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Geography
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ज्वालामुखी प्रक्रियाओं और मैग्मा के भौतिक-रासायनिक गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. मैग्मा में सिलिका की मात्रा जितनी अधिक होती है, उसकी श्यानता (Viscosity) उतनी ही अधिक होती है, जिसके कारण एंडिसिटिक और रायोलाइटिक मैग्मा अत्यधिक चिपचिपे होते हैं और गैसों को फंसाए रखकर अत्यंत विस्फोटक उद्गार उत्पन्न करते हैं।
  2. 2. हॉटस्पॉट (Hotspot) ज्वालामुखी गतिविधियाँ प्लेट सीमाओं के मध्य अंतरा-प्लेट (Intraplate) क्षेत्रों में होती हैं, और हवाई द्वीप समूह इसका एक प्रमुख उदाहरण है जहाँ बेसाल्टिक मैग्मा की कम श्यानता के कारण शांत प्रकार के प्रस्फुटन होते हैं।
  3. 3. 'पिलो लावा' (Pillow lava) का निर्माण महासागरीय नितल पर जल के नीचे (Submarine) होने वाले विस्फोटी उद्गारों के समय होता है, जहाँ संपर्क में आने वाला लावा तेजी से ठंडा होकर केवल त्रिकोणीय क्रिस्टलीय चादरों का निर्माण करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

ज्वालामुखी उद्गार की प्रकृति मुख्य रूप से मैग्मा के तापमान, गैसों की मात्रा और उसमें उपस्थित सिलिका के प्रतिशत पर निर्भर करती है। सिलिका-युक्त मैग्मा (जैसे रायोलाइटिक और एंडिसिटिक) की श्यानता उच्च होती है, जिससे गैसें आसानी से बाहर नहीं निकल पातीं और भयंकर विस्फोट होता है। इसके विपरीत, बेसाल्टिक मैग्मा में सिलिका की मात्रा कम और फेरो-मैग्नीशियम तत्वों की अधिकता होती है, जिससे इसकी श्यानता कम होती है और यह दूर तक फैलकर शांत उद्गार (Quiet eruption) करता है जैसा कि हवाई द्वीप के हॉटस्पॉट ज्वालामुखियों में देखा जाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि जल के नीचे (Submarine) होने वाले उद्गारों में 'पिलो लावा' (तकिए के आकार की गोल संरचनाएँ) बनता है, न कि त्रिकोणीय क्रिस्टलीय चादरें।
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