त्वरित लिंक्स
General Science
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आँख के किस भाग में वस्तु का प्रतिबिंब बनता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
रेटिना पर प्रतिबिंब बनता है।
Related Questions
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मानव रोगों और उनके संचरण या उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. ट्राइकोफाइटन (Trichophyton): यह एक कवक (Fungus) है जो मानव में 'दाद' (Ringworm) रोग का कारण बनता है, और इसके उपचार के लिए आमतौर पर एंटीफंगल दवाओं का उपयोग किया जाता है।
2. वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी (Wuchereria bancrofti): यह एक गोलकृमि (Nematode parasite) है जो फाइलेरिया या श्लीपद (Elephantiasis) का कारण बनता है, जिसका संचरण मुख्य रूप से मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से होता है।
3. प्लाज्मोडियम फाल्ciparum (Plasmodium falciparum): यह मलेरिया का सबसे गंभीर रूप पैदा करने वाला प्रोटोजोआ है, जिसके जीवन चक्र में मानव प्राथमिक परपोषी (Primary host) और मादा क्यूलैक्स मच्छर माध्यमिक परपोषी होता है।
4. लेइशमानिया डोनोवानी (Leishmania donovani): यह काला-जार (Kala-azar) का कारक जीव है, जो शरीर में मैक्रोफेज कोशिकाओं को संक्रमित करता है और इसका संचरण सिकफ्लाई (Sandfly / बालू मक्खी) द्वारा होता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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कार्बनिक रसायन के अंतर्गत हाइड्रोकार्बन और पेट्रोलियम ईंधनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Paraffins) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जो सामान्यतः कम अभिक्रियाशील होते हैं, लेकिन सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में ये हैलोजनों के साथ मुक्त मूलक प्रतिस्थापन (Free-radical substitution) अभिक्रिया प्रदर्शित करते हैं।
2. पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) के दौरान, विभिन्न अंशों का पृथक्करण उनके क्वथनांक (Boiling points) के अंतर पर आधारित होता है, जिसमें कम क्वथनांक वाले हल्के अंश स्तंभ के ऊपरी भाग में संघननित होते हैं, जबकि उच्च क्वथनांक वाले भारी अंश नीचे प्राप्त होते हैं।
3. ऑक्टेन संख्या (Octane Number) का मान पेट्रोल (गैसोलीन) ईंधन की 'अपस्फोटन रोधी' (Anti-knocking) गुणवत्ता को दर्शाता है, जिसमें उच्च ऑक्टेन संख्या वाला ईंधन कम अपस्फोटन उत्पन्न करता है और 'नॉर्मल हेप्टेन' को शून्य तथा 'आइसो-ऑक्टेन' को 100 ऑक्टेन संख्या का संदर्भ मानक माना जाता है।
4. असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्कीन और ऐल्काइन) 'मार्कोवनिकोव नियम' (Markovnikov's rule) के अनुसार सममित अभिकर्मकों के साथ संकलन (Addition) अभिक्रिया दर्शाते हैं, जिसमें अभिकर्मक का ऋणात्मक भाग उस कार्बन परमाणु पर जुड़تا है जिसके पास हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिकतम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के परिसंचरण और पाचन तंत्र के क्रियात्मक समन्वय के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यकृत पोर्टल शिरा तंत्र (Hepatic Portal System) आंत से निकलने वाले रक्त को सीधे हृदय में भेजने से पहले यकृत में ले जाता है, जहाँ पोषक तत्वों का नियमन होता है और विषाक्त पदार्थों का निराविषीकरण (Detoxification) किया जाता है।
2. आमाशय की म्यूकोसा में पाई जाने वाली 'मुख्य कोशिकाएँ' (Chief cells या Peptic cells) पेप्सिनोजेन का स्रावण करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में बदल जाता है और यह प्रोटीन को सीधे अमीनो अम्ल में पूर्ण रूप से जल-अपघटित कर देता है।
3. हृदय चक्र (Cardiac Cycle) के दौरान, निलय सिस्टोल (Ventricular Systole) की शुरुआत में द्विवलनी (Mitral) और त्रिवलनी (Tricuspid) कपाटों के बंद होने से 'डब' (Dubb) ध्वनि उत्पन्न होती है, जो रक्त को महाधमनी और फुफ्फुस धमनी में धकेलती है।
4. मानव शरीर में लिंफ (लसिका) वसा के पाचन और अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि आंत की भित्ति में वसा अम्लों और ग्लिसरोल का अवशोषण मुख्य रूप से 'लेक्टियल्स' (Lacteals) नामक लसिका वाहिकाओं के माध्यम से होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कृत्रिम उपग्रहों की गति और गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे उपग्रह की कुल यांत्रिक ऊर्जा (गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग) ऋणात्मक होती है, जो यह दर्शाती है कि उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में बंधा हुआ है।
2. यदि किसी भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) को उसकी वर्तमान कक्षा से थोड़ा सा ऊंचे स्थान पर स्थापित कर दिया जाए, तो उसका आवर्तकाल बढ़ जाएगा और वह पृथ्वी के सापेक्ष पश्चिम की ओर विस्थापित होने लगेगा।
3. जब कोई उपग्रह अपनी कक्षा में पृथ्वी के वायुमंडल के अवशेषों के कारण होने वाले घर्षण (Drag) के प्रभाव में आता है, तो उसकी कुल ऊर्जा में कमी आती है, किंतु घर्षण बल द्वारा कार्य किए जाने के कारण उसकी कक्षीय चाल (Orbital Speed) में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि हो जाती है।
4. उपग्रह के भीतर स्थित अंतरिक्ष यात्री भारहीनता का अनुभव इसलिए करता है क्योंकि उपग्रह और उसके अंदर की सभी वस्तुएँ पृथ्वी के केंद्र की ओर समान त्वरण से मुक्त पतन की स्थिति में होती हैं, और इस अवस्था में आभासी भार शून्य हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भर्जन' (Roasting) की प्रक्रिया में अयस्क को वायु की अत्यधिक मात्रा में उसके गलनांक से कम तापमान पर तीव्रता से गर्म किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य सल्फाइड अयस्कों को उनके संगत ऑक्साइडों में परिवर्तित करना और वाष्पशील अशुद्धियों को दूर करना है।
2. ऐलुमिनियम के निष्कर्षण के लिए हॉल-हरोल्ट प्रक्रम (Hall-Heroult Process) का उपयोग किया जाता है, जिसमें एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूएस्पर ($CaF_2$) के मिश्रण में घोलकर उसका विद्युत अपघटन किया जाता है, जहाँ क्रायोलाइट विलायक के रूप में कार्य करते हुए मिश्रण के गलनांक को कम करता है और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ाता है।
3. 'सफेद सीसा' (White Lead) लेड कार्बोनेट और लेड हाइड्रॉक्साइड का एक मिश्रण होता है, जिसका उपयोग पारंपरिक रूप से पेंट पिगमेंट के रूप में किया जाता है, किंतु हाइड्रोजन सल्फाइड गैस के संपर्क में आने पर यह काला पड़ जाता है।
4. जब तांबे (Copper) के निष्कर्षण के दौरान 'मैट' (Matte) को बेसीमर परिवर्तक (Bessemer converter) में गर्म किया जाता है, तो प्राप्त होने वाला फफोलेदार तांबा (Blister Copper) लगभग 99% शुद्ध होता है और इसमें सल्फर डाइऑक्साइड गैस के बुलबुले फंस जाने के कारण फफोले जैसी संरचना बन जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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