) करके रक्तचाप को बढ़ाने का कार्य करता है। 4. वृक्कीय मज्जा (Renal Medulla) द्वारा एरिथ्रोपोएटिन (Erythropoietin) हार्मोन का उत्पादन किया जाता है जो एरिथ्रोपोएसिस (लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण) को उत्तेजित करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण और पादप हॉर्मोन्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनावृतबीजी (Gymnosperms) पौधों में बीज नग्न होते हैं क्योंकि इनमें अंडाशय (Ovary) का अभाव होता है, और इनका संवहन तंत्र आवृत्तबीजी पौधों की तुलना में अधिक विकसित होता है जिसमें सत्य वाहिकाएँ (Vessels) प्रमुख रूप से पाई जाती हैं। 2. C-3 पादपों (जैसे गेहूं और चावल) में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर C-4 पादपों की तुलना में काफी अधिक होती है, क्योंकि RuBisCO एंजाइम कार्बोक्सीलेसन के साथ-साथ ऑक्सीजनैसन गतिविधि भी प्रदर्शित करता है, जिससे ऊर्जा का अपव्यय होता है। 3. 'ऑक्सिन' (Auxin) पादप हॉर्मोन का प्रमुख प्राकृतिक रूप इंडोल-3-एसिटिक एसिड (IAA) है, जो शीर्ष प्रमुखता (Apical dominance) के लिए उत्तरदायी है और पार्श्व कलिकाओं की वृद्धि को संदमित (Inhibit) करता है। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.