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General Science
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विटामिन B12 का रासायनिक नाम क्या है?

Detailed Explanation

साइनोकोबालामिन।
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→ पादप जगत के वर्गीकरण और पादप कार्यिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रकाश संश्लेषण की 'प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया' (Light Reaction) हरित लवक के ग्रेना (थाइलाकोइड) में संपन्न होती है, जहाँ जल के प्रकाशीय अपघटन से ऑक्सीजन, प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन मुक्त होते हैं, जबकि केल्विन चक्र (C3 चक्र) स्ट्रोमा में होता है। 2. 'जिब्रेलिन' एक ऐसा पादप हॉर्मोन है जो आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में पर्वसंधि (Internode) की लंबाई को बढ़ाकर तने के दीर्घीकरण को प्रेरित करता है तथा बीजों की प्रसुप्ति (Dormancy) को तोड़कर अंकुरण में सहायता करता है। 3. जिम्नोस्पर्म (अनावृतबीजी) पौधों में बीज आवरण से ढके होते हैं और इनमें संवहन ऊतक (ज़ाइलम और फ्लोएम) अनुपस्थित होते हैं, जो इन्हें ब्रायोफाइट्स से अलग करते हैं। 4. 'एब्सिसिक अम्ल' (ABA) को 'तनाव हॉर्मोन' कहा जाता है, जो प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों जैसे जल की कमी के दौरान पर्णरंध्रों (Stomata) को बंद करने और बीज की प्रसुप्ति को बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रुधिर वर्गों के विशिष्ट जैविक संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ABO रक्त समूह प्रणाली की खोज कार्ल लैंडस्टीनर द्वारा की गई थी, जिसमें रुधिर वर्ग 'AB' को 'सार्वभौमिक ग्राही' (Universal Recipient) कहा जाता है क्योंकि इसके प्लाज्मा में एंटी-A और एंटी-B दोनों एंटीबॉडी अनुपस्थित होते हैं, जिससे यह किसी भी ABO वर्ग से रक्त प्राप्त कर सकता है। 2. 'बॉम्बे ब्लड ग्रुप' (Oh फेनोटाइप) से ग्रसित व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं पर H-एंटीजन नहीं पाया जाता है, क्योंकि उनमें FUT1 जीन उत्परिवर्तित होता है, और ऐसे व्यक्ति केवल बॉम्बे रक्त समूह वाले व्यक्ति से ही रक्त ले सकते हैं। 3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटलिस (गर्भक्ता रक्तकता) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब Rh-ऋणात्मक पिता और Rh-धनात्मक माता का विवाह होता है, जिसके परिणामस्वरूप प्रथम गर्भावस्था के दौरान ही भ्रूण की गंभीर रुधिरक्षय से मृत्यु हो जाती है। 4. रक्त स्कंदन (Blood coagulation) की कैस्केड प्रक्रिया में, प्रोथ्रोम्बिन को थ्रोम्बिन में बदलने के लिए 'थ्रोम्बोप्लास्टिन' और कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और यह प्रक्रिया अंततः फाइब्रिनोजन को अघुलनशील फाइब्रिन जाल में बदल देती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मानव शरीर में वृहद पोषक तत्वों और उनके जैव-रासायनिक उपापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्लाइकोजेनोलिसिस (Glycogenolysis) वह प्रक्रिया है जिसमें यकृत और कंकाल पेशियों में संचित ग्लाइकोजन का ग्लूकोज-1-फास्फेट में अपघटन होता है, जिसे 'ग्लाइकोजन फास्फोराइलेज' एंजाइम उत्प्रेरित करता है। 2. ग्लूकोनियोजेनेसिस (Gluconeogenesis) के दौरान, गैर-कार्बोहाइड्रेट स्रोतों जैसे कि लैक्टेट, ग्लिसरोल और ग्लूकोजेनिक अमीनो अम्ल से ग्लूकोज का संश्लेषण होता है, जो मुख्य रूप से अग्न्याशय की बीटा कोशिकाओं में संपन्न होता है। 3. वसा अम्लों के बीटा-ऑक्सीडेशन (Beta-oxidation) की प्रक्रिया माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में होती है, जिससे एसिटाइल-CoA के अणु बनते हैं जो सीधे क्रेब्स चक्र में प्रवेश करके एटीपी का उत्पादन करते हैं। 4. प्रोटीन कुपोषण के कारण होने वाले गंभीर विकार 'क्वाशियोकोर' (Kwashiorkor) में आहार में प्रोटीन और कुल कैलोरी दोनों की भीषण कमी होती है, जबकि 'मॅरास्मस' (Marasmus) में मुख्य रूप से केवल प्रोटीन की गंभीर कमी होती है और इसमें एडिमा (Edema) प्रमुख लक्षण के रूप में देखा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के जैव-रासायनिक तथा प्रतिरक्षावैज्ञानिक पहलुओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ABO रक्त समूह प्रणाली कार्ल लैंडस्टीनर द्वारा खोजी गई थी, जिसमें लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर पाए जाने वाले विशिष्ट एंटीजन (एग्लूटिनोजन) के प्रकार के आधार पर वर्गीकरण किया जाता है, जबकि रक्त प्लाज्मा में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले एंटीबॉडी (एग्लूटिनिन) 'एन्टी-A' और 'एन्टी-B' होते हैं। 2. 'बॉम्बे ब्लड ग्रुप' ($O_h$ फेनोटाइप) से ग्रसित व्यक्तियों की लाल रक्त कोशिकाओं पर 'H' एंटीजन अनुपस्थित होता है, क्योंकि उनके पास FUT1 जीन का क्रियाशील रूप नहीं होता है, जिसके कारण वे किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (जैसे A, B, AB, O) के व्यक्ति से रक्त प्राप्त नहीं कर सकते और उन्हें केवल बॉम्बे फेनोटाइप वाले रक्त की ही आवश्यकता होती है। 3. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फेटलिस (Erythroblastosis fetalis), जिसे गर्भक्ता रक्तकता भी कहते हैं, तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक (Rh+) माता और एक Rh-ऋणात्मक (Rh-) पिता की संतान Rh-धनात्मक होती है, और यह प्रथम गर्भावस्था के दौरान ही प्लेसेंटा के माध्यम से भ्रूण को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। 4. रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया में 'थ्रोम्बोप्लास्टिन' (कारक III) क्षतिग्रस्त ऊतकों और रक्त प्लेटलेट्स द्वारा मुक्त किया जाता है, जो कैल्सियम आयनों ($Ca^{2+}$) की उपस्थिति में प्रोथ्रोम्बिन को सक्रिय थ्रोम्बिन में बदलने के लिए उत्प्रेरक का कार्य करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मानव शरीर की कोशिकाओं में माइटोकॉन्ड्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. माइटोकॉन्ड्रिया के पास अपना स्वयंभू डीएनए (DNA) और राइबोसोम होते हैं। 2. आंतरिक माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली (Inner mitochondrial membrane) पर 'क्रिस्टी' (Cristae) नामक संरचनाएं होती हैं जो एटीपी (ATP) संश्लेषण के लिए सतह क्षेत्र को बढ़ाती हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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