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Geography
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पृथ्वी के प्रमुख पर्वतों, पठारों और मरुस्थलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'अटाकामा मरुस्थल' मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर एंडीज पर्वतमाला और प्रशांत महासागर के बीच स्थित एक अत्यंत शुष्क क्षेत्र है, जहाँ 'पेरूवियन (हंबोल्ट) ठंडी जलधारा' का प्रभाव इस क्षेत्र को वर्षाविहीन बनाने में मुख्य भूमिका निभाता है।
- 2. 'तिब्बत का पठार' एक अंतःपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का प्रमुख उदाहरण है, जो हिमालय और कुंलन शान पर्वत श्रेणियों के मध्य स्थित है और यह पृथ्वी पर सबसे ऊँचा एवं सबसे बड़ा पठार है।
- 3. 'एटलस पर्वतमाला' एक युवा मोदार पर्वत (Young Fold Mountain) प्रणाली है, जो अफ्रीका महाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी भाग में अटलांटिक महासागर और भूमध्य सागर के तटों के सहारे मोरक्को, अल्जीरिया और ट्यूनीशिया तक फैली हुई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उपर्युक्त तीनों कथन पूर्णतः सही हैं। पहला कथन अटाकामा मरुस्थल की अवस्थिति और पेरूवियन (हंबोल्ट) ठंडी जलधारा के प्रभाव को सही बताता है जो इस क्षेत्र में वर्षा को रोकती है। अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं। दूसरा कथन तिब्बत के पठार को हिमालय और कुंलन शान के बीच स्थित अंतःपर्वतीय पठार के रूप में सहीि वर्णित करता है। तीसरा कथन एटलस पर्वतमाला को अफ्रीका के उत्तर-पश्चिम में स्थित एक युवा मोड़दार पर्वत के रूप में सही रेखांकित करता है।
Related Questions
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भारत के संदर्भ में 'उत्तरी मैदान' की निर्माण प्रक्रिया में 'भाभर' (Bhabar) और 'तराई' (Terai) क्षेत्रों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भाभर बेल्ट में नदियाँ विलुप्त हो जाती हैं और धरातल पर केवल कंकड़-पत्थर दिखाई देते हैं।
2. तराई क्षेत्र भाभर के दक्षिण में स्थित एक नम, दलदली और जैव-विविधता से परिपूर्ण क्षेत्र है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'बुर्जिल दर्रा' (Burzil Pass) कश्मीर घाटी को देवसाइ मैदानों (गिलगित-बाल्टिस्तान) से जोड़ता है, जो प्राचीन काल में मध्य एशिया के साथ व्यापार का एक प्रमुख मार्ग था।
2. 'बड़ा लाचा ला दर्रा' (Bara-lacha La) जास्कर श्रेणी में स्थित है, जो मनाली को लेह से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है और जिससे चंद्र तथा भागा नदियाँ निकलती हैं।
3. 'दीफु दर्रा' (Diphy Pass) अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार की सीमा पर स्थित एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दर्रा है, जो भारत, चीन और म्यांमार के त्रिसंधि (Tripoint) क्षेत्र के निकट स्थित है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'शिपकी ला दर्रा' (Shipki La) सतलज नदी के गार्ज के समीप हिमाचल प्रदेश और तिब्बत की सीमा पर स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की भौगोलिक स्थिति और अक्षांश-देशांतर विस्तार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जिसके कारण देश के उत्तर से दक्षिण की वास्तविक दूरी लगभग 3,214 किमी है।
2. देश का देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व तक है, जो अरुणाचल प्रदेश और गुजरात के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का अंतर पैदा करता है।
3. 82°30' पूर्वी देशांतर रेखा को भारत की मानक याम्योत्तर (Standard Meridian) माना गया है, जो कुल पाँच राज्यों से होकर गुजरती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत में सिंचाई, कृषि पद्धतियाँ और प्रमुख फसलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में कुल सिंचित क्षेत्र (Net Irrigated Area) का सबसे बड़ा हिस्सा 'नदी नहरों' (Canals) के माध्यम से सिंचित होता है, जिसके बाद दूसरा स्थान नलकूपों और अन्य कुओं का आता है।
2. 'शून्य जुताई' (Zero Tillage) या न्यूनतम जुताई तकनीक मृदा के स्वास्थ्य को बनाए रखने, कार्बन संचयन बढ़ाने और फसल अवशेषों को जलाए बिना सीधे बुवाई करने में सहायक होती है, जो विशेष रूप से चावल-गेहूं फसल चक्र में अपनाई जा रही है।
3. 'धान' एक उष्णकटिबंधीय खरीफ फसल है जिसे अंकुरण और वृद्धि के समय उच्च तापमान (25°C से अधिक) तथा प्रचुर मात्रा में जल की आवश्यकता होती है, और भारत में इसकी खेती मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में की जाती है जहाँ वार्षिक वर्षा 100 सेंटीमीटर से अधिक होती है या कृत्रिम सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'श्री विधि' (System of Rice Intensification - SRI) कम पानी, कम बीज और कम रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से धान की पैदावार बढ़ाने की एक आधुनिक कृषि पद्धति है, जिसकी शुरुआत सबसे पहले मेडागास्कर में हुई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के भौगोलिक वितरण तथा उनकी भूगर्भीय विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में कोयले के कुल संचित भंडारों का लगभग 98% हिस्सा 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों में पाया जाता है, जो मुख्य रूप से दामोदर, सोन, महानदी और गोदावरी नदी घाटियों में संकेंद्रित हैं, तथा यहाँ का अधिकांश कोयला बिटुमिनस प्रकार का है।
2. 'टर्तीयक युगीन कोयला' (Tertiary Coal) मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में पाया जाता है, जिसकी विशेषता यह है कि इसमें उच्च सल्फर सामग्री (High Sulphur Content) पाई जाती है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के कुल संचित भंडारों का सबसे बड़ा हिस्सा अपतटीय (Offshore) क्षेत्रों, विशेष रूप से 'बॉम्बे हाई' (Mumbai High) में स्थित है।
4. भारत में 'थोरियम' के विशाल संचित भंडार तटीय क्षेत्रों की 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sands) में पाए जाते हैं, जो मुख्य रूप से केरल के तटीय क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, जबकि यूरेनियम के प्रमुख भंडार झारखंड के जादूगोड़ा खान से निकाले जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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