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Geography
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भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि जलवायु क्षेत्रों और प्रमुख फसलों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. देश के कुल शुद्ध सिंचित क्षेत्र में 'नहरों' (Canals) द्वारा सिंचाई का प्रतिशत 'भूपृष्ठ जल' पर आधारित नलकूपों और अन्य कुओं की तुलना में सर्वाधिक है।
- 2. 'माइक्रॉइरिगेशन' (ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई) जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को बढ़ाने के साथ-साथ उर्वरकों के उपयोग को भी अनुकूलित करती है, और इसके अंतर्गत कुल सिंचित क्षेत्र में क्षेत्रफल की दृष्टि से महाराष्ट्र राज्य का स्थान अग्रणी है।
- 3. भारत में 'धान' (Rice) की खेती के लिए पारंपरिक रूप से प्रतिरोपण (Transplanting) विधि अपनाई जाती है, जिसमें भारी मात्रा में जल की आवश्यकता होती है, किंतु 'सिंचित प्रत्यक्ष बीजारोपण' (Direct Seeded Rice - DSR) तकनीक अपनाने से जल की खपत, मीथेन उत्सर्जन और श्रम लागत में उल्लेखनीय कमी आती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि भारत में वर्तमान में शुद्ध सिंचित क्षेत्र (Net Irrigated Area) के स्रोतों में 'कुओं और नलकूपों' (Groundwater) का हिस्सा सबसे अधिक (लगभग 62% से अधिक) है, जबकि नहरों का स्थान इसके बाद दूसरा आता है। कथन 2 सही है; सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप एवं फव्वारा सिंचाई) जल उपयोग दक्षता को अत्यधिक बढ़ाती है और राष्ट्रीय स्तर पर इसके कुल कवरेज में महाराष्ट्र अग्रणी राज्यों में शामिल है। कथन 3 सही है क्योंकि 'डायरेक्ट सीडेड राइस' (DSR) तकनीक से धान की खेती करने पर पारंपरिक पडलिंग (कीचड़ बनाने) और पारंपरिक रोपाई की तुलना में भूजल की बचत होती है, मीथेन गैस का उत्सर्जन घटता है और श्रम की आवश्यकता कम होती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, असंबद्धताओं (Discontinuities) और चट्टानों के रूपांतरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मोहरोविसिक असंबद्धता' (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट (भू-पर्पटी) और मेंटल के बीच की सीमा रेखा है, जबकि 'गुटेनबर्ग असंबद्धता' (Gutenberg Discontinuity) ऊपरी मेंटल और निचले मेंटल को अलग करती है।
2. बेसाल्टिक लावा के ठंडे होने से बनने वाली आग्नेय चट्टानें (जैसे गैब्रॉ) जब अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से अपनी मूल संरचना या खनिज संयोजन में परिवर्तन करती हैं, तो वे रूपांतरित होकर 'सर्पेंटाइन' या 'शिस्ट' जैसी कायांतरित चट्टानों में बदल जाती हैं।
3. पृथ्वी के क्रोर (Core) का बाहरी भाग (Outer Core) तरल अवस्था में है, जिसके कारण इसके संवहन धाराओं से उत्पन्न गति पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) का मुख्य स्रोत बनती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पृथ्वी की आंतरिक परतों में गहराई में जाने पर तापमान में वृद्धि की दर (Geothermal Gradient) हर स्थान पर एक समान होती है और यह मेंटल के पार क्रोर तक पहुँचते ही शून्य हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों की भौगोलिक अवस्थिति, उनकी आयु एवं निक्षेपों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के कुल कोयला भंडारों और उत्पादन का लगभग 98% भाग 'गोंडवाना कोयला' से प्राप्त होता है, जिसका मुख्य संकेंद्रण दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों में है, और यह मुख्य रूप से उच्च कोटि का बिटुमिनस कोयला है जिसमें सल्फर की मात्रा बहुत कम होती है।
2. देश में 'टर्शरी युगीन कोयला' मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में पाया जाता है, जो उच्च सल्फर युक्त और कम कार्बन वाला लिग्नाइट या निम्न कोटि का बिटुमिनस कोयला होता है।
3. भारत में थोरियम के मुख्य स्रोत के रूप में 'मोनाज़ाइट बालू' (Monazite Sand) केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों की प्लेसर बालू (Placer Sands) में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में यूरेनियम के प्रमुख भंडार केवल झारखंड के जादूगोड़ा तक ही सीमित हैं, और देश के किसी अन्य हिस्से में यूरेनियम के व्यावसायिक भंडार नहीं पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय मानसून की क्रियाविधि, जेट स्ट्रीम के प्रभाव और वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकालीन मानसून के दौरान, तिब्बत के पठार का अत्यधिक गर्म होना एक प्रबल निम्न वायुदाब क्षेत्र का सृजन करता है, जिससे ऊपरी क्षोभमंडल में 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) का विकास होता है और यह प्रायद्वीपीय भारत के ऊपर मानसूनी हवाओं को तेजी से आकर्षित करती है।
2. भारतीय मानसून के समय 'सोमाली जेट' (Somali Jet), जो एक क्रॉस-इक्वेटोरियल निम्न-स्तरीय जेट धारा है, पूर्वी अफ्रीका के तट के सहारे उत्तर-पूर्व दिशा में बहती हुई अरब सागर से नमीयुक्त हवाओं के प्रवाह को अत्यधिक तीव्र कर देती है।
3. पश्चिमी विक्षوب (Western Disturbances) भूमध्य सागर में उत्पन्न होने वाली शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवाती प्रणालियाँ हैं, जो शीतकाल में उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम (Subtropical Westerly Jet Stream) के प्रभाव से भारत के उत्तर-पश्चिम भागों में वर्षा लाती हैं, और इनका भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून की वर्षा से कोई धनात्मक या प्रत्यक्ष संबंध नहीं होता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार दक्षिणी दोलन सूचकांक (Southern Oscillation Index - SOI) ताहीती और डार्विन के बीच वायुदाब के अंतर को मापता है, जहाँ एक धनात्मक (Positive) SOI मान आमतौर पर ला नीना (La Niña) की स्थिति को दर्शाता है और भारत में सामान्य या उससे अधिक मानसून वर्षा का संकेत देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की जनगणना 2011 और मानवजाति / जनसांख्यिकीय विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जातियों (SC) का हिस्सा लगभग 16.6% है, जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य में अनुसूचित जाति की कुल जनसंख्या देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक है, जबकि पंजाब राज्य में कुल जनसंख्या के सापेक्ष अनुसूचित जाति का प्रतिशत (31.9%) सबसे अधिक है।
2. भारत में 'लिंगानुपात' (Sex Ratio) के संदर्भ में, केरल राज्य 1084 के साथ शीर्ष पर है, जबकि केंद्रशासित प्रदेशों में पुदुचेरी एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहाँ महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक दर्ज की गई है।
3. भारत की जनजातीय आबादी (Scheduled Tribes) में 'भील' (Bhil) देश का सबसे बड़ा जनजातीय समूह है, जो मुख्य रूप से राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र राज्यों में संकेंद्रित है, जबकि गोंड दूसरा सबसे बड़ा समूह है।
4. जनगणना 2011 के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, भारत में साक्षरता दर 74.04% दर्ज की गई, जिसमें पुरुष साक्षरता (82.14%) और महिला साक्षरता (65.46%) के बीच का अंतर केरल में सबसे कम, जबकि राजस्थान में सर्वाधिक दर्ज किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की भौगोलिक स्थिति, सीमा रेखाओं और सुदूर बिंदुओं (Extreme Points) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जबकि संपूर्ण देश का देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर तक फैला हुआ है।
2. भारत का सबसे पूर्वी बिंदु 'किबिथु' (अरुणाचल प्रदेश) और सबसे पश्चिमी बिंदु 'गुहार मोती' (गुजरात) है, जिनके बीच लगभग 30° का देशांतरीय विस्तार होने के कारण दोनों स्थानों के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे (120 मिनट) का अंतर पाया जाता है।
3. भारत के सबसे दक्षिणी बिंदु को 'इंदिरा प्वाइंट' (पिगमेलियन प्वाइंट) कहा जाता है, जो ग्रेट निकोबार द्वीप पर 6°45' उत्तर अक्षांश पर स्थित है, जबकि मुख्य भूमि का सबसे दक्षिणी छोर कन्याकुमारी में 'केप कोमोरिन' है।
4. भारत की स्थलीय सीमा की कुल लंबाई लगभग 15,200 किलोमीटर है, जो कुल 9 देशों (7 पड़ोसी देश और 2 समुद्री पड़ोसी देश) के साथ अपनी सीमा साझा करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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