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Geography
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भारत के वन आवरण, राष्ट्रीय उद्यानों और जैव मंडल आरक्षित क्षेत्रों (Biosphere Reserves) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) के अनुसार, देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का सबसे अधिक वनावरण प्रतिशत 'मिजोरम' राज्य में है, जबकि क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वन आवरण वाला राज्य मध्य प्रदेश है।
- 2. 'हेमिस राष्ट्रीय उद्यान' (Hemis National Park) भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है जो लद्दाख में शीत मरुस्थल के अंतर्गत स्थित है, और यह उद्यान विशेष रूप से 'हिम तेंदुए' (Snow Leopard) के संरक्षण के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
- 3. भारत का पहला आरक्षित वन क्षेत्र 'सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान' घोषित किया गया था, जिसे ब्रिटिश काल में 1862 में स्थापित किया गया था और यहाँ सागौन (Teak) के वनों की अधिकता पाई जाती है।
- 4. यूनेस्को के 'मैन एंड बायोस्फीयर' (MAB) कार्यक्रम के तहत नेटवर्क में शामिल होने वाला भारत का पहला बायोस्फीयर रिजर्व 'नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व' है, जो तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक राज्यों के मिलन बिंदु पर स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि 'भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) के अनुसार देश में क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वन मध्य प्रदेश में हैं और प्रतिशत के आधार पर मिजोरम शीर्ष पर है। कथन 2 सही है क्योंकि हेमिस राष्ट्रीय उद्यान भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है और हिम तेंदुए का प्राकृतिक आवास है। कथन 3 गलत है क्योंकि देश का पहला आरक्षित वन क्षेत्र सतपुड़ा नहीं, बल्कि 1865 में भारतीय वन अधिनियम के तहत आरक्षित वनों की शुरुआत हुई थी और औपचारिक रूप से पहला आरक्षित वन क्षेत्र असम का काजीरंगा या अन्य शुरुआती क्षेत्र माने जाते हैं; जबकि सतपुड़ा को पहला आरक्षित वन नहीं बल्कि सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान के रूप में बाद में स्थापित किया गया था। कथन 4 सही है क्योंकि नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व भारत का पहला बायोस्फीयर रिजर्व है जिसे यूनेस्को की सूची में शामिल किया गया था। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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भारत के वन क्षेत्रों, बायोस्फीयर रिजर्व और वन्यजीव संरक्षण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भारत में उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन' मुख्य रूप से पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढलानों, पूर्वोत्तर भारत की पहाड़ियों और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में पाए जाते हैं, जहाँ वार्षिक वर्षा 200 सेमी से अधिक होती है।
2. 'नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व' यूनेस्को के विश्व नेटवर्क बायोस्फीयर रिजर्व की सूची में शामिल है, जो उत्तराखंड में महान हिमालय क्षेत्र में स्थित है और यहाँ 'हिन्दू कुश-हिमालयी' पारिस्थितिकी तंत्र का अनूठा प्रतिनिधित्व मिलता है।
3. 'सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान' विश्व का सबसे बड़ा एकल मैंग्रोव वन क्षेत्र है, जो गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा क्षेत्र में फैला हुआ है और यहाँ रॉयल बंगाल टाइगर के संरक्षण के लिए विशेष रूप से 'प्रोजेक्ट टाइगर' के तहत कार्य किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूपर्पटी (Crust), मेंटल और क्रोर के घनत्व एवं भूकंपीय तरंगों के संचरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पृथ्वी की आंतरिक परतों में गहराई बढ़ने के साथ घनत्व में निरंतर वृद्धि होती है, जिसके तहत ऊपरी भूपर्पटी से लेकर क्रोर तक घनत्व बढ़ता जाता है और पृथ्वी का औसत घनत्व लगभग 5.5 ग्राम/घन सेमी है, जबकि केंद्रीय क्रोर का घनत्व इससे भी अधिक होता है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'गुटेनबर्ग असंबद्धता' (Gutenberg Discontinuity) निम्न मेंटल और बाह्य क्रोर के बीच की सीमा को अलग करती है, जहाँ प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक तीव्र वृद्धि होती है और द्वितीयक तरंगें (S-waves) इस सीमा को पार कर आसानी से ठोस बाह्य क्रोर में प्रवेश कर जाती हैं।
3. मोहरोविक असंबद्धता (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट और मेंटल के बीच की संक्रमण रेखा है, जहाँ से भूकंपीय तरंगों (P और S दोनों) के वेग में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है, जो कि दोनों परतों के घनत्व और प्रत्यास्थता में अंतर को दर्शाती है।
4. लेहमैन असंबद्धता (Lehmann Discontinuity) बाह्य तरल क्रोर और आंतरिक ठोस क्रोर के मध्य स्थित है, जिसकी खोज इस तथ्य के आधार पर की गई थी कि आंतरिक क्रोर में प्रवेश करते ही P-तरंगों के वेग में पुन: वृद्धि होने लगती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी के प्रमुख पर्वतीय तंत्रों, पठारों और मरुस्थलों की उत्पत्ति, संरचना तथा उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अनाटोलिया का पठार' (Anatolian Plateau) टर्की में पोंटिक और टॉरस पर्वत श्रेणियों के मध्य स्थित एक अंतर-पर्वतीय (Intermontane) पठार है, जो एक शुष्क और अर्ध-शुष्क बेसिन है जहाँ कई अंतर्देशीय खारे पानी की झीलें (जैसे ट्यूज झील) पाई जाती हैं।
2. 'कोलोरैडो पठार' (Colorado Plateau) संयुक्त राज्य अमेरिका के पश्चिमी भाग में स्थित एक अंतःपर्वतीय लावा पठार है, जिसके बीच से बहने वाली कोलोरैडो नदी ने प्राचीन चट्टानों को काटकर विश्वप्रसिद्ध 'ग्रैंड कैन्यन' (Grand Canyon) का निर्माण किया है।
3. 'पेटागोनिया मरुस्थल' (Patagonia Desert) दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी भाग में एंडीज पर्वत के वृष्टिछाया (Rain shadow) क्षेत्र में स्थित एक ठंडा शीतोष्ण मरुस्थल है, जिसके निर्माण में मुख्य रूप से एंडीज पर्वत शृंखला द्वारा अवरुद्ध होने वाली पश्चिमी पवनों और तटवर्ती ठंडी 'फॉल्कलैंड जलधारा' का प्रमुख योगदान है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'तकला मकान मरुस्थल' (Taklamakan Desert) मध्य एशिया के त्सिंजियांग (चीन) प्रांत में टियान शान और कुनलन पर्वतों के बीच स्थित एक गर्म उपोष्णकटिबंधीय बालूकायुक्त मरुस्थल है, जो पूरी तरह से महाद्वीपीयता (Continentality) के प्रभाव के कारण उत्पन्न हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों, विनिर्माण गलियारों और परिवहन अवसंरचना (रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं जलमार्ग) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'चेन्नई-बेंगलुरु औद्योगिक गलियारा' (CBIC) दक्षिण भारत का एक प्रमुख विनिर्माण और औद्योगिक क्लस्टर है, जो देश के पूर्वी और पश्चिमी तटों को जोड़ते हुए विशाखापत्तनम-चेन्नई औद्योगिक गलियारे (VCIC) के साथ भी समन्वय स्थापित करता है।
2. 'पूर्वी समर्पित माल गलियारा' (Eastern DFC) पूरी तरह से विद्युतीकृत और डबल-लाइन कॉरिडोर है, जो पंजाब के लुधियाना से शुरू होकर दादरी होते हुए पश्चिम बंगाल के दनकुनी (हल्दिया के पास) तक लगभग 1,837 किलोमीटर की लंबाई में फैला हुआ है।
3. भारत के अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास के क्रम में, राष्ट्रीय जलमार्ग-3 (NW-3) केरल राज्य में कोट्टपुरम से कोल्लम तक 'वेस्ट कोस्ट कैनाल' के साथ-साथ उद्योगमंडल और चंपाकारा नहरों पर स्थित देश का पहला पूर्णतः नौवहन योग्य नेविगेशनल जलमार्ग है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतमाला परियोजना के पहले चरण के तहत केवल स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral) मार्गों का चौड़ीकरण और छह-लेन में आधुनिकीकरण किया जा रहा है, और इसमें किसी भी नए आर्थिक गलियारे या तटीय सड़क नेटवर्क के विकास को शामिल नहीं किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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हमारे सौर मंडल, ग्रहों की विशेषताओं और खगोलीय गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शुक्र (Venus) और अरुण (Uranus) हमारे सौर मंडल के ऐसे दो ग्रह हैं जो अन्य ग्रहों के विपरीत पूर्व से पश्चिम (Clockwise / दक्षिणावर्त) दिशा में अपनी धुरी पर घूर्णन करते हैं, जिसके कारण इन ग्रहों पर सूर्य पश्चिम में उगता और पूर्व में अस्त होता है।
2. शनि का प्राकृतिक उपग्रह 'टाइटन' (Titan) सौर मंडल का दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह है, और यह अपनी सघन नाइट्रोजन युक्त वायुमंडल तथा सतह पर तरल मीथेन और इथेन के झीलों व नदियों की उपस्थिति के कारण विशिष्ट खगोलीय महत्व रखता है।
3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार बृहस्पति ग्रह के पास सौर मंडल में सबसे अधिक संख्या में सत्यापित प्राकृतिक उपग्रह हैं, तथा इसका मुख्य उपग्रह 'आयो' (Io) सौर मंडल में सबसे अधिक ज्वालामुखीय रूप से सक्रिय पिंड है।
4. आंतरिक पार्थिव ग्रहों (Terrestrial Planets) का घनत्व बाह्य जोवियन ग्रहों (Jovian Planets) की तुलना में बहुत अधिक होता है, क्योंकि पार्थिव ग्रह मुख्य रूप से भारी चट्टानों और धातुओं से बने हैं जबकि जोवियन ग्रह मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम जैसी हल्की गैसों से निर्मित हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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