BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
22 views

वायुमंडल की परतों, उनकी तापीय संरचना और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. समतापमंडल (Stratosphere) में ऊंचाई के साथ तापमान में वृद्धि होती है, जिसका मुख्य कारण ओजोन परत द्वारा पराबैंगनी (UV) विकिरणों का अवशोषण है, और इसी परत में जेट विमानों की उड़ान के लिए आदर्श दशाएं मिलती हैं।
  2. 2. क्षोभसीमा (Tropopause) के पास स्थित 'जेट स्ट्रीम' (Jet Streams) तीव्र गति से बहने वाली भू-विक्षेपी पवनें हैं, जिनकी उत्पत्ति ध्रुवीय और उष्णकटिबंधीय वायुराशियों के मिलने से उत्पन्न भारी तापमान प्रवणता (Temperature Gradient) के कारण होती है।
  3. 3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटी (Subtropical High-Pressure Belt) का निर्माण मुख्य रूप से पृथ्वी के घूर्णन जनित 'कोरियोलिस बल' के प्रभाव से ठंडी हवाओं के ध्रुवों से नीचे उतरने के कारण एक 'गतिकीय रूप' (Dynamic Factor) से होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि समतापमंडल में ऊंचाई के साथ तापमान बढ़ता है क्योंकि ओजोन गैस पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है। यहाँ मौसम संबंधी हलचलें नगण्य होती हैं, जो जेट विमानों के उड़ान के लिए अनुकूल है। कथन 2 सही है क्योंकि जेट स्ट्रीम तीव्र गति से चलने वाली क्षोभमंडलीय पवनें हैं जो तापमान के अत्यधिक अंतर के कारण उत्पन्न होती हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटी का निर्माण तापीय रूप से नहीं बल्कि पृथ्वी के घूर्णन के कारण विषुवत रेखा से ऊपर उठी हवाओं के ठंडे होकर नीचे बैठने (Dynamic factor) से होता है, लेकिन इसमें 'ध्रुवों से ठंडी हवाओं' का उतरना मुख्य कारण नहीं है, बल्कि विषुवतीय हवाओं का अवतलन (Subsidence) उत्तरदायी है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Share:

Related Questions

→ भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की तुलनात्मक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हिमालय की अधिकांश नदियाँ 'पूर्ववर्ती अपवाह' (Antecedent Drainage) प्रणाली का उदाहरण हैं, जिसका तात्पर्य है कि इन नदियों ने हिमालय के उत्थान से पहले ही अपने मार्ग निर्धारित कर लिए थे और विवर्तनिक उत्थान के साथ-साथ अपनी घाटियों को गहरा करके गहरे महाखड्डों (Gorges) का निर्माण किया है। 2. प्रायद्वीपीय भारत की मुख्य नदियाँ जैसे गोदावरी, कृष्णा और कावेरी पश्चिमी घाट के पूर्वी ढाल से निकलकर बंगाल की खाड़ी में विस्तृत डेल्टा का निर्माण करती हैं, जबकि नर्मदा और तापी नदियाँ प्राचीन भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होकर पश्चिम की ओर प्रवाहित होते हुए अरब सागर में ज्वारनदमुख (Estuaries) बनाती हैं। 3. प्रायद्वीपीय नदियाँ अपनी विकास प्रक्रिया की 'परिपक्व अवस्था' (Mature Stage) में हैं, जिसके कारण इनका अनुदैर्ध्य प्रोफाइल (Longitudinal Profile) बेस तल (Base Level) को प्राप्त कर चुका है, इनके मार्ग में उर्ध्वाधर अपरदन (Vertical Erosion) की क्षमता न्यूनतम होती है और ये आमतौर पर विसर्पण (Meandering) नहीं करती हैं। 4. 'कोसी नदी', जो अपनी मार्ग परिवर्तन की तीव्र प्रवृत्ति के लिए कुख्यात है, एक अनुगामी नदी (Consecutive River) है जो केवल तराई क्षेत्र के सतही ढाल का अनुसरण करती है और इसके उद्गम स्थल पर कोई भी हिमनद या पर्वतीय विस्तार नहीं पाया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → भारत की प्रमुख पर्वतीय संरचनाओं, ट्रांस-हिमालयी श्रेणियों और उनके मध्य स्थित महत्वपूर्ण घाटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'लद्दाख श्रेणी' (Ladakh Range) ट्रांस-हिमालयी प्रणाली का एक महत्वपूर्ण भाग है, जो कैलाश श्रेणी का पश्चिमी विस्तार मानी जाती है और इसके दक्षिण में सिंधु नदी प्रवाहित होती है। 2. 'मरखा घाटी' (Markha Valley) लद्दाख क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध उच्च पर्वतीय घाटी है, जो हेमिस राष्ट्रीय उद्यान के भीतर स्थित है और इसे मरखा नदी द्वारा सिंचित किया जाता है। 3. 'पार्वती घाटी' (Parvati Valley) हिमाचल प्रदेश में कुल्लू जिले के अंतर्गत महान हिमालय और धौलाधार श्रेणियों के मध्य स्थित है, जो मणिकर्ण और खीरगंगा जैसे उष्ण स्रोतों (Hot Springs) के लिए प्रसिद्ध है। 4. 'चुम्बी घाटी' (Chumbi Valley) भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य के उत्तर-पूर्वी कोने में स्थित है, जो भारत, म्यांमार और चीन (तिब्बत) के त्रिसंगम पर एक सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण द्वार का कार्य करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों की भौगोलिक अवस्थिति एवं उनके वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत का अधिकांश कोकिंग कोयला झारखंड और ओडिशा की खदानों से प्राप्त होता है, जबकि देश में गैर-कोकिंग और उच्च वाष्पशील (Thermal) कोयले का सबसे बड़ा भंडार 'झरिया' और 'गोमिया' क्षेत्रों तक ही सीमित है। 2. कृष्णा-गोदावरी बेसिन (KG Basin) में स्थित 'KG-D6' ब्लॉक भारत का एक प्रमुख अपतटीय प्राकृतिक गैस क्षेत्र है, जहाँ प्रचुर मात्रा में गहरे पानी के प्राकृतिक गैस भंडार और हाइड्रोकार्बन खोजे गए हैं। 3. भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में प्रयुक्त होने वाले थोरियम का मुख्य स्रोत 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) है, जो केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। 4. राजस्थान का 'पचपदरा' और 'बाड़मेर' बेसिन क्षेत्र 'मंगला', 'भाग्यम' और 'ऐश्वर्या' जैसी महत्वपूर्ण तेल क्षेत्रों के लिए जाना जाता है, जो देश के कुल घरेलू कच्चे तेल उत्पादन में एक बड़ा योगदान करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → भारत के प्रमुख पर्वतीय क्षेत्रों, पर्वत श्रेणियों और उनके मध्य स्थित प्रसिद्ध घाटियों (Valleys) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'मरखा घाटी' (Markha Valley) लद्दाख क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध शुष्क घाटी है, जो हेमिस राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आती है और कांग yatse पर्वत के साये में स्थित है। 2. 'जुक्कू घाटी' (Zutho/Dzükou Valley) नागालैंड और मणिपुर की सीमा पर स्थित है, जो अपनी प्राकृतिक हरी भरी ढलानों, मौसमी जंगली फूलों और दुर्लभ 'जुक्कू लिली' के लिए विश्व प्रसिद्ध है। 3. 'चुम्बी घाटी' (Chumbi Valley) एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घाटी है, जो भारत (सिक्किम), भूटान और तिब्बत (चीन) के त्रिसंगम (Tri-junction) के पास स्थित है और प्राचीन काल में रेशम मार्ग (Silk Road) का एक प्रमुख हिस्सा हुआ करती थी। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार हिमाचल प्रदेश में स्थित 'पार्वती घाटी' (Parvati Valley) कुल्लू जिले में मणिकर्ण के पास बहने वाली पार्वती नदी द्वारा निर्मित है, जो अपने गर्म पानी के झरनों और ट्रैकिंग मार्गों के लिए जानी जाती है, न कि पीर पंजाल श्रेणी के दक्षिणी भाग में स्थित बनिहाल घाटी के रूप में। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → वायुमंडल की संरचना, विभिन्न परतों और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. क्षोभमंडल (Troposphere) में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में होने वाली ह्रास दर (Normal Lapse Rate) औसतन 6.5°C प्रति 1000 मीटर होती है, और इस परत की सीमा को 'क्षोभसीमा' कहते हैं जहाँ जेट धाराएँ (Jet Streams) प्रवाहित होती हैं। 2. समतापमंडल (Stratosphere) ओजोन गैस की उपस्थिति के कारण गर्म रहता है, जो पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है, और इसी परत के निचले हिस्से में मौसम संबंधी घटनाएँ (जैसे बादल, वर्षा, आंधी) सर्वाधिक तीव्रता से घटित होती हैं। 3. पृथ्वी पर पाई जाने वाली 'अश्व अक्षांश' (Horse Latitudes) या उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) मूल रूप से तापीय कारणों (Thermal Factors) से नहीं बल्कि पृथ्वी के घूर्णन और वायु के अवतलन (Subsidence) जैसी गतिकीय प्रक्रियाओं (Dynamic Factors) के कारण उत्पन्न होती हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जिसमें ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान पुनः गिरने लगता है और ऊपरी सीमा पर तापमान -90°C तक पहुँच जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.