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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और चट्टानों के चक्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) से कोर की ओर जाने पर तापमान और घनत्व में निरंतर वृद्धि होती है, और सियाल (SIAL) परत मुख्य रूप से सिलिकॉन और एल्यूमीनियम से बनी होती है जिसका औसत घनत्व सीमा (SIMA) की तुलना में कम होता है।
- 2. रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) केवल आग्नेय चट्टानों के अत्यधिक ताप, दाब और रासायनिक सक्रिय द्रवों के प्रभाव से अपने रूप और संरचना में परिवर्तन के पश्चात बनती हैं, जबकि अवसादी चट्टानों का रूपांतरण संभव नहीं है।
- 3. पेग्माटाइट (Pegmatite), गैब्रो (Gabbro) और डायोराइट (Diorite) अंतर्भेदी (Intrusive) आग्नेय चट्टानों के प्रमुख उदाहरण हैं, जिनका निर्माण मैग्मा के पृथ्वी की सतह के नीचे ही धीरे-धीरे ठंडा होने के कारण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) में मुख्य रूप से सिलिकॉन और एल्यूमीनियम (SIAL) की प्रधानता होती है, जबकि नीचे की परत सीमा (SIMA) में सिलिकॉन और मैग्नीशियम होते हैं, और सीमा का घनत्व सियाल से अधिक होता है। कथन 2 गलत है क्योंकि रूपांतरित चट्टानें न केवल आग्नेय बल्कि अवसादी (Sedimentary) चट्टानों के अत्यधिक ताप और दाब के प्रभाव से भी बनती हैं (जैसे चूना पत्थर का संगमरमर में बदलना)। कथन 3 सही है क्योंकि पेग्माटाइट, गैब्रो और डायोराइट अंतर्भेदी आग्नेय चट्टानें हैं जो क्रस्ट के भीतर मैग्मा के शीतलन से बनती हैं। विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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भारत की मृदा (मिट्टी) के वर्गीकरण, उनकी रासायनिक विशेषताओं और भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'काली मृदा' (Regur Soil) का निर्माण बेसाल्ट चट्टानों के अपक्षय से हुआ है, जिसमें लोहे, चूने, मैग्नीशियम और एल्यूमिना की अधिकता पाई जाती है, जबकि नाइट्रोजन, फास्फोरस और ह्यूमस की कमी होती है।
2. 'लैटेराइट मृदा' (Laterite Soil) उच्च तापमान और भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में निक्षालन (Leaching) प्रक्रिया के परिणामस्वरुप विकसित होती है, जिसमें सिलिका का निक्षालन हो जाने के कारण लोहे और एल्यूमीनियम के ऑक्साइड शेष बच जाते हैं, जिससे यह मृदा अत्यधिक उपजाऊ और चाय-कॉफी की खेती के लिए आदर्श बन जाती है।
3. 'लाल और पीली मृदा' (Red and Yellow Soils) का लाल रंग क्रिस्टलीय और कायांतरित चट्टानों में लोहे के व्यापक प्रसार (Diffusion) के कारण होता है, जबकि जलीयोजित (Hydrated) रूप में आने पर यह मृदा पीले रंग की दिखाई देती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने भारत की मिट्टियों को उनकी विशेषताओं के आधार पर कुल 8 प्रमुख समूहों में वर्गीकृत किया है, जिसमें क्षेत्रफल की दृष्टि से 'जलोढ़ मृदा' (Alluvial Soil) का हिस्सा सबसे अधिक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल के संगठन, विभिन्न तापमान परतों और वैश्विक वायुदाब पेटियों (Global Pressure Belts) की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडल की निचली परतों में गैसों का मिश्रण लगभग समान रहता है, जिसे 'सममंडल' (Homosphere) कहा जाता है, जिसमें क्षोभमंडल, समताप मंडल और मध्यमंडल शामिल हैं, जबकि लगभग 80 किमी की ऊँचाई के ऊपर गैसों के आणविक भार के आधार पर परतों का भिन्न संगठन पाया जाता है, जिसे 'विषममंडल' (Heterosphere) कहते हैं।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार आयनमंडल (Ionosphere) में स्थित 'डी' (D), 'ई' (E) और 'एफ' (F) परतें क्रमशः लंबी, मध्यम और लघु रेडियो तरंगों को परावर्तित करती हैं, जिससे पृथ्वी पर रेडियो संचार संभव होता है, और इस परत में ऊंचाई के साथ तापमान में तीव्र वृद्धि होती है।
3. विषुवतरेखीय निम्न वायुदाब पेटी (Equatorial Low Pressure Belt) पूरी तरह से एक गतिक रूप से प्रेरित (Dynamically Induced) वायुदाब पेटी है, जिसका निर्माण पृथ्वी के अत्यधिक घूर्णन बल (Coriolis Force) के कारण हवाओं के फैलने से होता है।
4. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियों (Subtropical High Pressure Belts) को 'हॉर्स लैटीट्यूड' (Horse Latitudes) कहा जाता है, जहाँ दोनों गोलार्द्धों में उच्च वायुदाब के कारण हवाएँ नीचे बैठती हैं (Subsidence), जिससे यहाँ मौसम प्रायः शांत, मेघहीन और प्रतिचक्रवातीय दशाओं वाला होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों (कोयला, पेट्रोलियम, परमाणु खनिज) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में गोंडवाना युग का कोयला मुख्य रूप से दामोदर, सोन, महानदी और गोदावरी घाटियों में पाया जाता है, और देश के कुल कोयला भंडार और उत्पादन का लगभग 98% से अधिक हिस्सा इसी संरचना से प्राप्त होता है।
2. राजस्थान में स्थित 'पचपदरा' और गुजरात में 'अंकलेश्वर' क्षेत्र क्रूड ऑयल (पेट्रोलियम) के प्रमुख उत्पादक हैं, जबकि मुंबई हाई देश का सबसे बड़ा अपतटीय (Offshore) पेट्रोलियम क्षेत्र है जो खंभात की खाड़ी के मियोसीन युगीन संस्तर पर स्थित है।
3. भारत में थोरियम का मुख्य स्रोत 'मोनाज़िट' (Monazite) रेत है, जो केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है, और केरल के चावरा तथा मनवलकुरिची इसके प्रमुख खनन केंद्र हैं।
4. यूरेनियम के उत्पादन में झारखंड का 'जादुगुड़ा' खान देश की पहली और सबसे प्रसिद्ध खदान है, इसके अलावा मेघालय के डोमियथियांग (Domiasiat) क्षेत्र में भी यूरेनियम के विशाल भंडार पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, स्थिति और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, और इसका देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतरों के बीच है, जिससे इसके अक्षांश और देशांतर दोनों का विस्तार लगभग 30° का बनता है।
2. भारत का सबसे पूर्वी बिंदु 'किबिथु' (Kibithu) अरुणाचल प्रदेश में स्थित है और सबसे पश्चिमी बिंदु 'गुहार मोती' (Ghuar Mota) गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है, जिनके स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर पाया जाता है।
3. भारत के मध्य से गुजरने वाली मानक मध्याह्न रेखा (Standard Meridian) 82°30' पूर्व देशांतर है, जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश कुल पाँच राज्यों से होकर गुजरती है और यह ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5 घंटे 30 मिनट आगे है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की उत्तर से दक्षिण की कुल लंबाई लगभग 3,214 किमी और पूर्व से पश्चिम की कुल चौड़ाई लगभग 2,933 किमी है, तथा कर्क रेखा (23°30' उत्तर) देश के लगभग बीचों-बीच आठ राज्यों से गुजरती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सौर मंडल के बाह्य ग्रहों (Jovian Planets) और उनकी विशिष्ट विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बृहस्पति (Jupiter) सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह है, जिसके वायुमंडल में मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैसें पाई जाती हैं, और इसका 'गेनिमीड' (Ganymede) उपग्रह सौर मंडल का सबसे बड़ा प्राकृतिक उपग्रह है जो आकार में बुध ग्रह से भी बड़ा है।
2. शनि (Saturn) का घनत्व जल के घनत्व से भी कम है, जिसका अर्थ है कि यदि इसे किसी विशाल महासागर में रखा जाए तो यह उसमें तैरने लगेगा, और इसके चारों ओर पाई जाने वाली प्रमुख वलय प्रणालियाँ मुख्य रूप से बर्फ के टुकड़ों और धूल कणों से निर्मित हैं।
3. अरुण (Uranus) और वरुण (Neptune) को 'बर्फ़ीले दिग्गज' (Ice Giants) कहा जाता है क्योंकि इनके आंतरिक भाग में चट्टानी सिलिकेट्स के साथ-साथ जल, अमोनिया और मीथेन के जमे हुए यौगिकों की प्रधानता होती है, और अरुण अपनी अत्यधिक झुकी हुई अक्षीय स्थिति के कारण 'लेटा हुआ ग्रह' कहलाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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