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Geography
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'काराकोरम दर्रा' (Karakoram Pass) भारत के लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश में महान काराकोरम श्रेणी में स्थित है, जो लेह को यारकंद (झिंजियांग, चीन) से जोड़ता है और यह भारत का सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित मोटर योग्य दर्रा है।
- 2. 'शिपकी ला दर्रा' (Shipki La) पीर पंजाल श्रेणी में स्थित है, जिससे होकर 'सतलज नदी' तिब्बत से भारत में प्रवेश करती है और यह हिमाचल प्रदेश को तिब्बत से जोड़ने वाला एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग है।
- 3. 'पालघाट दर्रा' (Palakkad Gap) नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच स्थित एक प्रमुख पश्चिमी घाट का दर्रा है, जो केरल के कोच्चि शहर को तमिलनाडु के कोयंबटूर शहर से रेल और सड़क मार्ग द्वारा जोड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि काराकोरम दर्रा लद्दाख क्षेत्र में काराकोरम श्रेणियों के मध्य स्थित है और यह भारत का सबसे ऊंचा मोटर योग्य दर्रा है जो भारत को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ता है। कथन 2 गलत है क्योंकि 'शिपकी ला दर्रा' पीर पंजाल श्रेणी में नहीं, बल्कि 'जास्कर श्रेणी' (Zanskar Range) में स्थित है, हालांकि सतलज नदी इसी दर्रे के पास से भारत में प्रवेश करती है। कथन 3 सही है क्योंकि पालघाट दर्रा (पालक्काड़ गैप) पश्चिमी घाट में नीलगिरी और अन्नामलाई पहाड़ियों के मध्य स्थित एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक अंतराल है जो केरल और तमिलनाडु को आपस में जोड़ता है। भारतीय भूगोल के अंतर्गत पर्वतीय दरों की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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भूकंपीय तरंगों, ज्वालामुखी उद्गार की क्रियाओं और सुनामी की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं और ये ठोस, तरल तथा गैसीय तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और ये केवल ठोस माध्यम से ही गुजर सकती हैं।
2. 'सुनामी' (Tsunami) शब्द जापानी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ 'तटीय लहरें' होता है, और इनकी उत्पत्ति मुख्य रूप से समुद्र के नीचे आने वाले बड़े पैमाने पर भूकंपों (विवर्तनिक गतिविधियों) के कारण होती है, जिसके परिणामस्वरूप महासागरीय जल का अचानक विस्थापन होता है।
3. शील्ड ज्वालामुखी (Shield Volcanoes) मुख्य रूप से कम श्यानता (Low Viscosity) वाले बेसाल्टिक लावा के अतिप्रवाह से बनते हैं, जो अत्यधिक विस्फोटक होते हैं और सिंडर शंकु (Cinder Cones) का निर्माण करते हैं, जैसे हवाई द्वीप के ज्वालामुखी।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भूकंप का उद्गम केंद्र (Focus / Hypocenter) पृथ्वी के भीतर वह बिंदु होता है जहाँ से ऊर्जा तरंगें निकलती हैं, और ठीक इसके ऊपर पृथ्वी की सतह पर स्थित बिंदु को अधिकेंद्र (Epicenter) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत की मृदा प्रणालियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मरुस्थलीय मृदा (Desert Soils) मुख्य रूप से पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती हैं, जिनमें घुलनशील लवणों और कैल्शम कार्बोनेट की अधिकता होती है, जबकि निचले स्तरों में कैकड़ (Kankar) की परत पाए जाने के कारण जल का अंतःस्यंदन (Infiltration) अवरुद्ध हो जाता है।
2. क्षारीय और लवणीय मृदाओं (Saline and Alkaline Soils) को स्थानीय भाषा में 'कल्लर', 'उसर' या 'रेह' कहा जाता है, और इन मृदाओं में सोडियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम के लवणों की प्रचुरता के कारण नाइट्रोजन और कैल्सियम की भारी कमी होती है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पर्वतीय मृदाएँ (Mountain/Forest Soils) घाटी के पर्यावरण के अनुसार अलग-अलग होती हैं, जो ऊपरी ढलानों पर सामान्यतः अमलीय और कम ह्यूमस युक्त होती हैं, जबकि निचली घाटियों में ये अपेक्षाकृत उपजाऊ और गहरी होती हैं।
4. लाल और पीली मृदाओं का विकास प्रायद्वीपीय पठार के कम वर्षा वाले क्षेत्रों में रवेदार आग्नेय चट्टानों पर होता है, और इनमें नाइट्रोजन, फास्फोरस तथा ह्यूमस की प्रचुरता पाई जाती है, जिसके कारण ये कपास और गेहूँ की खेती के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, मोहरोविकिक (Mohorovicic) असांतत्य और विभिन्न प्रकार की चट्टानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मोहरोविकिक असांतत्य' (Moho Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच की सीमा रेखा है, जहाँ भूकंपीय तरंगों (P और S तरंगों) की गति में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
2. रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) केवल अवसादी चट्टानों के अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से अपने मूल रूप को बदलकर नई संरचना में ढलने से बनती हैं, इसमें आग्नेय चट्टानों की कोई भूमिका नहीं होती है।
3. बेसाल्ट (Basalt) एक बहिर्भेदी आग्नेय चट्टान (Extrusive Igneous Rock) है, जो लावा के धरातल पर तेजी से ठंडा होने के कारण सूक्ष्म-रवेदार (Fine-grained) संरचना वाली होती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार संगमरमर (Marble) एक कायांतरित चट्टान है, जो चूना पत्थर (Limestone) के पुनर्संरचना और ताप-दाब के प्रभाव से कैल्साइट के क्रिस्टलीकरण द्वारा निर्मित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के अंतर्गत सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी प्रणालियों तथा उनकी विशिष्ट विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सिंधु नदी' (Indus River) का उद्गम तिब्बत में मानसरोवर झील के निकट बोखार चू हिमनद से होता है, और यह भारत में केवल लद्दाख और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेशों से प्रवाहित होते हुए पाकिस्तान में प्रवेश करती है, तथा इसकी सबसे बड़ी सहायक नदी 'चिनाव' है।
2. 'ब्रह्मपुत्र नदी' को तिब्बत में 'यांग्त्से' (Yangtze) कहा जाता है, जहाँ से यह पूर्व की ओर बहती है और अरुणाचल प्रदेश में 'दिहांग' या 'सियांग' के रूप में भारत में प्रवेश करती है, जहाँ इसमें लोहित और सुबनसिरी जैसी नदियाँ मिलती हैं।
3. 'गंगा नदी' प्रणाली का निर्माण अलकनंदा और भागीरथी नदियों के देवप्रयाग में संगम के बाद होता है, और यह नदी पश्चिम बंगाल में फरक्का के पास दो शाखाओं (भागीरथी-हुगली और पद्मा) में विभाजित हो जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ब्रह्मपुत्र नदी जब बांग्लादेश में प्रवेश करती है, तो इसे 'जमुना' कहा जाता है, और जब यह पद्मा (गंगा) नदी के साथ मिलकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है, तो विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा 'सुंदरबन डेल्टा' बनाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ 'पूर्ववर्ती अपवाह' (Antecedent Drainage) का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जिसका अर्थ है कि ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले भी प्रवाहित होती थीं और उन्होंने उत्थान के साथ-साथ अपनी घाटियों को गहरा करके गहरे गार्ज का निर्माण किया है।
2. दक्षिण भारत की अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ 'वृक्षाकार' (Dendritic) अपवाह पैटर्न का निर्माण करती हैं, जबकि नर्मदा और ताप्ती नदियाँ भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होकर बहती हुई अरब सागर में गिरती हैं और मुहानों पर डेल्टा के स्थान पर ज्वारनदमुख (Estuary) का निर्माण करती हैं।
3. प्रायद्वीपीय नदियों में गोदावरी नदी सबसे लंबी नदी है, जिसे 'दक्षिण गंगा' या 'वृद्ध गंगा' कहा जाता है, और इसकी प्रमुख सहायक नदियों में प्रणिता, इंद्रावती, सबरी और मंजरा शामिल हैं, जो दक्कन के पठार के उत्तरी भाग से जल लाती हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार सिंधु नदी तंत्र की सहायक नदी सतलुज, ब्रह्मपुत्र और सिंधु स्वयं पूर्ववर्ती नदियों की श्रेणी में आती हैं, जो यंग हिमालय के उत्थान के क्रम को काटते हुए आगे बढ़ी हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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