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Geography
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'जोजी ला दर्रा' (Zoji La) महान हिमालय श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर को लेह से सड़क मार्ग द्वारा जोड़ता है और इसका निर्माण सिंधु नदी की सहायक नदी द्वारा हुआ है।
  2. 2. 'नीति दर्रा' और 'माना दर्रा' दोनों उत्तराखंड राज्य में तिब्बत सीमा के पास स्थित हैं, जो भारत को तिब्बत से जोड़ते हैं और ये कैलाश-मानसरोवर यात्रा के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग प्रदान करते हैं।
  3. 3. 'यांग्याप दर्रा' (Yangyap Pass) अरुणाचल प्रदेश के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित है, जिसके पास से ही ब्रह्मपुत्र नदी ('दिहंग' के रूप में) भारत में प्रवेश करती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। जोजी ला दर्रा जास्कर रेंज (महान हिमालय का हिस्सा) में स्थित है जो श्रीनगर और लेह को जोड़ता है। नीति और माना दर्रे उत्तराखंड में स्थित हैं और प्राचीन काल से ही तिब्बत के साथ व्यापार और तीर्थयात्रा का मार्ग रहे हैं। यांग्याप दर्रा अरुणाचल प्रदेश में स्थित है और ब्रह्मपुत्र नदी इसी के निकट भारत में प्रवेश करती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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→ भारत की विभिन्न मृदा प्रणालियों, उनकी रासायनिक एवं भौतिक विशेषताओं तथा उनके भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'लाल एवं पीली मृदा' (Red and Yellow Soils) का विकास मुख्य रूप से प्राचीन रवेदार और रूपांतरित चट्टानों पर कम वर्षा वाले पूर्वी और दक्षिणी दक्कन के पठारी भागों में होता है, जहाँ फेरस ऑक्साइड की उपस्थिति के कारण इनका रंग लाल होता है तथा जलयोजन (Hydration) के बाद ये पीली दिखाई देती हैं। 2. 'शुष्क एवं मरुस्थलीय मृदा' (Arid and Desert Soils) राजस्थान के पश्चिमी भाग में पाई जाती हैं, जिनमें कैल्शियम कार्बोनेट की अधिकता के कारण नीचे की परतों में 'कंकड़' की परत बनती है, और इस मृदा में ह्यूमस व नाइट्रोजन की मात्रा अत्यंत कम तथा घुलनशील लवणों की मात्रा अधिक होती है। 3. 'पीठ एवं दलदली मृदा' (Peaty and Marshy Soils) भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में मृत जैविक पदार्थों के भारी जमाव के कारण विकसित होती हैं, जिनमें प्रचुर मात्रा में घुलनशील लवण और पोटाश पाए जाते हैं, किंतु ये मृदाएँ सामान्यतः भारी और काले रंग की तथा अम्लीय प्रकृति की होती हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soils) भारत के कुल भू-क्षेत्र के लगभग 43% भाग पर फैली हुई देश की सबसे महत्वपूर्ण और उपजाऊ मृदा प्रणाली है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से हिमालय की नदियों द्वारा लाए गए अवसादों के निक्षेपण से होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → वायुमंडल की विभिन्न परतों, उनके भौतिक गुणों और वायुदाब पेटियों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'आयनमंडल' (Ionosphere) में स्थित 'डी-परत' (D-layer) लंबी रेडियो तरंगों को परावर्तित करती है और मध्यम तथा उच्च आवृत्तियों को अवशोषित करती है, जिसके कारण सूर्य के अस्त होने के साथ ही यह परत गायब हो जाती है और रात्रि में रेडियो प्रसारण में सुधार होता है। 2. 'मध्यमंडल' (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जहाँ ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में पुन: भारी गिरावट होने लगती है और इसके ऊपरी सीमा (मेसोपॉज) पर तापमान -90 °C तक पहुँच जाता है। 3. भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low-Pressure Belt) का निर्माण मुख्य रूप से तापीय कारणों (Thermal factors) से होता है, क्योंकि वर्षभर उच्च तापमान के कारण हवा गर्म होकर हल्की हो जाती है और ऊपर उठती है, जिससे यहाँ धरातल पर शांत क्षेत्र या 'डोलड्रम' का सृजन होता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'ध्रुवीय उच्च वायुदाब पेटियों' (Polar High-Pressure Belts) का विकास विशुद्ध रूप से गतिकीय कारणों (Dynamic factors) पर आधारित है, क्योंकि पृथ्वी के घूर्णन के कारण यहाँ वायु का अपसरण होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों (Passes) और उनकी विशिष्ट भौगोलिक अवस्थिति तथा उनको जोड़ने वाले मार्गों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'जोजी ला दर्रा' (Zoji La) जाँस्कर श्रेणी में स्थित है, जो श्रीनगर को कारगिल और लेह से जोड़ता है, और इसका निर्माण सिंधु नदी की सहायक नदी द्वारा अपरदन के फलस्वरूप हुआ है। 2. 'शिपकी ला दर्रा' (Shipki La) हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में जाँस्कर श्रेणी में स्थित है, जिससे होकर सतलुज नदी भारत में प्रवेश करती है और यह भारत को तिब्बत से जोड़ता है। 3. 'नाथू ला दर्रा' (Nathu La) सिक्किम में डोगरिया श्रेणी के पास स्थित है, जो प्राचीन रेशम मार्ग (Silk Road) का एक प्रमुख हिस्सा था और भारत को चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र से जोड़ता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'अगिल ला दर्रा' (Aghil Pass) काराकोरम श्रेणी के उत्तर में स्थित है, जो लद्दाख क्षेत्र को पाकिस्तान के अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र से जोड़ता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत के अपवाह तंत्र (Drainage System) के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं, उनके उद्गम, जलप्रवाह और भू-आकृतिक स्वरूपों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हिमालयी नदियाँ अपने विकास के प्रारंभिक चरणों में अत्यधिक अपरदन करती हैं और 'पूर्ववर्ती' (Antecedent) अपवाह प्रतिरूप का निर्माण करती हैं, जहाँ सिंधु, सतलुज और ब्रह्मपुत्र जैसी नदियाँ हिमालय के उत्थान के साथ-साथ अपनी घाटियों को गहरा करती गई हैं। 2. प्रायद्वीपीय पठार की नदियाँ सामान्यतः 'परिपक्व' (Mature) अवस्था में हैं और इनकी घाटियों की ढाल प्रवणता बहुत कम होती है, जिसके कारण ये अपने मार्ग में अत्यधिक विसर्प (Meanders) बनाती हैं और हिमालयी नदियों की तुलना में मैदानी भागों में मार्ग परिवर्तन के लिए अधिक कुख्यात हैं। 3. लूनी नदी भारत के प्रायद्वीपीय और शुष्क पश्चिमी भाग की एक प्रमुख अंतःस्थलीय (Inland Drainage) नदी प्रणाली का उदाहरण है, जो अरावली पहाड़ियों से निकलकर कच्छ के रण के दलदली क्षेत्रों में विलुप्त हो जाती है और समुद्र तक नहीं पहुँच पाती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, प्रायद्वीपीय भारत की अधिकांश नदियाँ (जैसे नर्मदा और ताप्ती को छोड़कर) पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं और बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, जिसका प्रमुख कारण प्रायद्वीपीय पठार का सामान्य ढाल पश्चिम से पूर्व की ओर होना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत के प्रमुख उद्योगों, औद्योगिक गलियारों और राष्ट्रीय जलमार्गों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 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