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Geography
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ज्वालामुखी उद्गार और भूकंपीय तरंगों की गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हॉटस्पॉट (Hotspot) ज्वालामुखी मुख्य रूप से विवर्तनिक प्लेटों के अभिसारी अथवा अपसारी सीमाओं पर उत्पन्न होते हैं, जहाँ लिथोस्फेयर के नीचे से मेंटल प्लूम ऊपर उठता है।
- 2. S-तरंगें (Secondary Waves) अनुप्रस्थ तरंगें होती हैं जो ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, किंतु तरल माध्यम से गुजरते समय इनकी गति मंद पड़ जाती है।
- 3. 'सुपरवोलcano' (Supervolcano) के उद्गार से निकलने वाली राख और सल्फर डाइऑक्साइड गैसें समतापमंडल में पहुँचकर सौर विकिरण को परावर्तित करती हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर तापमान में अस्थायी कमी आ सकती है जिसे 'ज्वालामुखी शीतकाल' (Volcanic winter) कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि हॉटस्पॉट (Hotspot) ज्वालामुखी आमतौर पर प्लेट सीमाओं पर नहीं, बल्कि विवर्तनिक प्लेटों के मध्य (Intraplate regions) में मेंटल प्लूम के कारण उत्पन्न होते हैं, जैसे हवाई द्वीप समूह। कथन 2 गलत है क्योंकि S-तरंगें (अनुप्रस्थ तरंगें) केवल ठोस माध्यम से ही गुजर सकती हैं, तरल या गैसीय माध्यम में इनका संचरण पूरी तरह से रुक जाता है (यह भूकंपीय छाया क्षेत्र का मुख्य कारण है)। कथन 3 बिल्कुल सही है, अत्यधिक शक्तिशाली सुपरवोलcano के उद्गार से समतापमंडल में एरोसोल और राख का प्रसार होता है, जिससे सूर्य का प्रकाश अवरुद्ध होता है और 'ज्वालामुखी शीतकाल' की स्थिति बनती है। इस विषय पर अधिक जानने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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भारत में कुल कितने राज्यों की सीमा समुद्र तट से लगती है?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उनकी उत्पत्ति और विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. देश में कोयले के कुल भंडार का लगभग 90% से अधिक हिस्सा 'गोंडवाना क्रम' की चट्टानों में पाया जाता है, जो मुख्य रूप से दामोदर, महानदी, सोन और गोदावरी नदी घाटियों तक सीमित हैं और यहाँ उच्च श्रेणी का बिटुमिनस कोयला मिलता है।
2. असम का 'डिगबोई' क्षेत्र एशिया का सबसे पुराना तेल उत्पादक क्षेत्र है, जबकि गुजरात के अंकलेश्वर और खंभात बेसिन में पेट्रोलियम का उत्पादन टर्पियरी (Tertiary) काल की अवसादी चट्टानों से किया जाता है।
3. भारत में थोरियम के उत्पादन का मुख्य आधार केरल और अन्य तटीय राज्यों के बालू में पाया जाने वाला 'मोनाज़ाइट' है, और भारत सरकार के त्रि-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम (Three-Stage Nuclear Power Programme) का अंतिम लक्ष्य प्राकृतिक यूरेनियम के स्थान पर थोरियम-232 का उपयोग करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में 'हिमालयी नदियों' और 'प्रायद्वीपीय नदियों' की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हिमालयी नदियाँ अपने उद्गम स्थल से लेकर समुद्र में मिलने तक युवा, परिपक्व और जीर्ण - सभी अवस्थाओं से गुजरती हैं तथा अपने मार्ग में विशाल गार्ज, महाखड्ड (Canyons) और विसर्पण (Meandering) जैसी स्थलाकृतियों का निर्माण करती हैं।
2. प्रायद्वीपीय नदियाँ एक सुविकसित और प्राचीन आधार तल (Base level) को प्राप्त कर चुकी हैं, जिसके कारण इनकी घाटियाँ चौड़ी, उथली और प्रवणता-रहित होती हैं, तथा ये अपने मुहाने पर केवल ज्वारनदमुख (Estuaries) का निर्माण करती हैं, कभी भी डेल्टा नहीं बनातीं।
3. कोसी और दामोदर जैसी नदियाँ अपने मार्ग परिवर्तन और भयंकर बाढ़ के लिए कुख्यात हैं, जिनमें कोसी नदी को अपने मार्ग बदलने की प्रवृत्ति के कारण 'बिहार का शोक' कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ विस्तारित भाग होता है, जिसकी औसत गहराई लगभग 200 मीटर तक होती है, और यह क्षेत्र खनिज तेल, प्राकृतिक गैस तथा विश्व के प्रमुख मत्स्य क्षेत्रों (जैसे ग्रैंड बैंक और डॉगर बैंक) की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
2. लघु ज्वार (Neap Tide) के दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में (Syzygy स्थिति में) स्थित होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप चंद्रमा और सूर्य दोनों के सम्मिलित गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के कारण सामान्य से बहुत ऊँचे ज्वार उत्पन्न होते हैं।
3. 'मक्कासर जलडमरूमध्य' (Strait of Makassar) सुलावेसी और बोर्नियो (कालीमांतन) द्वीपों के बीच स्थित है जो सुलु सागर को जावा सागर से जोड़ता है, जबकि 'मलक्का जलडमरूमध्य' अंडमान सागर को दक्षिण चीन सागर से जोड़ता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ज्वार-भाटा की उत्पत्ति में मुख्य रूप से चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल (सूर्य की तुलना में इसका ज्वार-उत्पादक बल अधिक होता है क्योंकि यह पृथ्वी के बहुत पास है) और पृथ्वी का अपकेन्द्र बल (Centrifugal Force) उत्तरदायी होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की विवर्तनिक प्लेटों की गतिशीलता और उससे उत्पन्न होने वाली आंतरिक प्रक्रियाओं (भूकंप, ज्वालामुखी और सुनामी) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'सुनामी' (Tsunami) सामान्यतः अभिसारी (Convergent) प्लेट सीमाओं पर उत्पन्न होने वाले महासागरीय भूकंपों का परिणाम होती है, जहाँ समुद्री तल के अचानक ऊर्ध्वाधर विस्थापन से जल का विशाल स्तंभ विस्थापित होता है, और खुले महासागर में इसकी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) अत्यधिक लंबी तथा गति तीव्र होने के कारण ये तटों के समीप पहुँचकर उथले पानी में विनाशकारी ऊँचाδ धारण कर लेती हैं।
2. 'प्रशांत महासागरीय अग्निमेखला' (Ring of Fire) पृथ्वी का वह क्षेत्र है जहाँ मुख्य रूप से अपसारी (Divergent) प्लेट किनारों की प्रधानता है, और यहाँ विश्व के अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी तथा गहरे भूकंपीय केंद्र स्थित हैं।
3. 'हॉटस्पॉट' (Hotspot) ज्वालामुखी गतिविधियाँ प्लेट सीमाओं से दूर अंतरा-प्लेट (Intra-plate) क्षेत्रों में होती हैं, जहाँ मेंटल प्लूम (Mantle Plume) के माध्यम से मैग्मा सीधे भूपर्पटी को भेदकर सतह पर आता है, और इसका उत्कृष्ट उदाहरण हवाई द्वीप समूह (Hawaiian Islands) का निर्माण है।
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