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Geography
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भारत के भौगोलिक विस्तार, सीमाई बिंदुओं और उससे संबंधित अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जबकि इसके सुदूर दक्षिणतम बिंदु 'इंदिरा पॉइंट' का अक्षांश 6°45' उत्तर है जो ग्रेट निकोबार द्वीप समूह में स्थित है।
- 2. कर्क रेखा (23°30' उत्तर) भारत को लगभग दो बराबर भागों में विभाजित करती है और यह देश के कुल आठ राज्यों से होकर गुजरती है, जिसमें से त्रिपुरा और मिजोरम ऐसे राज्य हैं जहाँ से कर्क रेखा और भारतीय मानक याम्योत्तर (82°30' पूर्व) दोनों रेखाएँ एक-दूसरे को आपस में काटती हैं।
- 3. भारत के सबसे पूर्वी बिंदु 'किबिथु' (अरुणाचल प्रदेश) और सबसे पश्चिमी बिंदु 'गुहारामती' (गुजरात) के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का समय अंतराल पाया जाता है, क्योंकि दोनों स्थानों के मध्य लगभग 30 डिग्री देशांतर का अंतर है।
- 4. भारत की स्थलीय सीमा उत्तर-पश्चिम में पाकिस्तान व अफगानिस्तान, उत्तर में चीन, पूर्व में नेपाल व भूटान, तथा सुदूर पूर्व में म्यांमार एवं बांग्लादेश के साथ लगती है, जिसमें सर्वाधिक लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश के साथ साझा होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4'N से 37°6'N तक है, और संपूर्ण देश का दक्षिणतम बिंदु इंदिरा पॉइंट 6°45'N पर ग्रेट निकोबार में है। कथन 2 गलत है क्योंकि कर्क रेखा और भारतीय मानक याम्योत्तर (82°30' पूर्व) एक-दूसरे को छत्तीसगढ़ राज्य (सूरजपुर/कोरिया जिले के पास) में काटती हैं, न कि त्रिपुरा और मिजोरम में। कथन 3 सही है, भारत का देशांतर विस्तार 68°7'E से 97°25'E तक है, जिससे लगभग 30° का अंतर होने के कारण समय में 2 घंटे का अंतर आता है। कथन 4 सही है, भारत की कुल स्थलीय सीमा 15,200 किमी है जिसमें सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ (लगभग 4,096 किमी) लगती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं, झीलों और जलप्रपातों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. लोकटक झील - यह पूर्वोत्तर भारत की मीठे पानी की सबसे बड़ी झील है, जो मणिपुर राज्य में स्थित है और इस झील में तैरते हुए अद्वितीय 'फुमदि' (Phumdis) पाए जाते हैं, तथा इसी झील पर 'केइबुल लामजाओ' राष्ट्रीय पार्क अवस्थित है।
2. शरावती नदी - इस नदी पर कर्नाटक राज्य में 'गेरप्पा' या 'योग जलप्रपात' स्थित है, जो भारत का सबसे ऊँचा सीधा गिरने वाला (Plunge) जलप्रपात है।
3. नागार्जुन सागर परियोजना - यह परियोजना कृष्णा नदी पर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सीमा पर स्थित है, जिसका मुख्य उद्देश्य सिंचाई और विद्युत उत्पादन के साथ-साथ इस क्षेत्र के सूखे से प्रभावित इलाकों को पानी उपलब्ध कराना है।
4. उकाई परियोजना - यह परियोजना नर्मदा नदी पर गुजरात राज्य में स्थित है, जिससे निर्मित जलाशय को 'वल्लभ सागर' के नाम से जाना जाता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
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वायुमंडल की विभिन्न परतों, उनके तापमान और वैश्विक वायुदाब पेटियों (Pressure Belts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्षोभमंडल (Troposphere) वायुमंडल की सबसे निचली परत है, जिसमें ऊँचाई में वृद्धि के साथ तापमान में सामान्य ह्रास दर (Normal Lapse Rate) के अनुसार कमी आती है, जबकि इसके ठीक ऊपर स्थित समताप मंडल (Stratosphere) में ओजोन गैस द्वारा पराबैंगनी किरणों के अवशोषण के कारण ऊँचाई बढ़ने पर तापमान में वृद्धि होने लगती है।
2. मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की तीसरी परत है जो समताप सीमा (Stratopause) के ऊपर लगभग 50 से 80 किमी की ऊँचाई तक फैली हुई है, और इस परत में अंतरिक्ष से आने वाले उल्कापिंड (Meteorites) प्रवेश करने पर जल जाते हैं तथा इस परत की ऊपरी सीमा पर वायुमंडल का न्यूनतम तापमान दर्ज किया जाता है।
3. उपोष्ण कटिबंधीय उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) गतिजन्य रूप से उत्पन्न नहीं होती हैं, बल्कि ये पूरी तरह से तापीय (Thermal) कारणों से निर्मित होती हैं, क्योंकि यहाँ वर्षभर अत्यधिक कम तापमान के कारण हवा ठंडी होकर नीचे बैठती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low Pressure Belt) को 'डोलड्रम' (Doldrums) कहा जाता है, जो एक तापीय रूप से प्रेरित (Thermally Induced) पेटी है जहाँ अत्यधिक तापमान के कारण संवहन धाराएँ उठती हैं और शांत वायुमंडलीय दशाएँ पाई जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल के तापीय संस्तरण, समतापमंडल की ओजोन गतिकी और वैश्विक वायुदाब पेटियों (Global Pressure Belts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समतापमंडल (Stratosphere) के निचले भाग में तापमान स्थिर रहता है, किंतु ओजोन परत की उपस्थिति के कारण जैसे-जैसे हम ऊपर की ओर बढ़ते हैं, तापमान में तीव्र वृद्धि होने लगती है और इसका ऊपरी भाग 'स्ट्रेटोपॉज' (Stratopause) कहलाता है।
2. विषुवतीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low-Pressure Belt) का निर्माण मुख्य रूप से तापीय रूप से प्रेरित (Thermally Induced) होता है, जहाँ अत्यधिक सूर्यताप के कारण हवा गर्म होकर हल्की हो जाती है और ऊपर उठती है (संवहन धाराएँ), जिसके कारण यहाँ धरातल पर शांत क्षेत्र या 'डोलड्रम' (Doldrums) विकसित होता है।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) तापीय रूप से प्रेरित होती हैं क्योंकि कर्क और मकर रेखा के पास वर्षभर सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं, जिसके कारण हवा अत्यधिक गर्म होकर लगातार ऊपर उठती है और उच्च दाब का निर्माण करती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों से भूमध्य रेखा और उपध्रुवीय क्षेत्रों की ओर चलने वाली सतही हवाओं को फेरल के नियम और कोरियोलिस बल के प्रभाव के कारण 'व्यापारिक पवनें' (Trade Winds) और 'पछुआ पवनें' (Westerlies) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'फ्लोरिडा जलधारा' (Florida Current) मेक्सिको की खाड़ी से बाहर निकलने वाली एक गर्म जलधारा है, जो क्यूबा और फ्लोरिडा प्रायद्वीप के बीच बहती है और आगे चलकर गल्फ स्ट्रीम का एक प्रमुख घटक बनती है।
2. 'पेरू जलधारा' (Peru Current) प्रशांत महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है और यहाँ 'अपवेलिंग' (Upwelling) प्रक्रिया के कारण प्लवक (Plankton) की प्रचुरता होती है, जिससे यह विश्व के प्रमुख मत्स्य क्षेत्रों में से एक बन जाता है।
3. 'इर्मिंगर जलधारा' (Irminger Current) उत्तरी अटलांटिक महासागर की एक ठंडी जलधारा है, जो ग्रीनलैंड के पूर्वी तट के साथ दक्षिण की ओर बहती है और आर्कटिक महासागर के तापमान को अत्यधिक कम कर देती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'ब्राजील जलधारा' (Brazil Current) दक्षिण अटलांटिक महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के साथ उत्तर से दक्षिण दिशा में प्रवाहित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ पूर्ववर्ती (Antecedent) अपवाह का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जिसका अर्थ है कि ये नदियाँ हिमालय के उत्थान से पहले से बह रही थीं और इन्होंने अपने मार्ग में गहरे महाखड्डों (Gorges) का निर्माण करते हुए अपनी घाटियों को गहरा किया है।
2. प्रायद्वीपीय नदियाँ अपने विकास के परिपक्व चरण में हैं, जिनकी घाटियाँ चौड़ी और उथली होती हैं, तथा ये नदियाँ अपने मार्गों में तीव्र अपरदन के कारण विसर्पण (Meandering) जैसी विशेषताओं को कभी भी प्रदर्शित नहीं करती हैं।
3. कोसी नदी, जो अपनी मार्ग बदलने की प्रवृत्ति के लिए कुख्यात है, हिमालयी नदी तंत्र का हिस्सा है और यह नेपाल से निकलकर गंगा में मिलने से पहले अत्यधिक मात्रा में अवसाद (Silt) का निक्षेपण करती है।
4. प्रायद्वीपीय भारत की अधिकांश प्रमुख नदियाँ (जैसे गोदावरी, कृष्णा और कावेरी) पश्चिम घाट से निकलकर पूर्व की ओर बहती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं और मुहानों पर सुंदर डेल्टा का निर्माण करती हैं, जबकि नर्मदा और तापी नदियाँ भ्रंश घाटियों से होते हुए अरब सागर में ज्वारनदमुख (Estuaries) बनाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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