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Geography
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सौर मंडल के खगोलीय पिंडों, उनकी गतिकी तथा अंतरिक्षीय परिघटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के मध्य स्थित है, जहाँ हज़ारों चट्टानी पिंड सूर्य की परिक्रमा करते हैं, और इस पेटी का सबसे बड़ा पिंड 'सेरेस' (Ceres) है जिसे बौना ग्रह भी माना जाता है।
  2. 2. 'उल्काएं' (Meteors) अंतरिक्ष से तीव्र गति से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने वाले छोटे ठोस कण होते हैं, जो घर्षण के कारण मध्यमंडल (Mesosphere) में जलकर चमक उत्पन्न करते हैं, जबकि जो उल्कापिंड पूरी तरह जल नहीं पाते और पृथ्वी की सतह से टकराते हैं, उन्हें 'उल्कापिंड' (Meteorites) कहा जाता है।
  3. 3. पुच्छल तारे या धूमकेतु (Comets) मुख्य रूप से जमी हुई गैसों, चट्टानों और धूल से बने खगोलीय पिंड हैं, और जब ये सूर्य के समीप पहुँचते हैं, तो सौर पवन (Solar Wind) के दबाव के कारण इनकी पूँछ हमेशा सूर्य की दिशा की ओर इंगित करती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित है और 'सेरेस' इसका सबसे बड़ा पिंड है। कथन 2 सही है क्योंकि अंतरिक्ष से आने वाले उल्का पिंड जब वायुमंडल के मध्यमंडल में प्रवेश करते हैं, तो घर्षण के कारण चमकते हैं और जो धरातल पर गिरते हैं उन्हें उल्कापिंड कहते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि धूमकेतुओं (Comets) की पूँछ हमेशा सूर्य की दिशा से **विपरीत दिशा** (दूर की ओर) इंगित करती है, जिसका मुख्य कारण सौर पवन और सौर विकिरण का दबाव होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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