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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक विवर्तनिक गतिकी और प्लेट सीमाओं पर होने वाली प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'पैलिंड्रोमिक फॉल्ट्स' (Palindromic faults) उन उत्क्रम भ्रंशों (Reverse faults) को कहा जाता है जिनमें संपीड़न बलों के समाप्त होने के पश्चात तनाव मूलक बल (Tensional forces) के कारण चट्टानों के खंड अपनी मूल स्थिति की ओर विपरीत दिशा में वापस पुनरावृत्त (Reverse slide) हो जाते हैं।
  2. 2. 'सबडक्शन जोन' (Subduction Zone) में भारी और ठंडी महासागरीय प्लेट के नीचे बैठने से उत्पन्न होने वाले भूकंपों को 'बेनिऑफ़ ज़ोन' (Wadati-Benioff Zone) के रूप में जाना जाता है, जहाँ भूकंपीय फोकस की गहराई उथले से लेकर अत्यधिक गहरी (लगभग 700 किमी तक) हो सकती है।
  3. 3. 'सुनामी तरंगें' खुले महासागर में बेहद कम ऊँचाई और लंबी तरंगदैर्ध्य (Wavelength) वाली होती हैं, जिसके कारण गहरे समुद्र में जहाजों को इनका आभास आसानी से हो जाता है और वहाँ इनकी गति अत्यंत धीमी होती है, जबकि तटों के समीप उथले जल में पहुँचने पर घर्षण के कारण इनकी गति तीव्र और ऊँचाई विनाशकारी हो जाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि भूविज्ञान में 'पैलिंड्रोमिक फॉल्ट्स' जैसी कोई मानक या स्वीकृत विवर्तनिक अवधारणा नहीं है। भ्रंशों का पुनरावर्तन या विपरीत दिशा में खिसकना सामान्यतः विवर्तनिक बलों के चक्रीय व्यवहार से इस प्रकार परिभाषित नहीं किया जाता। कथन 2 सत्य है; 'वाडाति-बेनिऑफ़ ज़ोन' (Wadati-Benioff Zone) अभिसारी प्लेट सीमाओं पर सबडक्शन जोन के भीतर भूकंपीय हाइपोसेंटर (फोकस) का एक झुका हुआ क्षेत्र होता है, जहाँ सबडक्टिंग प्लेट के धंसने के कारण उथले, मध्यम और गहरे (700 किमी तक) भूकंपीय केंद्र दर्ज किए जाते हैं। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं। कथन 3 असत्य है क्योंकि खुले महासागर में सुनामी तरंगों की गति अत्यंत तीव्र (लगभग 700-900 किमी/घंटा) होती है और उनकी तरंगदैर्ध्य बहुत लंबी होती है, जिसके कारण गहरे समुद्र में नौकाओं या जहाजों को इनका आभास तक नहीं होता; ये उथले तटीय क्षेत्रों में पहुँचने पर मंदी (Shoaling) के कारण धीमी होती हैं परंतु इनकी ऊँचाई अत्यधिक बढ़ जाती है।
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