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Geography
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भारत की बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और प्रमुख झीलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'सरदार सरोवर परियोजना' (Sardar Sarovar Project) नर्मदा नदी पर गुजरात के नवगाम में स्थित है, जिससे लाभान्वित होने वाले राज्यों में गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान शामिल हैं।
  2. 2. 'गोविंद वल्लभ पंत सागर' (Rihand Dam Reservoir), जो रिहंद नदी पर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्थित है, भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम (मानव-निर्मित) मीठे पानी की झील है।
  3. 3. 'शिवसमुद्रम जलप्रपात' कावेरी नदी पर कर्नाटक में स्थित है, जो भारत के शुरुआती जलविद्युत (Hydroelectric) उत्पादन केंद्रों में से एक है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। सरदार सरोवर परियोजना नर्मदा घाटी विकास परियोजना की सबसे बड़ी बहुउद्देशीय परियोजना है, जिसका उद्देश्य सिंचाई और विद्युत उत्पादन करना है। रिहंद बांध (गोविंद वल्लभ पंत सागर) भारत की सबसे बड़ी मानव निर्मित कृत्रिम झील है। शिवसमुद्रम जलप्रपात कावेरी नदी पर स्थित है और यहाँ वर्ष 1902 में एशिया के पहले जलविद्युत संयंत्रों में से एक की स्थापना की गई थी। इस विषय पर अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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→ भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं और झीलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'इडुक्की जलविद्युत परियोजना' (Idukki Hydroelectric Project) पेरियार नदी पर केरल राज्य में स्थित एक चाप बाँध (Arch Dam) है, जो पश्चिमी घाट की कार्डामोम पहाड़ियों के बीच बनाई गई एक कृत्रिम झील का उपयोग करती है। 2. 'गोविंद वल्लभ पंत सागर' (Govind Ballabh Pant Sagar), जो रिहंद नदी पर रिहंद बाँध के निर्माण से बनी भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील (मानव निर्मित जलाशय) है, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित है। 3. 'चैत्यगिरि' या 'तुंगभद्रा बहुउद्देशीय परियोजना' कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की एक संयुक्त परियोजना है, जिसमें तुंगभद्रा नदी पर हॉस्पिट के समीप बाँध बनाकर 'पम्पा सागर' जलाशय का निर्माण किया गया है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? → भारत की जलवायु और मानसून की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्रीष्मकाल के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानों में अत्यधिक ताप के कारण 'मानसूनी गर्त' (Monsoon Trough) या निम्न वायुदाब का विकास होता है, जो दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनों को भूमध्य रेखा पार करने के बाद फेरेल के नियम और कोरियोलिस बल के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम मानसूनी पवनों के रूप में आकर्षित करता है। 2. 'तिब्बत का पठार' ग्रीष्मकाल में एक विशाल तापीय उच्च (Thermal High) के रूप में कार्य करता है, जो क्षोभमंडल में ऊपरी स्तर पर पूरब से पश्चिम की ओर बहने वाली 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) को जन्म देकर भारतीय मानसून की सक्रियता और वर्षा वितरण को तीव्रता प्रदान करता है। 3. अल-नीनो (El Nino) परिघटना के दौरान प्रशांत महासागर में पेरू के तट पर ठंडी जलधारा के स्थान पर गर्म जलधारा के प्रकट होने से पूर्वी प्रशांत महासागर में वायुदाब कम और हिंद महासागर में उच्च वायुदाब विकसित हो जाता है, जिससे भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून कमजोर हो जाता है और देश में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शीतकाल में उत्तर-पश्चिम भारत में उत्पन्न होने वाले 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbances) भूमध्य सागर से उठने वाली शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों (Temperate Cyclones) की प्रणालियाँ हैं, जो जेट स्ट्रीम के सहारे भारत पहुँचकर पंजाब, हरियाणा और उत्तर पश्चिमी मैदानी भागों में रबी की फसल (विशेषकर गेहूँ) के लिए अत्यंत लाभदायक 'मावठ' नामक वर्षा कराते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → विश्व के महाद्वीप, प्रमुख देशों की राजधानियाँ और उनकी अंतर्राष्ट्रीय सीमा रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'डूरंड रेखा' (Durand Line) मूल रूप से ब्रिटिश भारत और अफगानिस्तान के मध्य निर्धारित की गई थी, जो वर्तमान में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक सीमा रेखा के रूप में है, और इसी रेखा के समीप 'वाखान कॉरिडोर' (Wakhan Corridor) अवस्थित है। 2. 'मैकमोहन रेखा' (McMahon Line) पूर्वी हिमालय क्षेत्र में भारत और चीन के मध्य सीमा निर्धारित करती है, जिसे 1914 के शिमला समझौते के दौरान सर हेनरी मैकमोहन द्वारा 38वें समानांतर रेखा के एक भाग के रूप में खींचा गया था। 3. '38वीं समानांतर रेखा' (38th Parallel) उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच की आधिकारिक सीमा रेखा है, जो कोरियाई प्रायद्वीप को दो राजनीतिक और वैचारिक रूप से भिन्न भागों में विभाजित करती है। 4. दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप में अवस्थित 'बोलीविया' और 'पराग्वे' दोनों देश स्थल-बद्ध (Landlocked) देश हैं, और इन दोनों देशों की राजधानियाँ क्रमशः ला पास (La Paz) और असुन्सीयन (Asunción) हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → सौर मंडल, ग्रहों की गति और खगोलीय पिंडों की विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. केपलर के ग्रहों की गति के द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) के अनुसार, किसी ग्रह को सूर्य से मिलाने वाली रेखा समान समय में समान क्षेत्रफल तय करती है, जिसका अर्थ है कि जब ग्रह सूर्य के निकट (उपसौर/Perihelion) होता है, तो उसकी कक्षीय चाल अधिकतम होती है। 2. आंतरिक ग्रह (पार्थिव ग्रह) मुख्य रूप से चट्टानों और धातुओं से बने होते हैं, जिनका घनत्व अधिक होता है और उनके उपग्रहों की संख्या बाह्य ग्रहों (जोवियन ग्रहों) की तुलना में बहुत कम या शून्य होती है, जैसा कि बुध और शुक्र के पास कोई प्राकृतिक उपग्रह नहीं है। 3. क्षुद्रग्रह पेटी (Asteroid Belt) मुख्य रूप से बृहस्पति और शनि ग्रहों की कक्षाओं के बीच स्थित होती है, जहाँ हज़ारों छोटे चट्टानी पिंड सूर्य की परिक्रमा करते हैं। 4. पुच्छल तारे (Comets) के सिर का चमकीला भाग और उसकी पूँช हमेशा सूर्य की दिशा की ओर इंगित करती है, क्योंकि सौर पवनें (Solar Winds) और विकिरण दाब गैसों को सूर्य की तरफ खींचते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों के उद्गम, जल-विभाजन और उनकी विवर्तनिक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हिमालयी नदियाँ मुख्य रूप से अनुवर्ती (Consequent) और पूर्ववर्ती (Antecedent) दोनों प्रकार की होती हैं, जहाँ सतलुज, सिंधु और ब्रह्मपुत्र नदियाँ हिमालय के उत्थान से पूर्व भी बहती थीं और इन्होंने गार्ज (Gorges) का निर्माण करते हुए अपने मार्ग को अपरदित रखा। 2. प्रायद्वीपीय भारत का मुख्य जल-विभाजन (Water Divide) पश्चिमी घाट द्वारा निर्मित होता है, जो प्रायद्वीपीय नदियों को पश्चिम में अरब सागर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी में विभाजित करता है, जिसमें नर्मदा और तापी को छोड़कर अधिकांश नदियाँ पूर्व की ओर बहती हैं। 3. 'कोसी' और 'गंडक' जैसी हिमालयी नदियाँ अपने मध्य और निचले भाग में अत्यधिक मात्रा में अवसाद (Silt) लाती हैं और अपने मार्ग परिवर्तन (Course Shifting) के लिए कुख्यात हैं, जिसका प्रमुख कारण मैदानी क्षेत्रों में पहुँचकर नदी की प्रवणता (Gradient) का अचानक कम हो जाना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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