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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक विवर्तनिक प्रक्रियाओं, भूकंपीय तरंगों और ज्वालामुखी उद्गार की गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. प्राथमिक तरंगें (P-तरंगें) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं जो ध्वनि तरंगों के समान ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-तरंगें) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होने के कारण केवल ठोस माध्यम में ही संचरण करती हैं।
- 2. 'शांत प्रकार' (Quiet type) के ज्वालामुखी उद्गार मुख्य रूप से उच्च सिलिका-युक्त और अत्यधिक चिपचिपे रायोलाइटिक मैग्मा के कारण होते हैं, जिससे विशाल लावा पठार और कुंब (Domes) का निर्माण होता है।
- 3. विवर्तनिक भूकंप (Tectonic Earthquakes) मुख्य रूप से भ्रंश तलों (Fault planes) पर ऊर्जा के अचानक विमोचन के कारण उत्पन्न होते हैं, और भूकंप का केंद्र (Focus/Hypocenter) धरातल पर स्थित वह बिंदु होता है जहाँ सबसे पहले भूकंपीय तरंगें अनुभव की जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि प्राथमिक (P) तरंगें अनुदैर्ध्य होती हैं और सभी माध्यमों (ठोस, तरल, गैस) से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक (S) तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं और केवल ठोस माध्यम में ही गति करती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि शांत प्रकार के उद्गार कम सिलिका वाले बेसिक या बेसाल्टिक मैग्मा से होते हैं जो अधिक तरल और कम चिपचिपे होते हैं (जैसे दक्कन ट्रैप), जबकि उच्च सिलिका-युक्त मैग्मा अत्यधिक विस्फोटक उद्गार करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि भूकंप का 'केंद्र' (Focus) पृथ्वी के भीतर वह बिंदु होता है जहाँ ऊर्जा निकलती है, जबकि धरातल पर उसके ठीक ऊपर स्थित बिंदु को 'अधिकेंद्र' (Epicenter) कहा जाता है। भूकंप और ज्वालामुखी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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भारत का कौन सा राज्य 'मसालों का बगीचा' (Spice Garden of India) कहलाता है?
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पृथ्वी के प्रमुख भू-आकारों, पर्वतों, पठारों और मैदानों की उत्पत्ति एवं विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'तिब्बत का पठार' एक अंतःपर्वतीय पठार (Intermontane Plateau) का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसका निर्माण भारतीय और यूरेशियन विवर्तनिक प्लेटों के अभिसरण के परिणामस्वरूप हुआ है और यह विश्व का सबसे ऊँचा पठार है।
2. रॉकीज़ और एंडीज पर्वत श्रेणियाँ तरुण वलित पर्वत (Young Fold Mountains) हैं, जिनका निर्माण विवर्तनिक संपीड़न बलों (Compression Forces) के कारण महाद्वीपीय-महासागरीय या महाद्वीपीय-महाद्वीपीय प्लेटों के टकराने से हुआ है।
3. 'कोलंबिया का पठार' (Columbia Plateau) एक लावा पठार (Lava Plateau) का उदाहरण है, जिसका निर्माण अत्यधिक क्षारीय बेसाल्टिक लावा के शांत या दरारी उद्गार (Fissure Eruption) द्वारा क्रमिक निक्षेपण से हुआ है।
4. मरुस्थलीय क्षेत्रों में अपरदन के फलस्वरूप बनने वाली 'इंसबर्ग' (Inselberg) एक ऐसी भू-आकृति है जो हवा के घर्षण और अपवाहन (Deflation) क्रिया के कारण कठोर चट्टानों के अवशेष के रूप में खड़ी रह जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विश्व के देशों, उनकी राजधानियों और भौगोलिक सीमा रेखाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'डिएगो गारसिया' (Diego Garcia) द्वीप हिंद महासागर के चागोस द्वीपसमूह का हिस्सा है, जिस पर संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम का रणनीतिक सैन्य अड्डा स्थित है।
2. 'मैकमोहन रेखा' (McMahon Line) भारत और चीन के बीच पूर्वी सेक्टर में सीमा का निर्धारण करती है, जिसे वर्ष 1914 के शिमला समझौते के दौरान ब्रिटिश भारत, तिब्बत और चीन के प्रतिनिधियों द्वारा मान्यता दी गई थी।
3. दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में स्थित 'फ्रेंच गयाना' (French Guiana) एक विदेशी विभाग (Overseas Department) के रूप में फ्रांस का हिस्सा है, जिसकी सीमा ब्राजील और सूरीनाम के साथ लगती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारतीय मानसून की क्रियाप्रणाली, वायुमंडलीय परिसंचरण और जेट स्ट्रीम के प्रभाव के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जेट स्ट्रीम' (Jet Stream) क्षोभमंडल की ऊपरी परतों में अत्यधिक तीव्र गति से बहने वाली संकीर्ण हवाओं की पेटियाँ हैं, और ग्रीष्मकाल के दौरान 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet) प्रायद्वीपीय भारत के ऊपर से गुजरती है जो दक्षिण-पश्चिम मानसून को सक्रिय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
2. 'भारतीय हिंद महासागर द्विध्रुव' (Indian Ocean Dipole - IOD) पश्चिमी और पूर्वी हिंद महासागर के बीच समुद्र की सतह के तापमान का एक अंतर है, जिसमें 'सकारात्मक IOD' की स्थिति भारतीय मानसून के लिए अनुकूल होती है और यह सूखे के प्रभावों को कम कर सकती है।
3. 'मैडेन-जुलियन दोलन' (Madden-Julian Oscillation - MJO) उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पूर्व की ओर बढ़ने वाली बादलों और वर्षा की एक आवधिक प्रणाली है, जिसका भारतीय मानसून के सक्रिय और शुष्क दौर (Active and Break phases) पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार तिब्बत के पठार का अत्यधिक गर्म होना ग्रीष्मकाल में निम्न वायुदाब का केंद्र बनाता है, जो समुद्र से थल की ओर चलने वाली मानसूनी हवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कमजोर उत्तरदायी कारक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना, भूपर्पटी (Crust) के रासायनिक संघटन, असंतुलन क्षेत्रों (Discontinuities) और चट्टानों के रूपांतरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कॉनराड असंतुलन (Conrad Discontinuity) ऊपरी क्रस्ट और निचली क्रस्ट के बीच की सीमा रेखा है, जबकि गुटेनबर्ग असंतुलन (Gutenberg Discontinuity) मेंटल और आउटर कोर के बीच स्थित है जहाँ S-तरंगों का संचरण पूर्णतः रुक जाता है।
2. आग्नेय चट्टानों (Igneous Rocks) में पेरिडोटाइट और गैब्रो आंतरिक (Intrusive) आग्नेय चट्टानों के प्रमुख उदाहरण हैं, जिनका निर्माण मैग्मा के पृथ्वी की गहराई में धीरे-धीरे ठंडा होने से बड़े रवेदार (Crystalline) संरचना के रूप में होता है।
3. क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) के दौरान अत्यधिक विवर्तनिक दबाव और उच्च तापमान के प्रभाव से बलुआ पत्थर (Sandstone) का रूपांतरण क्वार्ट्जाइट में तथा शेल (Shale) का रूपांतरण सिस्ट या स्लेट में होता है।
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